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एनजीटी के के वैज्ञानिकों ने तीन स्थानों से लिए तमसा के पानी के नमूने
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मऊ। राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण ( एनजीटी) के चेयरमैन जस्टिस डीपी सिंह के नेतृत्व में टीम ने शनिवार को कचरा निस्तारण प्रबंधन एवं तमसा नदी के प्रदूषण की जानकारी ली। टीम ने तमसा में गिर रहे नालों को देखकर नाराजगी जताई। नदी से तीन स्थानों पर पानी के नमूने लिया। नदी के किनारे 56 किलोमीटर में सघन पौध रोपण के निर्देश दिया। पांच किलोमीटर में गिरने वाले नालों को रेस्टोर करने का निर्देश दिया। जिला अस्पताल में गंदगी से होने वाले प्रदूषण पर चिंता जताया और इसे ठीक करने की हिदायत दी।
चेयरमैन जस्टिस डीपी सिंह की टीम सबसे पहले वे जिला अस्पताल के आकस्मिक चिकित्सा विभाग में पहुंचे तथा सीएमएस व सीएमओ के साथ वार्डों का जायजा लिया। यहां पर गंदगी के साथ ही मेडिकल वेस्टेज का सही निस्तारण न होने पर चिंता जताई। सीएमएस को इसे मानक के अनुरूप निस्तारित कराने का निर्देश दिया। इसके बाद वे सीधे तमसा नदी के ढेकुलियाघाट पुल पहुंचे और वहीं से वैज्ञानिकों की टीम के साथ तमसा का निरीक्षण किया। पुल से तमसा के काले पानी को देखकर उन्होंने नदी की हालत चिंताजनक बताई और जिलाधिकारी से नदी को प्रदूषण मुक्त बनाए जाने की दिशा में ठोस पहल करने का निर्देश दिया। वैज्ञानिकों ने भदेसरा , ढेकुलियाघाट और भीटी से तमसा नदी के पानी का नमूना जांच के लिए लिया।
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चेयरमैन जस्टिस डीपी सिंह की टीम सबसे पहले वे जिला अस्पताल के आकस्मिक चिकित्सा विभाग में पहुंचे तथा सीएमएस व सीएमओ के साथ वार्डों का जायजा लिया। यहां पर गंदगी के साथ ही मेडिकल वेस्टेज का सही निस्तारण न होने पर चिंता जताई। सीएमएस को इसे मानक के अनुरूप निस्तारित कराने का निर्देश दिया। इसके बाद वे सीधे तमसा नदी के ढेकुलियाघाट पुल पहुंचे और वहीं से वैज्ञानिकों की टीम के साथ तमसा का निरीक्षण किया। पुल से तमसा के काले पानी को देखकर उन्होंने नदी की हालत चिंताजनक बताई और जिलाधिकारी से नदी को प्रदूषण मुक्त बनाए जाने की दिशा में ठोस पहल करने का निर्देश दिया। वैज्ञानिकों ने भदेसरा , ढेकुलियाघाट और भीटी से तमसा नदी के पानी का नमूना जांच के लिए लिया।
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