फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Mau News ›   17,000 income tax payers and 2,000 car owners are claiming ration by posing as poor.17,000 income tax payers and 2,000 car owners are claiming ration by posing as poor.

Mau News: 17 हजार आयकरदाता, 2000 कार मालिक गरीब बनकर ले रहे हैं राशन

Tue, 14 Oct 2025 11:45 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 14 Oct 2025 11:45 PM IST
विज्ञापन
17,000 income tax payers and 2,000 car owners are claiming ration by posing as poor.17,000 income tax payers and 2,000 car owners are claiming ration by posing as poor.
कलेक्ट्रेट ​स्थित मुख्य भवन
मऊ। जिले में पूर्ती विभाग की ओर से पंजीकृत लाभार्थियों का सत्यापन में नया खुलासा हुआ है, यहां 21255 अपात्र लोग गरीबों का राशन ले रहे हैं। इसमें 17 हजार तो आयकर देने वाले हैं। इसके अलावा 77 बड़े कारोबारी और 926 बड़े किसान हैं जिनके नाम पर पांच एकड़ से ज्यादा की जमीन है। अब पूर्ति विभाग इनको अपात्र करने के साथ रिपोर्ट तैयार कर रहा है। वर्षें से अब तक यह अपात्र हर महीने जरूरतमंद लोगों के हक पर डाका डाल रहे थे, लेकिन खुलासा अब जाकर हुआ। अभी भी विभागीय अधिकारी पारदर्शिता से कार्रवाई करें तो अभी और हजारों अपात्र लोगों की पहचान साबित होगी।
विज्ञापन

बताते चलें कि जिले के सदर तहसील, मधुबन, घोसी और मुहम्मदाबाद गोहना में तीन लाख 83 हजार 400 राशन कार्ड धारक हैं। इसमें अंत्योदय कार्ड धारक 56574 जबकि पात्र गृहस्थी कार्ड धारक 326826 हैं। अगर कुल यूनिट की बात करें तो यह संख्या 16 लाख 35 हजार 352 है। इसमें 1441511 पात्र गृहस्थी की यूनिट व 193841 अंत्योदय की यूनिट शामिल है। शासन के निर्देश पर विभाग ने सितंबर में इसको लेकर सत्यापन के संबंध में विशेष अभियान चलाया। जांच में पाया कि 10 हजार ऐसे लोग हैं जो आयकर के दायरे में शामिल हैं ओर हर वर्ष दो लाख आयकर जमा कर रहे हैं। वहीं 6 हजार से अधिक लोग तीन लाख का आयकर देने वाले मिले, जबकि 2 हजार से अधिक कार मालिक मिले। वहीं जीएसटी जमा करने वाले 77 कारोबारी के साथ 926 किसान जिनके नाम पर पांच एकड़ से ज्यादा जमीन है वह भी सरकारी राशन लेने की लिस्ट में शामिल मिले।
विज्ञापन

कोट
अपात्र मिले लोगों का नाम राशन कार्ड से हटाया जाएगा, साथ ही यह कब से राशन ले रहे हैं। इसकी रिपोर्ट तैयार कर शासन स्तर पर भेजी जाएगी।
राघवेंद्र, जिला पूर्ती अधिकारी
-----------------------------
विज्ञापन
विज्ञापन

आपदा में उठाया अवसर का लाभ
कोरोना काल में अपात्र लोग राशन योजना से जुड़े, लेकिन सवाल यह है कि इतने वर्षों से विभाग की ओर से अब तक कोई सत्यापन क्यों नहीं किया गया है। बताते चलें कि सरकारी राशन पात्र गृहस्थी को प्रति सदस्य पांच किग्रा जबकि अंत्योदय कार्डधारक को 35 किग्रा खाद्यान्न हर महीने उपलब्ध कराया जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed