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डीबीटी के माध्यम से योजनाओं का सीधे प्राप्त करें-किसान-उप परियोजना निदेशक
Updated Sun, 14 Oct 2018 12:24 AM IST
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मऊ। सब-मिशन ऑन एग्रीकल्चर एक्सटेंशन (आत्मा) योजना अंतर्गत खरीफ वर्ष 2018-19 में गठित फार्म स्कूल मुहम्मदाबाद गोहना ब्लाक क्षेत्र के सुरहुरपुर में कृषक प्रशिक्षण में कहा गया कि डीबीटी के माध्यम से योजनाओं की सीधे जानकारी प्राप्त करें।
उप परियोजना निदेशक लालू पाल ने कहा कि सभी किसान पारदर्शी किसान सेवा योजना पोर्टल पर अपना शत-प्रतिशत पंजीकरण करा लें। सभी नई योजनाओं की जानकारी पंजीकृत मोबाइल नंबर पर स्वत: प्राप्त करें। डीबीटी के माध्यम से बीज, यंत्र, रसायन, लपेटा पाइप, त्रिपाल आदि पर अनुदान का सीधे लाभ प्राप्त करें। उप परियोजना निदेशक ने बताया कि किसान हेल्प नंबर -9452247111 व 9452257111 पर अपना नाम और पता के साथ कृषि संबंधित समस्या एसएमएस अथवा वाह्ट्सएप करके एवं 1800-180-1551 पर फोन करके त्वरित समाधान प्राप्त कर सकते हैं। वरिष्ठ कृषि रक्षा सहायक(सेवानिवृत्त) रामकृष्ण राम ने कृषकों के विभिन्न प्रश्नों का समाधान किया। साथ ही चूहा के कलर कर, मेड़ पर सरपत काट के रखकर, मेड़ पर मदार का पेड़ लगाकर चूहा, छुछुंदर से फसल की बचाव के देशी नुस्खे बताए। डा. वीके सिंह ने रबी फसलों की समय से बुआई, अच्छी प्रजातियों का चयन, बीजोपचार, संतुलित उर्वरक तथा जैविक खादों के प्रयोग पर प्रकाश डाला। धान में लगने वाली गंधी बग और सैनिक कीट से रोकथाम के लिए फेनवेलरेट 0.04 प्रतिशत धूल की 20-25 किग्रा0 मात्रा का प्रति हेक्टेयर की दर से सायंकाल बुरकाव करने का सुझाव दिया गया।
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उप परियोजना निदेशक लालू पाल ने कहा कि सभी किसान पारदर्शी किसान सेवा योजना पोर्टल पर अपना शत-प्रतिशत पंजीकरण करा लें। सभी नई योजनाओं की जानकारी पंजीकृत मोबाइल नंबर पर स्वत: प्राप्त करें। डीबीटी के माध्यम से बीज, यंत्र, रसायन, लपेटा पाइप, त्रिपाल आदि पर अनुदान का सीधे लाभ प्राप्त करें। उप परियोजना निदेशक ने बताया कि किसान हेल्प नंबर -9452247111 व 9452257111 पर अपना नाम और पता के साथ कृषि संबंधित समस्या एसएमएस अथवा वाह्ट्सएप करके एवं 1800-180-1551 पर फोन करके त्वरित समाधान प्राप्त कर सकते हैं। वरिष्ठ कृषि रक्षा सहायक(सेवानिवृत्त) रामकृष्ण राम ने कृषकों के विभिन्न प्रश्नों का समाधान किया। साथ ही चूहा के कलर कर, मेड़ पर सरपत काट के रखकर, मेड़ पर मदार का पेड़ लगाकर चूहा, छुछुंदर से फसल की बचाव के देशी नुस्खे बताए। डा. वीके सिंह ने रबी फसलों की समय से बुआई, अच्छी प्रजातियों का चयन, बीजोपचार, संतुलित उर्वरक तथा जैविक खादों के प्रयोग पर प्रकाश डाला। धान में लगने वाली गंधी बग और सैनिक कीट से रोकथाम के लिए फेनवेलरेट 0.04 प्रतिशत धूल की 20-25 किग्रा0 मात्रा का प्रति हेक्टेयर की दर से सायंकाल बुरकाव करने का सुझाव दिया गया।
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