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जांच टीम गठित होने के चार माह बाद भी नहीं शुरू हो सकी जांच
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मऊ। कोपागंज ब्लाक क्षेत्र के भवनाथपुर गांव में वर्ष 2014-15 से 2018 तक गांव में कराए गए विकास कार्यों में व्यापक पैमाने पर बरती गई अनियमितता के मामले में जिला प्रशासन की तरफ से चार माह पूर्व दो सदस्यीय समिति का गठन तो किया गया, लेकिन अभी तक जांच प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी है। वित्तीय अनियमितता जारी रहने से ग्रामीणों को योजनाओं का सही तरीके से लाभ नहीं मिल पा रहा है। शिकायत के बाद भी सुनवाई न होने से परेशान ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर न्याय की गुहार लगाई है।
गिरीश कुमार के नेतृत्व में ग्रामीणों ने 19 नवंबर 2018 को शपथ पत्र के माध्यम से जिलाधिकारी को 20 सूत्री ज्ञापन सौंपा था। ग्रामीणों का आरोप था कि गांव में कराए गए विकास कार्यों में व्यापक पैमाने पर वित्तीय अनियमितता बरती गई है। गांव में पोखरी खुदाई दिखाया गया है, लेकिन उक्त पोखरी की खुदाई जिला पंचायत द्वारा कराया गया है। मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्कालीन जिलाधिकारी प्रकाश बिंदु ने मामले की जांच के लिए 21 जनवरी 2019 को दो सदस्यीय जांच टीम का गठन किया था। जांच टीम में महा प्रबंधक जिला उद्योग केंद्र अध्यक्ष, सहायक अभियंता जल निगम को सदस्य नियुक्त किया गया था। टीम गठित होने के बाद चार माह बीत गया, लेकिन अभी तक जांच प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी है।
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गिरीश कुमार के नेतृत्व में ग्रामीणों ने 19 नवंबर 2018 को शपथ पत्र के माध्यम से जिलाधिकारी को 20 सूत्री ज्ञापन सौंपा था। ग्रामीणों का आरोप था कि गांव में कराए गए विकास कार्यों में व्यापक पैमाने पर वित्तीय अनियमितता बरती गई है। गांव में पोखरी खुदाई दिखाया गया है, लेकिन उक्त पोखरी की खुदाई जिला पंचायत द्वारा कराया गया है। मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्कालीन जिलाधिकारी प्रकाश बिंदु ने मामले की जांच के लिए 21 जनवरी 2019 को दो सदस्यीय जांच टीम का गठन किया था। जांच टीम में महा प्रबंधक जिला उद्योग केंद्र अध्यक्ष, सहायक अभियंता जल निगम को सदस्य नियुक्त किया गया था। टीम गठित होने के बाद चार माह बीत गया, लेकिन अभी तक जांच प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी है।
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