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ग्रामीणों ने श्रमदान कर बनाया रास्ता
Updated Thu, 09 Aug 2018 11:04 PM IST
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परदहा ब्लाक के हासपुर गांव में ग्रामीणों ने गुरुवार को खुद श्रमदान करते हुए कच्चे मार्ग पर बने गड्ढे से पानी की निकासी करने के बाद उसे दुरुस्त किया। ग्रामीणों ने कई बार ग्राम पंचायत से लेकर ब्लाक अधिकारियों को पत्र भेजकर रास्ते को दुरुस्त कराने की मांग की थी। सुनवाई न होने पर उन्होंने आपस में चंदा एकत्र किया और श्रमदान कर आवागमन के लिए रास्ता बना लिया।
बताते चले कि परदहा ब्लाक के पिपरीडीह गांव के हासपुर मौजा के हरिजन बस्ती और प्राथमिक विद्यालय को जाने वाला 500 मीटर लंबे कच्चे मार्ग की मरम्मत न होने से यह क्षतिग्रस्त हो गया था जिस पर गड्ढे बन गए थे। बारिश से रास्ता चलने लायक नहीं रह गया था। मार्ग से गुजरने वाले ग्रामीण और स्कूली बच्चों को काफी दिक्कतों को सामना करना पड़ रहा था। ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान और प्रशासन से कई बार मदद की गुहार लगाई लेकिन बात नहीं बनी।
लापरवाह अधिकारियों को आईना दिखाते हुए गुरुवार को 50 से ज्यादा ग्रामीण, महिलाओं और बच्चों ने सुबह 7 से 11 बजे तक श्रमदान कर क्षतिग्रस्त मार्ग पर जमा हुए पानी को निकालने के साथ मिट्टी और मोरम डालकर सड़क को दुरुस्त किया। श्रमदान करने वाले अंकीत, सुमन, श्यामदेव और कलावती ने बताया कि कई बार मार्ग को दुरुस्त कराने के लिए ग्राम प्रधान प्रेमनाथ गोड़ को अवगत कराया। लेकिन उनकी ओर से सिर्फ आश्वासन ही मिला। मजबूरन बुुधवार की देर शाम ग्रामीणों ने बैठक कर मार्ग को खुद ठीक करने का निर्णय लिया। श्रमदान करने वालों में लाची देवी, मेवाती देवी, राहुल, अभीषेक, रोशन, आलोक, बृजेश, राजन, पिंटु, चंदन, प्रमोद, अरविंद, संगरू, उदीत कुमार सहित अन्य ग्रामीण मौजूद रहे।
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बताते चले कि परदहा ब्लाक के पिपरीडीह गांव के हासपुर मौजा के हरिजन बस्ती और प्राथमिक विद्यालय को जाने वाला 500 मीटर लंबे कच्चे मार्ग की मरम्मत न होने से यह क्षतिग्रस्त हो गया था जिस पर गड्ढे बन गए थे। बारिश से रास्ता चलने लायक नहीं रह गया था। मार्ग से गुजरने वाले ग्रामीण और स्कूली बच्चों को काफी दिक्कतों को सामना करना पड़ रहा था। ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान और प्रशासन से कई बार मदद की गुहार लगाई लेकिन बात नहीं बनी।
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लापरवाह अधिकारियों को आईना दिखाते हुए गुरुवार को 50 से ज्यादा ग्रामीण, महिलाओं और बच्चों ने सुबह 7 से 11 बजे तक श्रमदान कर क्षतिग्रस्त मार्ग पर जमा हुए पानी को निकालने के साथ मिट्टी और मोरम डालकर सड़क को दुरुस्त किया। श्रमदान करने वाले अंकीत, सुमन, श्यामदेव और कलावती ने बताया कि कई बार मार्ग को दुरुस्त कराने के लिए ग्राम प्रधान प्रेमनाथ गोड़ को अवगत कराया। लेकिन उनकी ओर से सिर्फ आश्वासन ही मिला। मजबूरन बुुधवार की देर शाम ग्रामीणों ने बैठक कर मार्ग को खुद ठीक करने का निर्णय लिया। श्रमदान करने वालों में लाची देवी, मेवाती देवी, राहुल, अभीषेक, रोशन, आलोक, बृजेश, राजन, पिंटु, चंदन, प्रमोद, अरविंद, संगरू, उदीत कुमार सहित अन्य ग्रामीण मौजूद रहे।
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