{"_id":"5c2cef05bdec2256f74c4f5a","slug":"131546448645-mau-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"स्वच्छ वार्ड प्रतिस्पर्धा में राज्यस्तरीय मूल्याकंन में फिसड्डी रहे जिले की दस निकाय","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
स्वच्छ वार्ड प्रतिस्पर्धा में राज्यस्तरीय मूल्याकंन में फिसड्डी रहे जिले की दस निकाय
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मऊ। स्वच्छता सर्वेक्षण 2019 के शुरू होने से पहले ही नगर पालिका मऊ सहित जिले की निकायों को झटका लगा है। 15 नवंबर से 15 दिसंबर तक चले राज्य स्तरीय स्वच्छता पुनरीक्षण कार्यक्रम में जिले की नगर पालिका सहित दसों निकाय को शामिल किया गया था। इसमें सभी फिसड्डी साबित हुए। जबकि 23 दिसंबर को जारी जिला स्तरीय सर्वेक्षण में तीन निकायों के पांच वार्डों को स्वच्छ पाया गया था। रेटिंग में भी स्थान मिला था।
स्वच्छता सर्वेक्षण से पूर्व वार्डों में स्वच्छता परखने के लिए नवंबर-दिसंबर में संपन्न हुए स्वच्छ प्रतियोगिता के परिणाम में जिले की 10 निकायों के 173 वार्डों में एक भी राज्य स्तरीय मूल्यांकन में जगह नहीं बना सका। इसकी वजह नगर में ठोस कचरा प्रबंधन न होना, आधारभूत सुविधाओं का अभाव और ओडीएफ न होना है।
इसके बावजूद निकायों के अधिकारी स्वच्छता सर्वेक्षण 2019 में पिछले साल से बेहतर रैंकिंग लाने का दावा कर रहे हैं। स्वच्छता सर्वेक्षण 2019 को देखते हुए प्रदेश सरकार ने 15 नवंबर से 15 दिसंबर 2018 तक प्रदेश के 652 नगर निगम, नगर पालिका और नगर पंचायतों के हजारों वार्डों में स्वच्छ वार्ड प्रतिस्पर्धा का आयोजन किया था। इसमें जिले की नगर पालिका मऊ, दोहरीघाट नगर पंचायत, मधुबन, घोसी, वलीदपुर, दोहरीघाट, कोपागंज, अदरी, चिरैयाकोट तथा अमिला नगर पंचायत के 173 वार्डों में यह प्रतिस्पर्धा आयोजित की गई थी। इसमें दो स्तरों पर मूल्यांकन किया गया।
विज्ञापन
शेखवाड़ा को पहला, कांदू टोला को दूसरा स्थान मिला था
23 दिसंबर को जिला स्तर पर गठित कमेटी के मूल्यांकन में प्रथम स्थान मुहम्मदाबाद नगर पंचायत की वार्ड 16 शेखवाड़ा, दूसरे स्थान पर अदरी नगर पंचायत के वार्ड 2 कांदूटोला तो तीसरे, चौथे और पांचवें स्थान पर मऊ नगर पालिका के वार्ड 20 अरस्तुपुरा, वार्ड 29 हुसैनपुरा और वार्ड 39 डोमनपुरा रहे।
राज्य स्तरीय मूल्यांकन में नहीं मिला स्थान
25 दिसंबर को राज्य स्तरीय मूल्यांकन में दसों निकायों के 173 वार्डों में कोई जगह नहीं बना सका। प्रतिस्पर्धा में प्रदेश में प्रथम स्थान पर आगरा नगर निगम का वार्ड 44, दूूसरे स्थान पर गाजियाबाद नगर निगम का वार्ड 67 और तीसरे स्थान पर लखनऊ नगर निगम का वार्ड 96 रहा।
इस बाबत नगर पालिका मऊ ईओ संजय कुमार मिश्रा का कहना है कि प्रतिस्पर्धा में वार्ड कोई स्थान नहीं बना सके। स्वच्छता सर्वेक्षण 2019 में पिछले साल से बेहतर रैकिंग लाने का प्रयास किया जा रहा है।
मऊ। प्रतिस्पर्धा में शामिल वार्डों का भौतिक सत्यापन दो स्तर पर किया गया। प्रथम स्तर पर जिला स्तरीय पर हुआ, जिसमें एडीएम की अध्यक्षता में कमेटी ने मूल्यांकन किया। जिला स्तरीय मूल्यांकन में निकायों को निर्धारित 2000 में 1796 अंक मिले थे। जबकि लखनऊ से आई टीम के मूल्यांकन में कोई वार्ड खरा नहीं उतरा।
