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बिना पुस्तक बढ़ने को विवश हैं बच्चे

Sun, 29 Jul 2018 12:40 AM IST
Updated Sun, 29 Jul 2018 12:40 AM IST
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बिना पुस्तक बढ़ने को विवश हैं बच्चे
परिषदीय प्राथमिक, उच्च प्राथमिक विद्यालयों तथा अनुदानित जूनियर हाई स्कूल, अंबेडकर प्राथमिक विद्यालयों के छात्रों को निशुल्क पुस्तकों के वितरण में जिले का बेसिक शिक्षा विभाग फिसड़्डी है। नये शिक्षा सत्र के चार महीने बीतने के बाद जिले के महज15 प्रतिशत छात्रों को ही किताबें मिल पाई हैं। 85 फीसदी छात्र बिना किताबों के ही पढ़ाई कर रहे हैं।
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सरकार ने नयी शिक्षा अप्रैल महीने से ही शुरु कर दिया है जबकि इन किताबों की खरीद के लिए आर्डर ही जून की दूसरे सप्ताह में दिया गया। जब आर्डर ही देर से दिया गया तो सप्लायर समय से किताबों की आपूर्ति कैसे करेंगे। नये सत्र से छात्रों को कैसे मिलेंगी किताबें जब उनकी खरीद का आर्डर ही सत्र शुरु होने के ढाई महीने बाद दिया गया। महकमा प्रकाशकों द्वारा किताबें भेजने का इंतजार कर रहा है। सरकारी पुस्तकों के भरोसे छात्र पढ़ाई से वंचित हैं। जिम्मेदार विभागीय अधिकारी पुस्तकें मंगवाने का हवाला देकर अपने उत्तरदायित्वों से पल्ला झाड़ ले रहे हैं।
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अंबेडकर स्कूलों से लेकर परिषदीय प्राइमरी, जूनियर हाई स्कूल, मदरसों तथा इंटर कालेज में संबद्ध प्राथमिक विद्यालयों के पहली से आठवीं तक के छात्रों को नि:शुल्क पुस्तकें वितरित की जाती हैं। जिले में अब तक नये शिक्षा सत्र के चार महीने बीतने के बाद महज 15 प्रतिशत छात्रों को ही नई किताबों का वितरण किया जा सका है। जिले के प्राइमरी और जूनियर हाई स्कूलों में कुल दो लाख पांच हजार छात्र पढ़ते हैं। इन छात्रों के लिए सभी कक्षाओं की सभी विषयों की कुल 10 लाख 55 हजार 145 पुस्तकों का वितरण होना है। लेकिन अब तक मात्र दो लाख पांच हजार किताबों का ही वितरण किया गया है। किताबों की खरीद के लिए बेसिक शिक्षा निदेशक स्तर से ई टेंडरिंग किए जाने का प्रावधान है। शासन से ही टेंडर स्वीकृत हो जाने के बाद बीएसए संबंधित प्रकाशकों को खरीद का आर्डर भेजते हैं। विभागीय सूत्रों के अनुसार खरीद का आर्डर ही जून के दूसरे सप्ताह में दिया गया है। इसलिए प्रकाशकों की ओर से पुस्तकों की आपूर्ति में देरी हो रही है। इस संबंध में बीएसए ओपी त्रिपाठी का कहना है कि किताबों की खरीद के लिए आर्डर दे दिये गए हैं। आपूूर्ति मिलते ही वितरण करा दिया जाएगा।
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इनसेट
आठवीं और सातवीं कक्षाओं की दो विषयों की मिली किताबें
जिले में अब तक आठवीं कक्षा की अंग्रेजी और गणित को छोड़कर किसी भी विषय की किताबें नहीं आई हैं। छात्र बिना किताबों के ही पढ़ रहे हैं। इसी प्रकार छठवीं और सातवीं कक्षाओं की किसी भी विषय की किताबें नहीं आई हैं। तीसरी कक्षा की केवल अंग्रेजी विषय की दो किताबें ही आई हैं। इसी प्रकार दूसरी और तीसरी कक्षाओं की किताबें नहीं आई हैं।


इनसेट
बीआरसी से अध्यापकों से ढुुलवाई जाती हैं किताबें
मऊ। शासन की ओर से किताबों को स्कूलों तक पहुंचाने के लिए भाड़ा दिए जाने का प्रावधान है। लेकिन बीएसए की ओर से इन किताबों को बीआरसी पर भेज दिया जाता है। वहां से संबंधित प्रधानाध्यापकों से कहा जाता है कि बीआरसी से आकर किताबें अपने वाहन से ले जाएं। बेचारे अध्यापक अपनी कारों से मोटरसारइकिलों और अन्य साधनों से किताबें ले जाते हैं। सबसे अधिक परेशानी अध्यापिकाओं को होती है। कोपागंज बीआरसी से एक भी स्कूल पर किताबें पहुुंचाई नहीं जाती हैं।
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