{"_id":"5c2e3ea5bdec2256ed2b8fa7","slug":"131546534565-mau-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पांच गांवों में स्वच्छता कार्यो का केंद्रीय टीम ने जाना सच","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पांच गांवों में स्वच्छता कार्यो का केंद्रीय टीम ने जाना सच
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मऊ। जिले के चारों तहसील के 9 ब्लाकों के 684 गांव में हुए स्वच्छता मिशन के तहत कार्यो का भौतिक सत्यापन इन दिनों केंद्र से आयी 6 सदस्यीय टीम द्वारा किया जा रहा है। गुरुवार को टीम जिले के चार ब्लाकों के पांच गांवों में पहुंची और 100 परिवारों से शौचालय, पानी निकासी सहित दूसरे कार्यो की फीड बैक लेने का कार्य किया।
राष्ट्रीय ग्रामीण स्वच्छता सर्वेक्षण की 6 सदस्यीय टीम गुरुवार कोपागंज ब्लाक के जयसिंह और मीरपुुर रहिमाबाद गांव पहुंची। इसी तरह से दोहरीघाट की चकउथ, बड़राव के सरायसादी और मधुबन के कटाघरा शंकर मोड गांव पहुंची। टीम ने गांवों में स्वच्छता मिशन के तहत लाभार्थियों द्वारा बनवाए शौचालयों की स्थिति ग्राम प्रधान और सचिव से जानने के बाद खुद लाभार्थियों के घर पहुंचकर इसका भौतिक सत्यापन किया। इस दौरान टीम ने ग्रामीणों से गंदे पानी की निकासी, साफ सफाई, खुले में शौचमुक्त होने का दावा भी जाना। इस दौरान टीम ने पेयजल की स्थिति के साथ गांव में बीमार लोगों और उनके परिजनों के आंकड़े भी लिया।
जून माह से पहले ओडीएफ घोषित गांव का हो रहा है सत्यापन
मऊ। केंद्रीय टीम द्वारा जिला स्तर से जून 2018 से पूर्व ओडीएफ घोषित की जा चुके 98 गांवों का सत्यापन कर रही है। जहां टीम द्वारा जिला पंचायत के दावे के सच जानने के लिए हर लाभार्थियों से बातचीत करने के साथ उन्हें मिली सुविधाओं की जांच कर रही है। जांच के दौरान टीम सदस्य रिपोर्ट तैयार कर रहे है।
विज्ञापन
विज्ञापन
राष्ट्रीय ग्रामीण स्वच्छता सर्वेक्षण की 6 सदस्यीय टीम गुरुवार कोपागंज ब्लाक के जयसिंह और मीरपुुर रहिमाबाद गांव पहुंची। इसी तरह से दोहरीघाट की चकउथ, बड़राव के सरायसादी और मधुबन के कटाघरा शंकर मोड गांव पहुंची। टीम ने गांवों में स्वच्छता मिशन के तहत लाभार्थियों द्वारा बनवाए शौचालयों की स्थिति ग्राम प्रधान और सचिव से जानने के बाद खुद लाभार्थियों के घर पहुंचकर इसका भौतिक सत्यापन किया। इस दौरान टीम ने ग्रामीणों से गंदे पानी की निकासी, साफ सफाई, खुले में शौचमुक्त होने का दावा भी जाना। इस दौरान टीम ने पेयजल की स्थिति के साथ गांव में बीमार लोगों और उनके परिजनों के आंकड़े भी लिया।
विज्ञापन
जून माह से पहले ओडीएफ घोषित गांव का हो रहा है सत्यापन
मऊ। केंद्रीय टीम द्वारा जिला स्तर से जून 2018 से पूर्व ओडीएफ घोषित की जा चुके 98 गांवों का सत्यापन कर रही है। जहां टीम द्वारा जिला पंचायत के दावे के सच जानने के लिए हर लाभार्थियों से बातचीत करने के साथ उन्हें मिली सुविधाओं की जांच कर रही है। जांच के दौरान टीम सदस्य रिपोर्ट तैयार कर रहे है।
विज्ञापन