इन बिंदुओं पर हुआ था भौतिक सत्यापन
मऊ। वार्ड प्रतिस्पर्धा में ठोस कचरा प्रबंधन स्थिति, वार्डों में शौचालयों की स्थिति, हरियाली और सुंदरीकरण, कचरा निस्तारण और संग्रहण, ओडीएफ की स्थिति और नागरिक भागीदारी सहित अन्य बिंदुओं का सत्यापन किया गया। इसमें ओडीएफ को छोड़कर हर बिंदुओं पर राज्यस्तरीय टीम ने असंतोष जताया था।
विज्ञापन
स्वच्छता सर्वेक्षण से पूर्व वार्डों में स्वच्छता परखने के लिए नवंबर-दिसंबर में संपन्न हुए स्वच्छ प्रतियोगिता के परिणाम में जिले की 10 निकायों के 173 वार्डों में एक भी राज्य स्तरीय मूल्यांकन में जगह नहीं बना सका। इसकी वजह नगर में ठोस कचरा प्रबंधन न होना, आधारभूत सुविधाओं का अभाव और ओडीएफ न होना है।
विज्ञापन
इसके बावजूद निकायों के अधिकारी स्वच्छता सर्वेक्षण 2019 में पिछले साल से बेहतर रैंकिंग लाने का दावा कर रहे हैं। स्वच्छता सर्वेक्षण 2019 को देखते हुए प्रदेश सरकार ने 15 नवंबर से 15 दिसंबर 2018 तक प्रदेश के 652 नगर निगम, नगर पालिका और नगर पंचायतों के हजारों वार्डों में स्वच्छ वार्ड प्रतिस्पर्धा का आयोजन किया था। इसमें जिले की नगर पालिका मऊ, दोहरीघाट नगर पंचायत, मधुबन, घोसी, वलीदपुर, दोहरीघाट, कोपागंज, अदरी, चिरैयाकोट तथा अमिला नगर पंचायत के 173 वार्डों में यह प्रतिस्पर्धा आयोजित की गई थी। इसमें दो स्तरों पर मूल्यांकन किया गया।
विज्ञापन
शेखवाड़ा को पहला, कांदू टोला को दूसरा स्थान मिला था
23 दिसंबर को जिला स्तर पर गठित कमेटी के मूल्यांकन में प्रथम स्थान मुहम्मदाबाद नगर पंचायत की वार्ड 16 शेखवाड़ा, दूसरे स्थान पर अदरी नगर पंचायत के वार्ड 2 कांदूटोला तो तीसरे, चौथे और पांचवें स्थान पर मऊ नगर पालिका के वार्ड 20 अरस्तुपुरा, वार्ड 29 हुसैनपुरा और वार्ड 39 डोमनपुरा रहे।
राज्य स्तरीय मूल्यांकन में नहीं मिला स्थान
25 दिसंबर को राज्य स्तरीय मूल्यांकन में दसों निकायों के 173 वार्डों में कोई जगह नहीं बना सका। प्रतिस्पर्धा में प्रदेश में प्रथम स्थान पर आगरा नगर निगम का वार्ड 44, दूूसरे स्थान पर गाजियाबाद नगर निगम का वार्ड 67 और तीसरे स्थान पर लखनऊ नगर निगम का वार्ड 96 रहा।
इस बाबत नगर पालिका मऊ ईओ संजय कुमार मिश्रा का कहना है कि प्रतिस्पर्धा में वार्ड कोई स्थान नहीं बना सके। स्वच्छता सर्वेक्षण 2019 में पिछले साल से बेहतर रैकिंग लाने का प्रयास किया जा रहा है।
मऊ। प्रतिस्पर्धा में शामिल वार्डों का भौतिक सत्यापन दो स्तर पर किया गया। प्रथम स्तर पर जिला स्तरीय पर हुआ, जिसमें एडीएम की अध्यक्षता में कमेटी ने मूल्यांकन किया। जिला स्तरीय मूल्यांकन में निकायों को निर्धारित 2000 में 1796 अंक मिले थे। जबकि लखनऊ से आई टीम के मूल्यांकन में कोई वार्ड खरा नहीं उतरा।
इन बिंदुओं पर हुआ था भौतिक सत्यापन
मऊ। वार्ड प्रतिस्पर्धा में ठोस कचरा प्रबंधन स्थिति, वार्डों में शौचालयों की स्थिति, हरियाली और सुंदरीकरण, कचरा निस्तारण और संग्रहण, ओडीएफ की स्थिति और नागरिक भागीदारी सहित अन्य बिंदुओं का सत्यापन किया गया। इसमें ओडीएफ को छोड़कर हर बिंदुओं पर राज्यस्तरीय टीम ने असंतोष जताया था।