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राष्ट्रीय लोक अदालत में मुकदमो के निस्तारण पर बल
Updated Wed, 06 Dec 2017 10:41 PM IST
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मऊ। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में नौ दिसंबर 2017 को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया है। इसमें तीन हजार से अधिक मामलों का निस्तारण किए जाने का लक्ष्य रखा गया है। जिला जज राजेंद्र कुमार ने लोगों से राष्ट्रीय लोक अदालत में ज्यादा से ज्यादा मुकदमों को निस्तारण कराए जाने की अपील की।
जिला जज ने कहा कि लोग अदालतों के माध्यम से मुकदमों के निस्तारण हो जाने से न तो उसकी अपील होती है न ही उसकी निगरानी दाखिल होती। साथ ही पक्षकारों को मुकदमों में दी गई कोर्ट फीस भी वापस हो जाती। उन्होंने कहा कि लोक अदालतों में मामलों का निस्तारण पक्षकारों की सहमति और सुलह समझौता के आधार किया जाता है। जिसके कारण इसमे न तो किसी की हार होती है न ही किसी की जीत। इसके साथ ही सुलह समझौता के आधार पर मुकदमों के निस्तारण से आपसी कटुता भी समाप्त हो जाती है। जिला जज ने लोगों से अपील किया है कि वह अपने मामलों का निस्तारण लोक अदालत के माध्यम से कराना चाहते है । तो जिस न्यायालय में उनका मुकदमा लंबित है उस न्यायालय के पीठासीन अधिकारी से कह कर अपना मुकदमा लोक अदालत में लगवा कर निस्तारण करा सकते है।
नोडल अधिकारी एडीजे मुहम्मद गजाली ने भी लोगों से लोक अदालत में अधिक से अधिक मुकदमों के निस्तारण कराए जाने पर बल दिया। प्राधिकरण के सचिव शिवकुमार ने बताया कि लोक अदालत में दीवानी और फौजदारी प्रकृति के तीन हजार से ज्यादा मामलों के निस्तारण का लक्ष्य रखा गया हे। इसके लिए तैयारिया भी कर ली गई। पक्षकारों को लोक अदालत में लगाए गए मामलो में नोटिस भेजकर तामिला कराया जा रहा है। इसक अलावा लोगों को विभिन्न तरीको से लोक अदालत में मामलों को निस्तारण कराए जाने और उससे होने वाले लाभ के बारे में जागरूक किया जा रहा है।
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जिला जज ने कहा कि लोग अदालतों के माध्यम से मुकदमों के निस्तारण हो जाने से न तो उसकी अपील होती है न ही उसकी निगरानी दाखिल होती। साथ ही पक्षकारों को मुकदमों में दी गई कोर्ट फीस भी वापस हो जाती। उन्होंने कहा कि लोक अदालतों में मामलों का निस्तारण पक्षकारों की सहमति और सुलह समझौता के आधार किया जाता है। जिसके कारण इसमे न तो किसी की हार होती है न ही किसी की जीत। इसके साथ ही सुलह समझौता के आधार पर मुकदमों के निस्तारण से आपसी कटुता भी समाप्त हो जाती है। जिला जज ने लोगों से अपील किया है कि वह अपने मामलों का निस्तारण लोक अदालत के माध्यम से कराना चाहते है । तो जिस न्यायालय में उनका मुकदमा लंबित है उस न्यायालय के पीठासीन अधिकारी से कह कर अपना मुकदमा लोक अदालत में लगवा कर निस्तारण करा सकते है।
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नोडल अधिकारी एडीजे मुहम्मद गजाली ने भी लोगों से लोक अदालत में अधिक से अधिक मुकदमों के निस्तारण कराए जाने पर बल दिया। प्राधिकरण के सचिव शिवकुमार ने बताया कि लोक अदालत में दीवानी और फौजदारी प्रकृति के तीन हजार से ज्यादा मामलों के निस्तारण का लक्ष्य रखा गया हे। इसके लिए तैयारिया भी कर ली गई। पक्षकारों को लोक अदालत में लगाए गए मामलो में नोटिस भेजकर तामिला कराया जा रहा है। इसक अलावा लोगों को विभिन्न तरीको से लोक अदालत में मामलों को निस्तारण कराए जाने और उससे होने वाले लाभ के बारे में जागरूक किया जा रहा है।
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