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नियुक्ति पत्र लेने परिवार के संग लखनऊ रवाना हुई शहीद की विधवा
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छत्तीगढ़ के सुकमा में नक्सलियों द्धारा किए गए विस्फोट में शहीद हुए भेडियाधर गांव निवासी सीआरपीएफ के जवान धर्मेंद्र यादव की विधवा उमा देवी मंगलवार को परिवार के साथ नियुक्ति पत्र लेने के लिए लखनऊ रवाना हुई। उमा को सूबे के सीएम अपने हाथों से नियुक्ति पत्र देगे। बताते चले 13 मार्च को शहीद हुए धर्मेंद्र के घर पर सांत्वना प्रकट कर आर्थिक सहायता देने आए प्रदेेश के कैबिनेट मंत्री और जिले के प्रभारी मंत्री नंद गोपाल नंदी से उमा देवी नेे प्रदेश सरकार से नौकरी देने की मांग किया था।
सुकमा में शहीद हुए सीआरपीएफ के जवान धर्मेंद्र यादव चिरैयाकोट थाना क्षेत्र के भेड़ियाधार गांव के निवासी थे, बीते 13 मार्च 2018 को नक्सलियों द्वारा बिछाए गए लैंड माइंस ब्लास्ट में धर्मेंद्र शहीद हुए थे। शहीद के परिवार को प्रदेश सरकार ने 25 लाख रुपया देने आए थे। इस दौरान शहीद की पत्नी ने उनसे परिवार के किसी सदस्य को नौकरी दिलाने की मांग किया था। इस दौरान प्रभारी मंत्री ने उन्हे आश्वासन दिया था। इसके बाद से परिवार के सदस्य शहीद की बेवा को नौकरी दिलाने का प्रयास करते रहे । इसी बीच एक मार्च को डीजीपी कार्यालय से शहीद की विधवा को नौकरी दिए जाने का एक पत्र प्राप्त हुआ। इसमें नौकरी से संबंधित सभी दस्तावेज तत्काल डीजीपी कार्यालय भेजने को कहा गया। नौकरी मिलने की खबर से शहीद के परिजन और विधवा उमा देवी काफी प्रसन्न दिखे। पुलिस धर्मेंद्र की विधवा उमा के दस्तावेजों को भेज दिया। इसके बाद मंगलवार की शाम को उमा देवी अपने परिवार के सदस्यों के साथ नियुक्ति पत्र लेने के लिए लखनऊ रवाना हुई।
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सुकमा में शहीद हुए सीआरपीएफ के जवान धर्मेंद्र यादव चिरैयाकोट थाना क्षेत्र के भेड़ियाधार गांव के निवासी थे, बीते 13 मार्च 2018 को नक्सलियों द्वारा बिछाए गए लैंड माइंस ब्लास्ट में धर्मेंद्र शहीद हुए थे। शहीद के परिवार को प्रदेश सरकार ने 25 लाख रुपया देने आए थे। इस दौरान शहीद की पत्नी ने उनसे परिवार के किसी सदस्य को नौकरी दिलाने की मांग किया था। इस दौरान प्रभारी मंत्री ने उन्हे आश्वासन दिया था। इसके बाद से परिवार के सदस्य शहीद की बेवा को नौकरी दिलाने का प्रयास करते रहे । इसी बीच एक मार्च को डीजीपी कार्यालय से शहीद की विधवा को नौकरी दिए जाने का एक पत्र प्राप्त हुआ। इसमें नौकरी से संबंधित सभी दस्तावेज तत्काल डीजीपी कार्यालय भेजने को कहा गया। नौकरी मिलने की खबर से शहीद के परिजन और विधवा उमा देवी काफी प्रसन्न दिखे। पुलिस धर्मेंद्र की विधवा उमा के दस्तावेजों को भेज दिया। इसके बाद मंगलवार की शाम को उमा देवी अपने परिवार के सदस्यों के साथ नियुक्ति पत्र लेने के लिए लखनऊ रवाना हुई।
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