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मारपीट के क्रास केस के मामले में एक पक्ष के चार दोषी
Updated Wed, 25 Jul 2018 10:20 PM IST
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अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर दो आदिल आफताब अहमद ने कोतवाली घोसी क्षेत्र के क्रास केस के एक मामले में एक पक्ष के चार लोगों को दोषी पाते हुए सात-सात हजार रुपया अर्थदंड की सजा का निर्णय सुनाया। वहीं दूसरे पक्ष के छह लोगों को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया।
मामले के अनुसार कोतवाली क्षेत्र के जमालपुर विक्कमपुर गांव निवासी जावेद पुत्र एनायत हैदर की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज हुई। इसमें सुंनर पुत्र किशोर , सतिराम, पतिराम, श्रीराम पुत्रगण सुंनर और कामता पुत्र संपत को नामजद किया गया। वही दूसरे पक्ष की भगवंती देवी पत्नी कामता की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज हुई । इसमें जमानत, पप्पू उर्फ इम्तियाज, आजम, शमशाद, शाहिद, खुदनूस सहित10 लोगों को नामजद किया गया। आरोप है कि जमीन और पेड़ के विवाद को लेकर 28 मार्च 2002 रात्रि में साढे नौ बजे दोनों पक्षों ने मारपीट किया। इसमें एक पक्ष के एनायत हैदर को चोट आई तथा दूसरे पक्ष के कामता को चोट आई । पुलिस ने बाद विवेचना एक पक्ष के पांच और दूसरे पक्ष के छह लोगों के विरुद्ध आरोप पत्र कोर्ट में प्रेषित किया। कोर्ट में अभियोजन की ओर से पैरवी करते हुए वरिष्ठ अभियोजन अधिकारी धर्मेंद्र पांडेय ने एक पक्ष से छह तथा दूसरे पक्ष 10 गवाहों को पेशकर अपना पक्ष रखा। साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद एडीजे ने एक पक्ष के सुंनर, सतिराम,पतिराम और श्रीराम को मारपीट कर गंभीर चोट पहुंचाने और धमकी के मामले में दोषी पाया। दोषी पाए जाने के बाद सभी पर सात-सात हजार रुपया अर्थदंड निर्धारित किया। इस मामले में कामता की मौत हो जाने के चलते उनके विरुद्ध मुकदमे की कार्यवाही समाप्त कर दी गई थी। वही दूसरे पक्ष के पप्पू उर्फ इम्तेयाज, आजम, शाहिद और खुदनूस को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया। दौरान विचारण शमशाद अनायत हैदर की मौत हो गई थी। जिसके चलते उनके विरुद्ध मुकदमे की कार्यवाही समाप्त कर दी गई थी।
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मामले के अनुसार कोतवाली क्षेत्र के जमालपुर विक्कमपुर गांव निवासी जावेद पुत्र एनायत हैदर की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज हुई। इसमें सुंनर पुत्र किशोर , सतिराम, पतिराम, श्रीराम पुत्रगण सुंनर और कामता पुत्र संपत को नामजद किया गया। वही दूसरे पक्ष की भगवंती देवी पत्नी कामता की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज हुई । इसमें जमानत, पप्पू उर्फ इम्तियाज, आजम, शमशाद, शाहिद, खुदनूस सहित10 लोगों को नामजद किया गया। आरोप है कि जमीन और पेड़ के विवाद को लेकर 28 मार्च 2002 रात्रि में साढे नौ बजे दोनों पक्षों ने मारपीट किया। इसमें एक पक्ष के एनायत हैदर को चोट आई तथा दूसरे पक्ष के कामता को चोट आई । पुलिस ने बाद विवेचना एक पक्ष के पांच और दूसरे पक्ष के छह लोगों के विरुद्ध आरोप पत्र कोर्ट में प्रेषित किया। कोर्ट में अभियोजन की ओर से पैरवी करते हुए वरिष्ठ अभियोजन अधिकारी धर्मेंद्र पांडेय ने एक पक्ष से छह तथा दूसरे पक्ष 10 गवाहों को पेशकर अपना पक्ष रखा। साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद एडीजे ने एक पक्ष के सुंनर, सतिराम,पतिराम और श्रीराम को मारपीट कर गंभीर चोट पहुंचाने और धमकी के मामले में दोषी पाया। दोषी पाए जाने के बाद सभी पर सात-सात हजार रुपया अर्थदंड निर्धारित किया। इस मामले में कामता की मौत हो जाने के चलते उनके विरुद्ध मुकदमे की कार्यवाही समाप्त कर दी गई थी। वही दूसरे पक्ष के पप्पू उर्फ इम्तेयाज, आजम, शाहिद और खुदनूस को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया। दौरान विचारण शमशाद अनायत हैदर की मौत हो गई थी। जिसके चलते उनके विरुद्ध मुकदमे की कार्यवाही समाप्त कर दी गई थी।
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