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मदरसा वार्षिकोत्सव
Updated Sat, 23 Dec 2017 11:57 PM IST
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घोसी। मदरसा समसुल उलूम निस्वां करीमुद्दीन पुर घोसी का वार्षिक जलसा शनिवार को हुआ।इस अवसर पर फजीलत के 140,करात के 163 तथा हिफ़्ज के 3 कुल 306 बालिकाओं की दस्तारबंदी की गई। इस अवसर पर कई छात्रों ने अपनी तकरीर से अपने हुनर को सबके सामने रखा,वही मुख्य अतिथि नूरी बेगम कानपुर ने सभी से इल्म की रोशनी को समाज में फैलाकर बुराईयों को दूर करने की बात कही।
कार्यक्रम की शुरुआत खुशबु फातमा ने तिलावत कलाम पाक से किया। नातखानी शाइस्ता प्रवीन, नगमा एरम,व नजरा अमजदी द्वारा किया गया। हम्द सकीना खातून ने पेश किया। मोअल्लेमा नूरी बेगम ने कहा कि आप सभी फरगात यहां से शिक्षा ग्रहण कर जा रहे है। उसका उपयोग समाज के उत्थान के लिए करें। उन्होंने कुरान के साथ रसूल के बताए रास्ते पर चलकर लोगों की भलाई के लिए प्रेरित किया। बोली कुरान पाक हमें सही रास्ते पर चलना सिखाता है। अध्यक्षता करते हुए दिलशाद फातिमा ने कहा कि इस्लाम हमें नेकी के रास्ते पर ले जाता है। कहा कि रोजा,नमाज का पाबंद व्यक्ति गलत नहीं हो सकता। यहां से आप सब जो भी इल्म पाई हैं,उसका उपयोग परिवार,समाज को और अच्छा बनाने में लगाए। माँ बाप के साथ अपनी शिक्षिकाओं की इज्जत करें।बड़ों के साथ छोटों का भी ख्याल रखें। इसी लिए हमारे नबी ने समाज के दबे कुचलों के उत्थान पर जोर दिया था। कार्यक्रम में महिलाओं के सामने निस्वां की छात्राएं शाहजहां, शकीना खातून, शहर बानों, आयशा खातून, सवाना नूरी आदि ने भी अपनी तकरीर से मन मोह लिया। संचालन फरहत जहां ने किया। नाजिम हाफिज नासीर ने बाहर से आए मेहमानों, अतिथियों का स्वागत किया। जलसा को सफल बनाने में फातमा खातून,नरगिस खातून,महजबी,साजिदा खातून आदि का विशेष सहयोग रहा।
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कार्यक्रम की शुरुआत खुशबु फातमा ने तिलावत कलाम पाक से किया। नातखानी शाइस्ता प्रवीन, नगमा एरम,व नजरा अमजदी द्वारा किया गया। हम्द सकीना खातून ने पेश किया। मोअल्लेमा नूरी बेगम ने कहा कि आप सभी फरगात यहां से शिक्षा ग्रहण कर जा रहे है। उसका उपयोग समाज के उत्थान के लिए करें। उन्होंने कुरान के साथ रसूल के बताए रास्ते पर चलकर लोगों की भलाई के लिए प्रेरित किया। बोली कुरान पाक हमें सही रास्ते पर चलना सिखाता है। अध्यक्षता करते हुए दिलशाद फातिमा ने कहा कि इस्लाम हमें नेकी के रास्ते पर ले जाता है। कहा कि रोजा,नमाज का पाबंद व्यक्ति गलत नहीं हो सकता। यहां से आप सब जो भी इल्म पाई हैं,उसका उपयोग परिवार,समाज को और अच्छा बनाने में लगाए। माँ बाप के साथ अपनी शिक्षिकाओं की इज्जत करें।बड़ों के साथ छोटों का भी ख्याल रखें। इसी लिए हमारे नबी ने समाज के दबे कुचलों के उत्थान पर जोर दिया था। कार्यक्रम में महिलाओं के सामने निस्वां की छात्राएं शाहजहां, शकीना खातून, शहर बानों, आयशा खातून, सवाना नूरी आदि ने भी अपनी तकरीर से मन मोह लिया। संचालन फरहत जहां ने किया। नाजिम हाफिज नासीर ने बाहर से आए मेहमानों, अतिथियों का स्वागत किया। जलसा को सफल बनाने में फातमा खातून,नरगिस खातून,महजबी,साजिदा खातून आदि का विशेष सहयोग रहा।
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