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पिता पुत्र सहित तीन को दो-दो वर्ष की सजा
Updated Wed, 28 Nov 2018 10:35 PM IST
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अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर दो आदिल अफताब अहमद ने चाकू से मारकर गंभीर चोट पहुंचाने के मामले में नामजद चार आरोपियों में पिता पुत्र सहित तीन को दोषी पाते हुए दो-दो वर्ष की सजा निर्धारित की। साथ ही सभी पर दो-दो हजार रुपया अर्थदंड निर्धारित किया । मामला मधुबन थाना क्षेत्र का है ।
अभियोजन के अनुसार, मधुबन थाना क्षेत्र के कटघरा शंकर मोड़ निवासी हरिनारायण गोंड ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। इसमें बताया कि उसकी सास विद्यावती चाय की दुकान चलाती है। 26 जुलाई 2004 को वह अपने दुकान की सफाई कर रही थी कि आरोपीगण कटघरा शंकर गांव निवासी चंदन यादव और पंकज यादव पुत्रगण रामशकल यादव, रामशकल यादव पुत्र किशोर तथा भैरव मल्ल ने उस पर चाकू से हमला कर घालय कर दिया। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर बाद विवेचना आरोपियों के विरुद्ध आरोप कोर्ट में पेश किया। एक आरोपी भैरव मल्ल कोर्ट में उपस्थित नहीं हुआ। जिसके चलते उसकी पत्रावली अलग कर दी गई। एडीजे कोर्ट में अभियोजन की ओर से पैरवी करते हुए एडीजीसी फौजदारी ने छह गवाहों को पेश किया। एडीजे ने दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने तथा पत्रावली का अवलोकन करने के बाद सजा निर्धारित की। एडीजे ने घायल को अनुसूचित जाति एवं अनूसूचित जनजाति का सदस्य न पाते हुए सभी को एससी एसटी एक्ट के आरोप से दोषमुक्त कर दिया ।
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अभियोजन के अनुसार, मधुबन थाना क्षेत्र के कटघरा शंकर मोड़ निवासी हरिनारायण गोंड ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। इसमें बताया कि उसकी सास विद्यावती चाय की दुकान चलाती है। 26 जुलाई 2004 को वह अपने दुकान की सफाई कर रही थी कि आरोपीगण कटघरा शंकर गांव निवासी चंदन यादव और पंकज यादव पुत्रगण रामशकल यादव, रामशकल यादव पुत्र किशोर तथा भैरव मल्ल ने उस पर चाकू से हमला कर घालय कर दिया। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर बाद विवेचना आरोपियों के विरुद्ध आरोप कोर्ट में पेश किया। एक आरोपी भैरव मल्ल कोर्ट में उपस्थित नहीं हुआ। जिसके चलते उसकी पत्रावली अलग कर दी गई। एडीजे कोर्ट में अभियोजन की ओर से पैरवी करते हुए एडीजीसी फौजदारी ने छह गवाहों को पेश किया। एडीजे ने दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने तथा पत्रावली का अवलोकन करने के बाद सजा निर्धारित की। एडीजे ने घायल को अनुसूचित जाति एवं अनूसूचित जनजाति का सदस्य न पाते हुए सभी को एससी एसटी एक्ट के आरोप से दोषमुक्त कर दिया ।
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