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...सल्फास की गोली है, और चूस के खाना है
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बीबीपुर गांव में गुरुवार की रात उर्दू अदब सोसाइटी के तत्वाधान में जश्ने ईद पर मुशायरा और कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। शायरों ने अपनी नज्मों और गजलों से लोगों की वाहवाही लूटी और रातभर समा बनाए रखा। शायरों ने अपने कलामों से आपसी भाईचारे का संदेश दिया।
समाजसेवी सैयद जफर आलम की सरपरस्ती व हाजी मुशीर अहमद की सदारत में चले इस मुशायरे का आगाज तज्जू उदास की नाते पाक से हुआ। इसके बाद रफी अहमद, विपिन बिहारी पाठक, शाकिर इलाहाबादी, नदीम अहमद, ताहिर अब्बासी, पंकज चतुर्वेदी, परवेज उस्मानी व अतीक आलम ने जहां संवेदनशील शायरी से अमन व भाईचारे का पैगाम दिया वहीं डा. ताहिर चिराग ने ‘ये इश्क नहीं आसां बस इतना सा समझ लीजिए, सल्फास की गोली है और चूस के खाना है’ से लोगों को लोटपोट कर दिया। शुजाउद्दीन उस्मानी के निजामत में चले इस मुशायरे को कामयाब बनाने के लिये जहां उर्दू अदब सोसाइटी के सदर शन्नू आजमी समेत नईमुलहक, अफ़जल महफूज, अजहरुद्दीन, नौशाद उस्मानी, काजी नेहाल अहमद आदि ने अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई वहीं शायरों व कवियों के उत्साहवर्धन के लिये रामकृष्ण यादव, डा. अब्दुल मुजीब, सेराज अहमद, ताजुद्दीन, पूर्व प्रधान मुन्ना गुप्ता, सुहेल अहमद, फैसल सिद्दीकी, मजहर उस्मानी, मु. आसिफ, नसीम अख्तर समेत काफी संख्या में लोगों ने शायरों और कवियों को भरपूर दादों से नवाजा। संयोजक व उर्दू अदब सोसाइटी के सदर शन्नू आजमी ने आए हुए लोगों को शुक्रिया अदा किया।
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समाजसेवी सैयद जफर आलम की सरपरस्ती व हाजी मुशीर अहमद की सदारत में चले इस मुशायरे का आगाज तज्जू उदास की नाते पाक से हुआ। इसके बाद रफी अहमद, विपिन बिहारी पाठक, शाकिर इलाहाबादी, नदीम अहमद, ताहिर अब्बासी, पंकज चतुर्वेदी, परवेज उस्मानी व अतीक आलम ने जहां संवेदनशील शायरी से अमन व भाईचारे का पैगाम दिया वहीं डा. ताहिर चिराग ने ‘ये इश्क नहीं आसां बस इतना सा समझ लीजिए, सल्फास की गोली है और चूस के खाना है’ से लोगों को लोटपोट कर दिया। शुजाउद्दीन उस्मानी के निजामत में चले इस मुशायरे को कामयाब बनाने के लिये जहां उर्दू अदब सोसाइटी के सदर शन्नू आजमी समेत नईमुलहक, अफ़जल महफूज, अजहरुद्दीन, नौशाद उस्मानी, काजी नेहाल अहमद आदि ने अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई वहीं शायरों व कवियों के उत्साहवर्धन के लिये रामकृष्ण यादव, डा. अब्दुल मुजीब, सेराज अहमद, ताजुद्दीन, पूर्व प्रधान मुन्ना गुप्ता, सुहेल अहमद, फैसल सिद्दीकी, मजहर उस्मानी, मु. आसिफ, नसीम अख्तर समेत काफी संख्या में लोगों ने शायरों और कवियों को भरपूर दादों से नवाजा। संयोजक व उर्दू अदब सोसाइटी के सदर शन्नू आजमी ने आए हुए लोगों को शुक्रिया अदा किया।
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