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आचरण और संस्कार सिखाती है रामचरितमानस मानस की कथा
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दोहरीघाट ब्लाक क्षेत्र के गोठा के रामलीला मैदान में चल रही संगीतमय रामकथा के तीसरे दिन गाजीपुर से पधारे मानस मर्मज्ञ पं. विनोद मिश्र ने कहा कि आज हमारी सनातन संस्कृति पर हमले हो रहे हैं। हम अपनी बूढ़ी मां को अनाथालय में छोड़ कर तीर्थयात्रा पर निकल रहे हैं। एक देवी का अपमान कर दूसरे देवी को मनाने जा रहे यह घनघोर पाप है। आपको उस तीर्थयात्रा से कोई पुण्य मिलने वाला नहीं।
उन्होंने कहा कि जब-जब पृथ्वी पर अधर्म बढ़ता है तब-तब धर्म की हानि होती है और परमात्मा धर्म की रक्षा करने के लिये अनेक रूप धारण कर पृथ्वी पर अवतरित होते हैं। रावण का अत्याचार इतना बढ़ गया था कि देवता और ऋषि सभी त्रस्त थे, तब राम को पृथ्वी पर आना पड़ा और उस पापी का संहार करना पड़ा। राम के आदर्शों को अपने जीवन में उतारने से जीवन सुधर जाएगा। कभी मां को कष्ट मत देना। भजनों के माध्यम से सुनाया कि बुढ़ापे में कमर टूटी झुकी मां से नहीं मिलता। अकेली गांव में रोती दुखी मां से नहीं मिलता। कभी पल भर में अलग होता न था जो मां के आंचल से, बड़ा होकर वही बेटा उसी मां से नही मिलता सुनाकर मां के दर्द को उकेरा। समाज को आइना दिखातेे हुए कहा कि रामचरितमानस मानस की कथा आचरण तथा संस्कार सिखाती है। प्रवचन के बीच-बीच में भजन सुनाकर सबको भक्ति के सागर में डुबो दिया। मुख्य यजमान राधेश्याम गुप्त की ओर से सभी श्रोताओ को प्रसाद वितरण कराया गया।
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उन्होंने कहा कि जब-जब पृथ्वी पर अधर्म बढ़ता है तब-तब धर्म की हानि होती है और परमात्मा धर्म की रक्षा करने के लिये अनेक रूप धारण कर पृथ्वी पर अवतरित होते हैं। रावण का अत्याचार इतना बढ़ गया था कि देवता और ऋषि सभी त्रस्त थे, तब राम को पृथ्वी पर आना पड़ा और उस पापी का संहार करना पड़ा। राम के आदर्शों को अपने जीवन में उतारने से जीवन सुधर जाएगा। कभी मां को कष्ट मत देना। भजनों के माध्यम से सुनाया कि बुढ़ापे में कमर टूटी झुकी मां से नहीं मिलता। अकेली गांव में रोती दुखी मां से नहीं मिलता। कभी पल भर में अलग होता न था जो मां के आंचल से, बड़ा होकर वही बेटा उसी मां से नही मिलता सुनाकर मां के दर्द को उकेरा। समाज को आइना दिखातेे हुए कहा कि रामचरितमानस मानस की कथा आचरण तथा संस्कार सिखाती है। प्रवचन के बीच-बीच में भजन सुनाकर सबको भक्ति के सागर में डुबो दिया। मुख्य यजमान राधेश्याम गुप्त की ओर से सभी श्रोताओ को प्रसाद वितरण कराया गया।
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