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अकीदतमंदों से गुलजार रहा आस्ताना
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घोसी के सोमारीडीह गांव में हजरत अल्लामा मुफ्ती हाफिजुल्लाह का सालाना उर्स मंगलवार की देर शाम अकीदत के साथ मनाया गया। जाइरीन ने आस्ताने पर हाजिरी लगाई और फातिहा पढ़ कर मन्नतें मांगी। गागर चादर का जुलूृस निकाला और आस्ताने पर चादरपोशी की। रात में हुए जलसे में उलेमा ने बुजुर्गाने दीन की अहमियत पर रोशनी डाली।
मौलाना नईम व मुफ़्ती रफी अहमद कानपुरी ने कहा कि मुफ़्ती हाफिजुल्लाह ने अपना जीवन समाज के साथ इस्लाम के लिए समर्पित कर दिया। कानपुर में आपके द्वारा इल्म की फैलाई गई रोशनी आज भी जिंदा है। आपने पूरा जीवन बिना किसी भेदभाव के लोगों की भलाई में लगया। कार्यक्रम की शुरुआत कारी मुहम्मद अहमद की कुरान पाक की तिलावत से हुआ। जलसे की सरपरस्ती हाफिज मकबूल अशरफ, सदारत हजरत डॉ. आसिम आजमी और निजामत मुहम्मद राशिद ने किया। अल्लामा मुफ़्ती हाफिजुल्लाह के पुत्र डॉ. मलिह असगर ने आए हुए मेहमानों के साथ अक़ीदतमंदो का शुक्रिया अदा किया। कार्यक्रम में मुफ़्ती शमशाद, अकबरपुरी, गयासुद्दीन, मुहम्मद मदनी कानपुरी, कारी गुलाम आदि ने भी खिराजे अकीदत पेश की।
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मौलाना नईम व मुफ़्ती रफी अहमद कानपुरी ने कहा कि मुफ़्ती हाफिजुल्लाह ने अपना जीवन समाज के साथ इस्लाम के लिए समर्पित कर दिया। कानपुर में आपके द्वारा इल्म की फैलाई गई रोशनी आज भी जिंदा है। आपने पूरा जीवन बिना किसी भेदभाव के लोगों की भलाई में लगया। कार्यक्रम की शुरुआत कारी मुहम्मद अहमद की कुरान पाक की तिलावत से हुआ। जलसे की सरपरस्ती हाफिज मकबूल अशरफ, सदारत हजरत डॉ. आसिम आजमी और निजामत मुहम्मद राशिद ने किया। अल्लामा मुफ़्ती हाफिजुल्लाह के पुत्र डॉ. मलिह असगर ने आए हुए मेहमानों के साथ अक़ीदतमंदो का शुक्रिया अदा किया। कार्यक्रम में मुफ़्ती शमशाद, अकबरपुरी, गयासुद्दीन, मुहम्मद मदनी कानपुरी, कारी गुलाम आदि ने भी खिराजे अकीदत पेश की।
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