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अधिकाशं पोखरों में उड़ रही धूल
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शासन की तरफ से जल संचयन के लिए ग्रामीण इलाकों मे लाखों की लागत से खुदवाए गए पोखरे शो पीस बनकर रह गए हैं। अधिकांश गांवों में खुदवाए गए पोखरों में धूल उड़ रही है। यही नहीं नहरी क्षेत्रों में भी तालाब सूखे पड़े हैं। ऐसे में भीषण गर्मी में वन्य जीव जंतुओं तक को पानी नहीं मिल रहा। पारा 42 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जा रहा है। सब कुछ जानते हुए विभागीय अधिकारी मौन हैं।
जिले में 684 ग्राम पंचायतें हैं। जल संचयन के लिए शासन की तरफ से दो से पांच लाख की लागत से प्रत्येक गांवों में दो से ज्यादा पोखरे खुदवाए गए हैं। इसके अलावा नहरी क्षेत्रों तथा आसपास के पोखरों में शासन की तरफ से पानी भरवाने का फरमान जारी किया गया था। लेकिन चुनाव के चलते विभाग की तरफ से आदेश को दरकिनार कर दिया गया। अधिकांश गांवों में लाखों की लागत से खुदवाए गए पोखरों में पानी ही नहीं है। यही नहीं दोपहरीघाट पंप कैनाल मुख्य नहर तथा माइनरों के आसपास के तालाबों को भरवाया नहीं जा सका है। जबकि नहरों तथा माइनरों से नाली बनवाकर पोखरों को भरा जाना था। हालत यह है कि भीषण गर्मी के मौसम मेें पोखरों में पानी न होने से वन्य जीव जंतुओं को प्यास बुझाने के लिए तड़पना पड़ रहा है।
बोझी बाजार : बड़रांव ब्लाक क्षेत्र में 72 ग्राम पंचायतों में 204 पोखरे हैं। इसमे 24 पोखरों में नाम मात्र पानी रह गया है। लगभग दो से पांच लाख की लागत से खुदवाए गए अधिकांश पोखरे बेकार साबित हो रहे हैं। शारदा सहायक खंड 32 काफी समय से सूखी पड़ी है।
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दोहरीघाट / कुसुम्हा : दोहरीघाट ब्लाक क्षेत्र 74 गांवों में 250 पोखरे हैं। मात्र 40 पोखरियों में नाम मात्र पानी रह गए हैं। नहर क्षेत्र के इलाकों के तालाबों में भी पानी भरवाने का काम कागज पर चल रहा है। शिकायत के बाद भी अधिकारी उदासीनता बरत रहे। मधुबन : फतहपुर मंडाव ब्लाक क्षेत्र में 78 ग्राम पंचायतों में 150 पोखरे हैं। इसमें मात्र 53 पोखरों में ही पानी है।
मुहम्मदाबाद गोहना : ब्लाक क्षेत्र में 81गांवों में 170 पोखरों के सापेक्ष 40 पोखरों में ही पानी नाम मात्र बचा है। घोसी : ब्लाक क्षेत्र में 72 गांवों में 600 पोखरे हैं। इसमें मात्र 200 पोखरों में ही पानी रह गया है। रतनपुरा : ब्लाक क्षेत्र के 77 गांवों में 300 पोखरे हैं। इसमें से मात्र 25 में ही पानी रह गया है। कोपागंज : ब्लाक क्षेत्र में 81 गांवों में 162 पोखरे हैं। इसमें से मात्र 22 पोखरों में नाम मात्र पानी रह गया है।
कोट
सोलर पंप सहित नहर से पोखरों में पानी भरवाने का निर्देश दिया गया है। ब्लाकवार रिपोर्ट मांगी गई है।
एसपी श्रीवास्तव, परियोजना निदेशक जिला ग्राम्य विकास अभिकरण
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जिले में 684 ग्राम पंचायतें हैं। जल संचयन के लिए शासन की तरफ से दो से पांच लाख की लागत से प्रत्येक गांवों में दो से ज्यादा पोखरे खुदवाए गए हैं। इसके अलावा नहरी क्षेत्रों तथा आसपास के पोखरों में शासन की तरफ से पानी भरवाने का फरमान जारी किया गया था। लेकिन चुनाव के चलते विभाग की तरफ से आदेश को दरकिनार कर दिया गया। अधिकांश गांवों में लाखों की लागत से खुदवाए गए पोखरों में पानी ही नहीं है। यही नहीं दोपहरीघाट पंप कैनाल मुख्य नहर तथा माइनरों के आसपास के तालाबों को भरवाया नहीं जा सका है। जबकि नहरों तथा माइनरों से नाली बनवाकर पोखरों को भरा जाना था। हालत यह है कि भीषण गर्मी के मौसम मेें पोखरों में पानी न होने से वन्य जीव जंतुओं को प्यास बुझाने के लिए तड़पना पड़ रहा है।
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बोझी बाजार : बड़रांव ब्लाक क्षेत्र में 72 ग्राम पंचायतों में 204 पोखरे हैं। इसमे 24 पोखरों में नाम मात्र पानी रह गया है। लगभग दो से पांच लाख की लागत से खुदवाए गए अधिकांश पोखरे बेकार साबित हो रहे हैं। शारदा सहायक खंड 32 काफी समय से सूखी पड़ी है।
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दोहरीघाट / कुसुम्हा : दोहरीघाट ब्लाक क्षेत्र 74 गांवों में 250 पोखरे हैं। मात्र 40 पोखरियों में नाम मात्र पानी रह गए हैं। नहर क्षेत्र के इलाकों के तालाबों में भी पानी भरवाने का काम कागज पर चल रहा है। शिकायत के बाद भी अधिकारी उदासीनता बरत रहे। मधुबन : फतहपुर मंडाव ब्लाक क्षेत्र में 78 ग्राम पंचायतों में 150 पोखरे हैं। इसमें मात्र 53 पोखरों में ही पानी है।
मुहम्मदाबाद गोहना : ब्लाक क्षेत्र में 81गांवों में 170 पोखरों के सापेक्ष 40 पोखरों में ही पानी नाम मात्र बचा है। घोसी : ब्लाक क्षेत्र में 72 गांवों में 600 पोखरे हैं। इसमें मात्र 200 पोखरों में ही पानी रह गया है। रतनपुरा : ब्लाक क्षेत्र के 77 गांवों में 300 पोखरे हैं। इसमें से मात्र 25 में ही पानी रह गया है। कोपागंज : ब्लाक क्षेत्र में 81 गांवों में 162 पोखरे हैं। इसमें से मात्र 22 पोखरों में नाम मात्र पानी रह गया है।
कोट
सोलर पंप सहित नहर से पोखरों में पानी भरवाने का निर्देश दिया गया है। ब्लाकवार रिपोर्ट मांगी गई है।
एसपी श्रीवास्तव, परियोजना निदेशक जिला ग्राम्य विकास अभिकरण