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पर्यावरण संकट के कारणों का अध्ययन पर्यावरण चेतना यात्रा का उद्देश्य
Updated Sun, 17 Dec 2017 11:17 PM IST
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मऊ। जनपद में जन जन तक पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरुक करने के लिए भ्रमण कर रही पर्यावरण चेतना यात्रा रविवार की सुबह दोहरीघाट ब्लाक क्षेत्र के गोंठा में स्थित मोटल तथागत पहुंची। चेतना यात्रा को आगे के लिए रवाना करते हुए वन एवं पर्यावरण मंत्री दारा सिंह चौहान ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, वन विभाग की यह संयुक्त पहल पर्यावरण शिक्षा का नया अध्याय प्रस्तुत करेगी। स्वागत प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी घनश्याम ने कहा कि प्रदूषण और पर्यावरण संकट के कारणों का अध्ययन कर वैज्ञानिक व्यवहार का मार्ग तलाशना ही पर्यावरण चेतना यात्रा का उद्देश्य है।
मनीष चौहान ने पर्यावरण एवं श्रीधर प्रसाद ने नदियों के संरक्षण पर बल दिया। गोंठा से पर्यावरण चेतना यात्रा जवाहर नवोदय विद्यालय कसारा पहुंची।स्कूल के प्रधानाचार्य एसएन राम ने यात्रा के साथ चल रहे लोगों का फूल मालाओं से स्वागत किया। इस अवसर पर विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए आजमगढ़ मंडल के वन रक्षक रमेशचन्द्र झा ने कहा कि वन हमारी संस्कृति है और हमें अपनी संस्कृति की विरासत को बचाना होगा। आजमगढ़ के डीएफओ एसएन मिश्रा ने कहा कि यह यात्रा पर्यावरण नवजागरण की यात्रा है। अध्यक्षता कर रहे डीएफओ मऊ संजय विसवाल ने कहा कि जवाहर नवोदय विद्यालय ग्रामीण संस्कृति मेें श्रेष्ठ भारत के निर्माण के सपने को साकार कर रहा है। संस्कृतिकर्मी एवं लेखक राजीव रंजन ने कहा कि पूर्वांचल के मध्य क्षेत्र में संचालित यह यात्रा ज्ञान के मंदिरों में पर्यावरण विमर्श का मंच बन गयी है। इस अवसर पर डा. शाहनवाज,अंजुला राय, क्षेत्रीय वन अधिकारी अजय शंकर शुक्ल, वन दरोगा अश्विनी कुमार राय आदि रहे।
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मनीष चौहान ने पर्यावरण एवं श्रीधर प्रसाद ने नदियों के संरक्षण पर बल दिया। गोंठा से पर्यावरण चेतना यात्रा जवाहर नवोदय विद्यालय कसारा पहुंची।स्कूल के प्रधानाचार्य एसएन राम ने यात्रा के साथ चल रहे लोगों का फूल मालाओं से स्वागत किया। इस अवसर पर विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए आजमगढ़ मंडल के वन रक्षक रमेशचन्द्र झा ने कहा कि वन हमारी संस्कृति है और हमें अपनी संस्कृति की विरासत को बचाना होगा। आजमगढ़ के डीएफओ एसएन मिश्रा ने कहा कि यह यात्रा पर्यावरण नवजागरण की यात्रा है। अध्यक्षता कर रहे डीएफओ मऊ संजय विसवाल ने कहा कि जवाहर नवोदय विद्यालय ग्रामीण संस्कृति मेें श्रेष्ठ भारत के निर्माण के सपने को साकार कर रहा है। संस्कृतिकर्मी एवं लेखक राजीव रंजन ने कहा कि पूर्वांचल के मध्य क्षेत्र में संचालित यह यात्रा ज्ञान के मंदिरों में पर्यावरण विमर्श का मंच बन गयी है। इस अवसर पर डा. शाहनवाज,अंजुला राय, क्षेत्रीय वन अधिकारी अजय शंकर शुक्ल, वन दरोगा अश्विनी कुमार राय आदि रहे।
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