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अब ग्राम पंचायतें ही कराएंगी हैंडपंपों की मरम्मत
Updated Sat, 10 Jun 2017 11:23 PM IST
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पहसा। ग्रामीणों को पेयजल की समस्याओं को लेकर अब विभाग के चक्कर नहीं काटने होंगे। नये शासनादेश के तहत सरकार ने पेयजल से जुड़ी समस्त परियोजनाओं को पंचायतों के हवाले करने का निर्देश दिया है। शासनादेश के तहत ग्राम पंचायतें अब सरकारी हैंडपंपों की मरम्मत कराने व पाइप परियोजनाओं की देखरेख करेंगी। यह कार्य पंचायतें 13वेें वित्त या राज्य वित्त के धन से संचालित करेंगी।
सरकार ने नया शासनादेश जारी कर ग्रामीण इलाकों मेे हैंडपंप व पाइप परियोजनाओं को पंचायतों के हवाले कर दिया है। शासनादेश में मुख्य सचिव राहुल भटनागर ने ग्रामीण इलाकों में स्थित इंडिया मार्क 2 हैंडपंप और पाइप परियोजनाओं को ग्राम पंचायतों को हस्तांतरित करने का निर्देश जारी किया है। यह निर्देश हैडपंपों की मरम्मत और रीबोर के लिए ग्राम पंचायतें स्वयं या कार्यदायी संस्था जल निगम या यूपी एग्रो लिमिटेड के माध्यम से कार्य करा सकती हैं। विभागीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार विभाग द्वारा नये शासनादेश के तहत कार्य करना प्रारंभ कर दिया है। ग्राम प्रधान संघ के जिलाध्यक्ष विवेकानंद यादव के अनुसार पंचायतों के कार्य पूर्ण करने के प्रमाणपत्र देने के बाद ही संबंधित ठेकेदार को भुगतान देने की व्यवस्था की गयी है।
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सरकार ने नया शासनादेश जारी कर ग्रामीण इलाकों मेे हैंडपंप व पाइप परियोजनाओं को पंचायतों के हवाले कर दिया है। शासनादेश में मुख्य सचिव राहुल भटनागर ने ग्रामीण इलाकों में स्थित इंडिया मार्क 2 हैंडपंप और पाइप परियोजनाओं को ग्राम पंचायतों को हस्तांतरित करने का निर्देश जारी किया है। यह निर्देश हैडपंपों की मरम्मत और रीबोर के लिए ग्राम पंचायतें स्वयं या कार्यदायी संस्था जल निगम या यूपी एग्रो लिमिटेड के माध्यम से कार्य करा सकती हैं। विभागीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार विभाग द्वारा नये शासनादेश के तहत कार्य करना प्रारंभ कर दिया है। ग्राम प्रधान संघ के जिलाध्यक्ष विवेकानंद यादव के अनुसार पंचायतों के कार्य पूर्ण करने के प्रमाणपत्र देने के बाद ही संबंधित ठेकेदार को भुगतान देने की व्यवस्था की गयी है।
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