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हत्या के मामले में दोषी तीन को आजीवन कारावास
Updated Fri, 08 Dec 2017 11:17 PM IST
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मऊ। जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजेंद्र कुमार ने हत्या के मामले में दोषी पाए गए तीनों आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा के साथ ही पांच- पांच हजार रुपया अर्थदंड निर्धारित किया ।अर्थदंड न देने पर तीन माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। मामला सरायलखंसी थाना क्षेत्र का है।
रानीपुर थाना क्षेत्र के बरहां गांव निवासी वादी मुकदमा बसंत कुमार यादव की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज हुई। वादी का आरोप था कि वह और उसका भाई लालबहादुर मोटर साइकिल से पलिगढ़ होते हुए अपने घर जा रहे थे। साथ में ही मोटरसाइकिल पर ब्राम्हणपुुरा गांव निवासी देवनाथ पांडेय भी बैठे थे। उसी दौरान एक अगस्त 2003 की सुबह साढेद्य आठ बजे मुकदमें बाजी की रंजिश को लेकर आरोपीगण ने तमंचे से फायर कर लालबहादुर की हत्या कर दिए। मामले में पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर बाद विवेचना बरहां गांव निवासी वीरेंद्र यादव और राजेंद्र पुत्रगण गोवर्धन, ज्ञानशंकर पुत्र वृजभान, महेंद्र पुत्र बालकुमार तथा ब्राम्हणपुरा गांव निवासी राजवंत पुत्र इंद्रजीत के विरुद्व आरोप पत्र कोर्ट में प्रेषित किया। कोर्ट में अभियोजन की ओर से पैरवी करते हुए एडीजीसी मणिबहादुर सिंह और अधिवक्ता दयाशंकर राय ने कुल सात गवाहों को पेशकर अपना पक्ष रखा। बचाव पक्ष से चार गवाहों को पेशकर तर्क दिया गया कि उन्हें झूठा फंसाया गया है। जिला जज ने दोनों पक्षों के तर्को को सुनने तथा पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद आरोपीगण वीरेंद्र यादव, राजवंत पांडेय और ज्ञानशंकर को हत्या का दोषी पाया था। शुक्रवार को सजा के प्रश्न पर सुनवाई के बाद तीनों को हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा के साथ ही पांच- पांच हजार रुपया अर्थदंड निर्धारित किया। अर्थदंड न देने पर तीन माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। वही ज्ञानशंकर और राजवंत को गाली देने के मामले में तीन माह की सजा सुनाया। वही आरोपीगण राजेंद्र यादव और महेंद्र यादव को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया।
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रानीपुर थाना क्षेत्र के बरहां गांव निवासी वादी मुकदमा बसंत कुमार यादव की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज हुई। वादी का आरोप था कि वह और उसका भाई लालबहादुर मोटर साइकिल से पलिगढ़ होते हुए अपने घर जा रहे थे। साथ में ही मोटरसाइकिल पर ब्राम्हणपुुरा गांव निवासी देवनाथ पांडेय भी बैठे थे। उसी दौरान एक अगस्त 2003 की सुबह साढेद्य आठ बजे मुकदमें बाजी की रंजिश को लेकर आरोपीगण ने तमंचे से फायर कर लालबहादुर की हत्या कर दिए। मामले में पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर बाद विवेचना बरहां गांव निवासी वीरेंद्र यादव और राजेंद्र पुत्रगण गोवर्धन, ज्ञानशंकर पुत्र वृजभान, महेंद्र पुत्र बालकुमार तथा ब्राम्हणपुरा गांव निवासी राजवंत पुत्र इंद्रजीत के विरुद्व आरोप पत्र कोर्ट में प्रेषित किया। कोर्ट में अभियोजन की ओर से पैरवी करते हुए एडीजीसी मणिबहादुर सिंह और अधिवक्ता दयाशंकर राय ने कुल सात गवाहों को पेशकर अपना पक्ष रखा। बचाव पक्ष से चार गवाहों को पेशकर तर्क दिया गया कि उन्हें झूठा फंसाया गया है। जिला जज ने दोनों पक्षों के तर्को को सुनने तथा पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद आरोपीगण वीरेंद्र यादव, राजवंत पांडेय और ज्ञानशंकर को हत्या का दोषी पाया था। शुक्रवार को सजा के प्रश्न पर सुनवाई के बाद तीनों को हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा के साथ ही पांच- पांच हजार रुपया अर्थदंड निर्धारित किया। अर्थदंड न देने पर तीन माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। वही ज्ञानशंकर और राजवंत को गाली देने के मामले में तीन माह की सजा सुनाया। वही आरोपीगण राजेंद्र यादव और महेंद्र यादव को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया।
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