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Mathura News: पछुवा हवा से गेहूं-सरसों की फसल को नुकसान
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मथुरा। छाता में बुधवार को तेज हवा चलने से बिछी गेहूं की फसल। संवाद
- फोटो : mathura
मथुरा। जिले में 28 किलोमीटर प्रतिघंटा की गति से बुधवार को पछुआ हवा चल रही थीं, ऐसे में किसान चिंतित नजर आए। किसानों का कहना है कि तेज चल रही पछुआ हवा से गेहूं व सरसों की फसल को नुकसान हुआ है।
रबी की फसल में अब तक किसानों के अनुकूल कुछ भी नहीं रहा है। कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि मार्च माह में अप्रैल जैसी हवाएं चल रही हैं। वहीं तेजी से बढ़ रहा तापमान फसलों के लिए भी नुकसानदायक है। तापमान बढ़ने और हवाओं की वजह से खेत की नमी तेजी से सूख रही है। उधर, किसानों ने बताया कि सरसों की फसल जो पक गई है वह किसान इसकी कटाई कर रहे हैं, लेकिन गेहूं की फसल तेज गति से हवा चलने के चलते बिछ रही है। इसलिए गेहूं के दाने कमजोर ही रह जाएंगे और उपज में 15 से 20 फीसदी कम रहने के आसार हैं।
कृषि वैज्ञानिक डाॅ. रविंद्र सिंह ने बताया कि तेज गति से हवा चलने से गेहूं और सरसों की फसलों में नुकसान है। उन्होंने कहा कि हवा से खेत की नमी सूख जाएगी इससे दाना भी जल्द सूख जाएगा। जिला कृषि अधिकारी अश्विनी कुमार सिंह ने बताया कि किसानों को चाहिए कि इस समय गेहूं की फसल की सिंचाई कतई न करें। दाना सेट हो जाने के बाद हल्की सिंचाई करें। सिंचाई भी उस समय करें जब हवाएं न चल रही हो। तीव्र गति से हवाएं चलने पर फसलों की गिरने की संभावना बढ़ जाती है।
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किसानों की बात
पहले बारिश से गेहूं की फसल को नुकसान पहुंचा और अब बुधवार को सुबह से चल रही तेज हवा से गेहूं की फसल को नुकसान हुआ है।
- जगदीश यदुवंशी, अलवाई
तेज हवा चलने से गेहूं की फसल खेत में गिर गई है। अगर यह हवा और कुछ दिन चली तो गेहूं की फसल में 20 प्रतिशत उपज कम पैदा होगी।
- हरवंश चौधरी, छाता
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रबी की फसल में अब तक किसानों के अनुकूल कुछ भी नहीं रहा है। कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि मार्च माह में अप्रैल जैसी हवाएं चल रही हैं। वहीं तेजी से बढ़ रहा तापमान फसलों के लिए भी नुकसानदायक है। तापमान बढ़ने और हवाओं की वजह से खेत की नमी तेजी से सूख रही है। उधर, किसानों ने बताया कि सरसों की फसल जो पक गई है वह किसान इसकी कटाई कर रहे हैं, लेकिन गेहूं की फसल तेज गति से हवा चलने के चलते बिछ रही है। इसलिए गेहूं के दाने कमजोर ही रह जाएंगे और उपज में 15 से 20 फीसदी कम रहने के आसार हैं।
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कृषि वैज्ञानिक डाॅ. रविंद्र सिंह ने बताया कि तेज गति से हवा चलने से गेहूं और सरसों की फसलों में नुकसान है। उन्होंने कहा कि हवा से खेत की नमी सूख जाएगी इससे दाना भी जल्द सूख जाएगा। जिला कृषि अधिकारी अश्विनी कुमार सिंह ने बताया कि किसानों को चाहिए कि इस समय गेहूं की फसल की सिंचाई कतई न करें। दाना सेट हो जाने के बाद हल्की सिंचाई करें। सिंचाई भी उस समय करें जब हवाएं न चल रही हो। तीव्र गति से हवाएं चलने पर फसलों की गिरने की संभावना बढ़ जाती है।
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किसानों की बात
पहले बारिश से गेहूं की फसल को नुकसान पहुंचा और अब बुधवार को सुबह से चल रही तेज हवा से गेहूं की फसल को नुकसान हुआ है।
- जगदीश यदुवंशी, अलवाई
तेज हवा चलने से गेहूं की फसल खेत में गिर गई है। अगर यह हवा और कुछ दिन चली तो गेहूं की फसल में 20 प्रतिशत उपज कम पैदा होगी।
- हरवंश चौधरी, छाता