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मऊ जिले में मौजूद है 1510 क्षय रोग के मरीज
Updated Fri, 23 Feb 2018 11:48 PM IST
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मऊ । टीबी की बीमारी से ग्रसित एक मरीज के संक्रमण से दस लोग बीमार पड़ जाते हैं। जबकि टीबी का उपचार संभव है, लेकिन लापरवाही और जानकारी के अभाव में लोग इसकी चपेट में आकर दम तोड़ देते हैं। बीमारी से ग्रसित मरीजों की तलाश के लिए जिले में 25 फरवरी से जागरुकता और क्षय रोग मुक्त अभियान चलाया जाएगा। दस मार्च तक चलने वाले इस अभियान में क्षय रोग से ग्रसित मरीजों की तलाश और उनका उपचार कर उन्हें क्योर करने का कार्य किया जाएगा।
क्षय रोग मुक्त अभियान के तहत डीएम मऊ प्रकाश बिंदु ने कलेक्ट्रेट सभागार में प्रेसवार्ता की। कहा कि अभियान में 89 टीमें लगाई गई है। जिसकी मानिटरिंग का कार्य 20 सुपरवाइजर करेंगे। यह टीम नगर क्षेत्र से लेकर ग्रामीणांचल के क्षेत्रों में जाकर क्षय रोग टीबी के मरीजों की तलाश कर उनका जांच करेंगी। यह टीम उनका उपचार कर उन्हें क्योर करेगी। डीएम ने बताया कि 25 फरवरी से शुरू होकर यह अभियान दस मार्च को चलेगी। इस दौरान चिन्ह्ति किए जाने वाले मरीजों को दवा दी जाएगी। डीएम ने बताया कि अब तक मऊ जिले में 1510 मरीजों को चिन्हित कर लिया गया है। बताया कि क्षय मुक्त अभियान का उद्देश्य 2025 तक देश से क्षय रोग का उन्मूलन करना है। इस बीमारी से ग्रसितों की संख्या के आधार पर देश में उत्तर प्रदेश को पांचवें स्थान पर रखा गया है। जबकि पूरे विश्व में मौजूद मरीजों की संख्या में अकेले एक चौथाई मरीज भारत में मौजूद है। मुख्य चिकित्साधिकारी डा. सतीशचंद्र सिंह ने बताया कि एक क्षय रोगी अकेले दस लोगों को बीमार करने के लिए सक्षम है। ऐसे में इस बीमारी को समूल जड़ से मिटाने के उद्देश्य से यह अभियान 25 फरवरी से चलाया जा रहा है। पहले चरण में शहर से लेकर नौ ब्लाकों के 44,812 घरों में मौजूद 2,44,364 का परीक्षण किया जाएगा। इसके बाद अन्य की जांच कराई जाएगी। बोले पूरे जिले में कुल आबादी 24,43639 है।
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क्षय रोग मुक्त अभियान के तहत डीएम मऊ प्रकाश बिंदु ने कलेक्ट्रेट सभागार में प्रेसवार्ता की। कहा कि अभियान में 89 टीमें लगाई गई है। जिसकी मानिटरिंग का कार्य 20 सुपरवाइजर करेंगे। यह टीम नगर क्षेत्र से लेकर ग्रामीणांचल के क्षेत्रों में जाकर क्षय रोग टीबी के मरीजों की तलाश कर उनका जांच करेंगी। यह टीम उनका उपचार कर उन्हें क्योर करेगी। डीएम ने बताया कि 25 फरवरी से शुरू होकर यह अभियान दस मार्च को चलेगी। इस दौरान चिन्ह्ति किए जाने वाले मरीजों को दवा दी जाएगी। डीएम ने बताया कि अब तक मऊ जिले में 1510 मरीजों को चिन्हित कर लिया गया है। बताया कि क्षय मुक्त अभियान का उद्देश्य 2025 तक देश से क्षय रोग का उन्मूलन करना है। इस बीमारी से ग्रसितों की संख्या के आधार पर देश में उत्तर प्रदेश को पांचवें स्थान पर रखा गया है। जबकि पूरे विश्व में मौजूद मरीजों की संख्या में अकेले एक चौथाई मरीज भारत में मौजूद है। मुख्य चिकित्साधिकारी डा. सतीशचंद्र सिंह ने बताया कि एक क्षय रोगी अकेले दस लोगों को बीमार करने के लिए सक्षम है। ऐसे में इस बीमारी को समूल जड़ से मिटाने के उद्देश्य से यह अभियान 25 फरवरी से चलाया जा रहा है। पहले चरण में शहर से लेकर नौ ब्लाकों के 44,812 घरों में मौजूद 2,44,364 का परीक्षण किया जाएगा। इसके बाद अन्य की जांच कराई जाएगी। बोले पूरे जिले में कुल आबादी 24,43639 है।
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