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बधिरता रोकथाम एवं नियंत्रण हेतु जिले के सभी चिकित्सकों की दिया प्रशिक्षण
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मऊ। सीएमओ कार्यालय के सभागार में मंगलवार को राष्ट्रीय बधिरता रोकथामएवं नियंत्रण कार्यक्रम के तहत एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिसमें जिले के सभी राजकीय चिकित्सालय में कार्यरत सभी महिलाचिकित्सा अधिकारी, प्रसूति रोग विशेषज्ञ, बाल रोग विशेषज्ञ तथा चिकित्साअधिकारियों को एक दिवसीय प्रशिक्षण दिया गया।
इस अवसर पर विशेषज्ञ डॉ. राजाराम चौहानने लोगों को प्रशिक्षण देते हुए बताया कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा चलाये जा रहेकार्यक्रम आने वाले समय में सभी के लिए बहुत ही उपयोगी साबित होंगे। इसके जरिये जन्मके समय में ही कुछ सावधानी बरतने से बहुत हद तक इस तरह की दिव्यांगता से बचा जासकता है। बताया कि प्रथम चरण मेंमहिला और पुरुष चिकित्सकों सहित आशा कार्यकर्त्ता को ट्रेनिंग देने की पूरा योजनातैयार है। वहीं अगले चरण में गांव की आशाओं को इस ट्रेनिंग से रूबरू कराया जाएगा। वहीं अजय सिंह ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित इस कार्यक्रम का उद्देश्यप्रशिक्षण के माध्यम से चिकित्सकों से लेकर गांव की आशाओं को ट्रेनिंग दी जाएगी।बताया कि जन्म के समय ही बच्चों में नाक, कान एवं गला के लक्षणों को देखते हुए उनकातुरंत समुचित इलाज किया जायेगा, जिससे बधिरता और गूंगेपन जैसी समस्याओं को जल्द सेजल्द ठीक किया जा सके। इस मौके पर डॉ. कंचन लता आजाद,डॉ. हरजोत कौर, डॉ. संगीता, डॉ. मधु राय, डॉ. दिव्या पांडे, डॉ. नीतू शर्मा, डॉ. तोषीसिंह, डॉ. इंदु रानी, डॉ. प्रियंका गुप्ता आदि मौजूद रहे।
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इस अवसर पर विशेषज्ञ डॉ. राजाराम चौहानने लोगों को प्रशिक्षण देते हुए बताया कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा चलाये जा रहेकार्यक्रम आने वाले समय में सभी के लिए बहुत ही उपयोगी साबित होंगे। इसके जरिये जन्मके समय में ही कुछ सावधानी बरतने से बहुत हद तक इस तरह की दिव्यांगता से बचा जासकता है। बताया कि प्रथम चरण मेंमहिला और पुरुष चिकित्सकों सहित आशा कार्यकर्त्ता को ट्रेनिंग देने की पूरा योजनातैयार है। वहीं अगले चरण में गांव की आशाओं को इस ट्रेनिंग से रूबरू कराया जाएगा। वहीं अजय सिंह ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित इस कार्यक्रम का उद्देश्यप्रशिक्षण के माध्यम से चिकित्सकों से लेकर गांव की आशाओं को ट्रेनिंग दी जाएगी।बताया कि जन्म के समय ही बच्चों में नाक, कान एवं गला के लक्षणों को देखते हुए उनकातुरंत समुचित इलाज किया जायेगा, जिससे बधिरता और गूंगेपन जैसी समस्याओं को जल्द सेजल्द ठीक किया जा सके। इस मौके पर डॉ. कंचन लता आजाद,डॉ. हरजोत कौर, डॉ. संगीता, डॉ. मधु राय, डॉ. दिव्या पांडे, डॉ. नीतू शर्मा, डॉ. तोषीसिंह, डॉ. इंदु रानी, डॉ. प्रियंका गुप्ता आदि मौजूद रहे।
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