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12 गांवों में चरमराई सफाई व्यवस्था
Updated Fri, 29 Jun 2018 01:04 AM IST
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क्षेत्र के 12 से अधिक गांवों में सफाई व्यवस्था चरमरा गई है। ऐसा सफाईकर्मियों के उदासीन रवैया अपनाने से हो रहा। नतीजतन जगह-जगह कूड़ों कचरों का ढेर लोगों की मुसीबत बढ़ा रहा। जाम नालियों के साफ न होने से संपर्क मार्गो पर जलभराव हो रहा तो कूड़ों से उठ रही दुर्गंध लोगाें का जीना मुश्किल किए है। शिकायत के बाद भी समस्या जस की तस है।
गांवों में सफाई व्यवस्था को चुस्त दुरुस्त करने के लिए सफाईकर्मियों की तैनाती की गई, बावजूद विभागीय लापरवाही से गांवों में सफाई व्यवस्था की स्थिति बद से बदतर होती जा रही है। प्रत्येक गांव में दो से तीन सफाईकर्मियों की तैनाती की गई है। ग्रामीणों की मानें तो सिपाह इब्राहिमाबाद, खुर्द, धर्मपुर कसायर, मखमेलपुर, बीबीपुर, अकोल्ही मुबारकपुर, कुचाई इनामीपुर, मीरपुर दरियाबाद सहित एक दर्जन गांवों मेें सफाईकर्मियों के लंबे समय काम पर नहीं आ रहे। जबकि सफाईकर्मी विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत से हर माह वेतन उठा रहे हैं। सार्वजनिक नालियों के जाम होने से गंदा पानी जगह-जगह जमा होने से आना जाना मुश्किल हो गया है। मच्छरजनित बीमारियों से लोग टाइफाइड, मलेरिया, बुखार सहित विभिन्न बीमारियों से ग्रसित लोग विभिन्न अस्पतालों में इलाज करा रहे हैं।
क्षेत्र के देवेंद्र सिंह, जितेंद्र सिंह, राधेश्याम खरवार, हरिंद्र प्रजापति, कैलाश यादव, पारसनाथ यादव, रामजीत मौर्य, संजू यादव,विजय राजभर,मंगेश का कहना है कि सार्वजनिक ीनालियां बजबजा रही हैं। राह चलना मुश्किल हो गया है। कहा कि सफाई व्यवस्था को चुस्त दुरुस्त नहीं किया गया तो हम लोग आंदोलन करने के लिए बाध्य हो जाएंगे।
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इस बाबत खंड विकास अधिकारी घोसी हरिवंश प्रसाद का कहना है कि गांवों का औचक निरीक्षण किया जाएगा। जांच में गायब मिलने वाले सफाईकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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गांवों में सफाई व्यवस्था को चुस्त दुरुस्त करने के लिए सफाईकर्मियों की तैनाती की गई, बावजूद विभागीय लापरवाही से गांवों में सफाई व्यवस्था की स्थिति बद से बदतर होती जा रही है। प्रत्येक गांव में दो से तीन सफाईकर्मियों की तैनाती की गई है। ग्रामीणों की मानें तो सिपाह इब्राहिमाबाद, खुर्द, धर्मपुर कसायर, मखमेलपुर, बीबीपुर, अकोल्ही मुबारकपुर, कुचाई इनामीपुर, मीरपुर दरियाबाद सहित एक दर्जन गांवों मेें सफाईकर्मियों के लंबे समय काम पर नहीं आ रहे। जबकि सफाईकर्मी विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत से हर माह वेतन उठा रहे हैं। सार्वजनिक नालियों के जाम होने से गंदा पानी जगह-जगह जमा होने से आना जाना मुश्किल हो गया है। मच्छरजनित बीमारियों से लोग टाइफाइड, मलेरिया, बुखार सहित विभिन्न बीमारियों से ग्रसित लोग विभिन्न अस्पतालों में इलाज करा रहे हैं।
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क्षेत्र के देवेंद्र सिंह, जितेंद्र सिंह, राधेश्याम खरवार, हरिंद्र प्रजापति, कैलाश यादव, पारसनाथ यादव, रामजीत मौर्य, संजू यादव,विजय राजभर,मंगेश का कहना है कि सार्वजनिक ीनालियां बजबजा रही हैं। राह चलना मुश्किल हो गया है। कहा कि सफाई व्यवस्था को चुस्त दुरुस्त नहीं किया गया तो हम लोग आंदोलन करने के लिए बाध्य हो जाएंगे।
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इस बाबत खंड विकास अधिकारी घोसी हरिवंश प्रसाद का कहना है कि गांवों का औचक निरीक्षण किया जाएगा। जांच में गायब मिलने वाले सफाईकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।