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12 गांवों में चरमराई सफाई व्यवस्था
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पिपरीडीह। क्षेत्र के विभिन्न गांवों में सफाई कर्मियों की उदासीन रवैए के चलते जगह-जगह कूड़ों का अंबार लगा हुआ है। जाम नालियों के साफ न होने से संपर्क मार्गों पर जल जमाव लगा हुआ है। संपर्क मार्गों पर गंदा पानी बह रहा है। जगह-जगह जलजमाव से आना जाना मुश्किल हो रहा है। वहीं मच्छर जनित बीमारियों का प्रकोप बढ़ने से लोग विभिन्न बीमारियों से ग्रसित हो रहे हैं। ग्रामीणों की शिकायत के बाद भी उनकी समस्या जस की तस है।
क्षेत्र के कुशमौर, इटौरा, बबुआपुर, सिंहाव, उस्मानपुर, ताजपुर, पतिला सहित एक दर्जन गांवों में सफाई व्यवस्था को चुस्त दुरुस्त करने के लिए सफाई कर्मियों की तैनाती की गई, बावजूद विभागीय लापरवाही से गांवों में सफाई व्यवस्था की स्थिति बद से बदतर होती जा रही है। ग्रामीणों की मानें तो गांवों में सफाई कर्मियों के लंबे समय से दर्शन ही नहीं हो रहे हैं। जबकि सफाई कर्मी विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत से हर माह वेतन उठा रहे हैं। संपर्क मार्गों पर खर पतवार का जंगल लगा हुआ है। सार्वजनिक नालियों के जाम होने से गंदा पानी जगह-जगह जमा होने से लोग टाइफाइड, मलेरिया, बुखार सहित विभिन्न बीमारियों से ग्रसित लोग विभिन्न अस्पतालों में इलाज करा रहे हैं।
इस संबंध में क्षेत्र के रामभुवन, किशोरी, प्रेम यादव, सुबाष, अनीता देवी, गीता देवी का कहना है कि सार्वजनिक नालियां बजबजा रही हैं। राह चलना मुश्किल हो गया है। उन्होंने कहा कि सफाई व्यवस्था को चुस्त दुरुस्त नहीं किया गया तो हम लोग आंदोलन करने के लिए बाध्य हो जाएंगे। इस बाबत एडीओ पंचायत राजेश तिवारी का कहना है कि सफाईकर्मियों की ड्यूटी निर्वाचन संबंधित कार्यों में लगाई गई है। इसके चलते समस्या आ रही है।
क्षेत्र के कुशमौर, इटौरा, बबुआपुर, सिंहाव, उस्मानपुर, ताजपुर, पतिला सहित एक दर्जन गांवों में सफाई व्यवस्था को चुस्त दुरुस्त करने के लिए सफाई कर्मियों की तैनाती की गई, बावजूद विभागीय लापरवाही से गांवों में सफाई व्यवस्था की स्थिति बद से बदतर होती जा रही है। ग्रामीणों की मानें तो गांवों में सफाई कर्मियों के लंबे समय से दर्शन ही नहीं हो रहे हैं। जबकि सफाई कर्मी विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत से हर माह वेतन उठा रहे हैं। संपर्क मार्गों पर खर पतवार का जंगल लगा हुआ है। सार्वजनिक नालियों के जाम होने से गंदा पानी जगह-जगह जमा होने से लोग टाइफाइड, मलेरिया, बुखार सहित विभिन्न बीमारियों से ग्रसित लोग विभिन्न अस्पतालों में इलाज करा रहे हैं।
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इस संबंध में क्षेत्र के रामभुवन, किशोरी, प्रेम यादव, सुबाष, अनीता देवी, गीता देवी का कहना है कि सार्वजनिक नालियां बजबजा रही हैं। राह चलना मुश्किल हो गया है। उन्होंने कहा कि सफाई व्यवस्था को चुस्त दुरुस्त नहीं किया गया तो हम लोग आंदोलन करने के लिए बाध्य हो जाएंगे। इस बाबत एडीओ पंचायत राजेश तिवारी का कहना है कि सफाईकर्मियों की ड्यूटी निर्वाचन संबंधित कार्यों में लगाई गई है। इसके चलते समस्या आ रही है।
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