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UP: 25 साल मनौती के बाद देखा बेटे का मुंह, फिर क्यों मार डाला? कत्ल के बाद मां ने भी उठाया खौफनाक कदम
Tue, 17 Oct 2023 02:25 PM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, मथुरा
अमर उजाला नेटवर्क, मथुरा
Published by: शाहरुख खान
Updated Tue, 17 Oct 2023 02:25 PM IST
सार
मथुरा के कोसीकलां थाना इलाके के गांव बठैनकला में रविवार रात एक महिला ने दस साल के दिव्यांग बेटे की लाठी से पीट-पीटकर हत्या कर दी। इसके बाद शव को पानी की टंकी में डालकर खुद ने भी फंदा लगाकर जान दे दी।
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घटनास्थल
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मथुरा के कोसीकलां के गांव बैठनकला में महिला द्वारा दिव्यांग बेटे की हत्या करने के बाद आत्महत्या करने का मामला पुलिस के लिए पेचीदा हो गया है। घटना का कोई भी चश्मदीद नहीं है। मौका-ए-वारदात पर रात को क्या परिस्थितियां बनी और क्यों ओमवती ने ऐसा कदम उठाया। इस सवाल का जवाब खोजना पुलिस के लिए चुनौती है।
ओमवती के पति ने पूरन ने बताया कि वह एक निजी कंपनी में काम करता है। 35 साल पहले उसकी शादी हुई थी। शादी के बाद दो बेटी संजू और अनीता हुईं। इनकी 2010 में एक ही परिवार में शादी कर दी। ओमवती के मन में बेटे की चाहत थी। इसके लिए काफी पूजा-पाठ करती थी।
साल 2012 में विष्णु का जन्म हुआ था। ओमवती के गर्भ में एक गांठ भी थी, जो कि डिलीवरी के समय में निकली थी। उसकी वजह से विष्णु दिव्यांग पैदा हुआ। ओमवती उसे बहुत प्यार करती थी। पिछले तीन साल से वह मानसिक बीमार रहने लगी। उसने अपनी दवा भी फेंक दी और उसका स्वभाव काफी गुस्सैल हो गया था।
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काश न जाता मेला देखने...
बेटे और पत्नी की मौत की सूचना सुनकर पूरन सोमवार सुबह घर पहुंचा। दोनों के शवों को देख वह फफक पड़ा। उसने कहा, काश वह मेला देखने न जाता तो बेटे और पत्नी की जान बच जाती। शायद पत्नी को दौरा आया होगा और उसने गुस्से में बेटे की लाठी से पीट-पीटकर हत्या की होगी और फिर खुद फंदे पर झूली होगी।
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ओमवती के पति ने पूरन ने बताया कि वह एक निजी कंपनी में काम करता है। 35 साल पहले उसकी शादी हुई थी। शादी के बाद दो बेटी संजू और अनीता हुईं। इनकी 2010 में एक ही परिवार में शादी कर दी। ओमवती के मन में बेटे की चाहत थी। इसके लिए काफी पूजा-पाठ करती थी।
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साल 2012 में विष्णु का जन्म हुआ था। ओमवती के गर्भ में एक गांठ भी थी, जो कि डिलीवरी के समय में निकली थी। उसकी वजह से विष्णु दिव्यांग पैदा हुआ। ओमवती उसे बहुत प्यार करती थी। पिछले तीन साल से वह मानसिक बीमार रहने लगी। उसने अपनी दवा भी फेंक दी और उसका स्वभाव काफी गुस्सैल हो गया था।
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काश न जाता मेला देखने...
बेटे और पत्नी की मौत की सूचना सुनकर पूरन सोमवार सुबह घर पहुंचा। दोनों के शवों को देख वह फफक पड़ा। उसने कहा, काश वह मेला देखने न जाता तो बेटे और पत्नी की जान बच जाती। शायद पत्नी को दौरा आया होगा और उसने गुस्से में बेटे की लाठी से पीट-पीटकर हत्या की होगी और फिर खुद फंदे पर झूली होगी।
लूट-चोरी, रंजिश...सभी पहलुओं पर जांच
एसपी देहात त्रिगुण बिसेन ने बताया कि लूट, चोरी और रंजिश सहित सभी पहलुओं पर जांच की है। गांव व परिवार के लोगों से भी बातचीत की, लेकिन कोई भी कुछ इस घटना के संबंध में कुछ नहीं बता पाया। पुलिस का मानना है कि इस घटना का कोई चश्मदीद नहीं है। घर में सीसीटीवी कैमरे भी नहीं लगे। ऐसे में अब यह जानना बड़ा मुश्किल हो गया है कि घटना के समय घर में क्या हुआ था।
एसपी देहात त्रिगुण बिसेन ने बताया कि लूट, चोरी और रंजिश सहित सभी पहलुओं पर जांच की है। गांव व परिवार के लोगों से भी बातचीत की, लेकिन कोई भी कुछ इस घटना के संबंध में कुछ नहीं बता पाया। पुलिस का मानना है कि इस घटना का कोई चश्मदीद नहीं है। घर में सीसीटीवी कैमरे भी नहीं लगे। ऐसे में अब यह जानना बड़ा मुश्किल हो गया है कि घटना के समय घर में क्या हुआ था।
गांव में मचा घरों में नहीं जले चूल्हे
घटना की सूचना बैठनकलां और आसपास के गांवों में आग की तरह फैल गई। हर कोई पीड़ित परिवार को सांत्वना देने के लिए उसके घर पहुंचा। गांव में तो कई घरों में चूल्हे तक नहीं जले।
घटना की सूचना बैठनकलां और आसपास के गांवों में आग की तरह फैल गई। हर कोई पीड़ित परिवार को सांत्वना देने के लिए उसके घर पहुंचा। गांव में तो कई घरों में चूल्हे तक नहीं जले।
आपको बता दें कि मथुरा के कोसीकलां थाना इलाके के गांव बठैनकला में रविवार रात एक महिला ने दस साल के दिव्यांग बेटे की लाठी से पीट-पीटकर हत्या कर दी। इसके बाद शव को पानी की टंकी में डालकर खुद ने भी फंदा लगाकर जान दे दी।
घटना का खुलासा सोमवार सुबह तब हुआ जब दूध देने वाली महिला घर पहुंची। इसके बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर एकत्र हो गए और पुलिस को सूचना दी। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि महिला मानसिक रूप से बीमार थी।