{"_id":"6510866ececddc276c0fb92a","slug":"two-youths-riding-a-bike-were-shot-one-died-the-other-injured-mathura-news-c-29-1-mtr1019-138340-2023-09-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mathura News: बाइक सवार दो युवकों को मारी गोली, एक की मौत, दूसरा घायल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mathura News: बाइक सवार दो युवकों को मारी गोली, एक की मौत, दूसरा घायल
Mon, 25 Sep 2023 12:26 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
Updated Mon, 25 Sep 2023 12:26 AM IST
विज्ञापन
मथुरा। रिफाइनरी थाना क्षेत्र के खेड़िया-छड़गांव मार्ग पर रविवार रात बाइक सवार दो युवकों को चार हमलावरों ने गोली मार दी। गोली लगने से एक की मौत हो गई। वहीं, दूसरा घायल है। देर रात घटनास्थल पर एसएसपी, एसपी सिटी मय फोर्स पहुंचे। छानबीन में वारदात के दो एंगल सामने आए हैं। पुलिस दोनों पर काम कर रही है। घायल ने चार नामजदों पर आरोप लगाया है। पुलिस उनकी तलाश में देर रात तक जुटी रही।
घटना रात 8:30 बजे करीब की है। योगेंद्र उर्फ पहाड़ी (32) निवासी राया और दाऊजी पुत्र बिरजो उर्फ विजेंद्र निवासी पिलुआ, फरह रविवार रात को गांव की बिजली की समस्या और एटीएम से पैसे निकालने के लिए रिफाइनरी तक बाइक से आए थे। यहां से लौटते वक्त रिफाइनरी थाना क्षेत्र के खेड़िया-छड़गांव मार्ग के एसके मोड़ पर इनके पीछे दो बाइकों पर आए चार लोगों ने घेरकर फायरिंग कर दी। बाइक पर पीछे बैठे पहाड़ी की गोली लगने से मौके पर मौत हो गई। वहीं, बाइक चला रहे दाऊजी की बायीं जांघ में गोली लगी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घायल को जिला अस्पताल भेजा। वहीं, पहाड़ी के शव को मोर्चरी भेजा गया।
पुलिस पूछताछ में घायल दाऊजी ने गांव के चार नामजदों पर आरोप लगाया है। बताया कि नामजदों के परिवार के व्यक्ति गोपाल की 2019 में होली की धूल को हत्या हुई थी। उसके मुकदमे में पहाड़ी, दाऊजी, इसका भाई भीमसैन सहित हरिचंद, अंकित और भूदेव नामजद हैं। एक साल पहले पहाड़ी जेल से जमानत पर रिहा हुआ था। आरोप है कि गोपाल की हत्या का बदला लेने के लिए यह वारदात की गई है।
विज्ञापन
तहरीर प्राप्त होने पर मुकदमा दर्ज किया जाएगा। फिलहाल घटना का दूसरा पहलू भी सामने आ रहा है। उस पर भी जांच की जा रही है।
- शैलेश कुमार पांडेय, एसएसपी
पुलिस को हजम नहीं हो रही चार साल बाद हत्या के बदले हत्या की थ्योरी
मथुरा। रिफाइनरी थाना क्षेत्र के खेड़िया-छड़गांव मार्ग के एसके मोड़ पर हुई हत्या की वारदात में पुलिस के सामने कई पहलू आए हैं। इनको देखते हुए पुलिस अभी तक इस घटना को संदिग्धता की निगाह से देख रही है।
2019 में पिलुआ सादिकपुर गांव में गोपाल की जमीनी रंजिश में सोते समय लाठी-डंडों से पीट-पीटकर हत्या की गई थी। मृतक के बेटे ने हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था, जिसमें योगेंद्र उर्फ पहाड़ी, दाऊजी, भूदेव, भीमसेन, हरिचंद, अंकित को नामजद किया गया था। पुलिस ने सभी आरोपियों को जेल भेजा था। दाऊजी 2020 में जमानत पर बाहर आया था। अन्य आरोपी भी इसी प्रकार जमानत पर जेल से बाहर आए।
सबसे आखिरी में पहाड़ी की जमानत 2022 में हुई थी। गोपाल की हत्या की सुनवाई कोर्ट में वादी पक्ष की कड़ी पैरवी के चलते फास्ट ट्रैक की तर्ज पर हो रही है। पिछले दिनों दाऊजी और उसके भाई भीमसेन के वारंट भी जारी हुए थे। हाईकोर्ट से अंतरिम जमानत मिलने पर दाऊजी अभी बाहर है। पुलिस अभी तक इस पहलू पर भी विचार कर रही है कि जिस प्रकार से सीधे तौर पर गोपाल के परिवार वालों पर हत्या के बदले हत्या का आरोप लगाया जा रहा है, उसके पीछे गोपाल हत्याकांड में समझौते का दबाव भी हो सकता है। क्योंकि गोपाल पक्ष का मुकदमा पूरी तरह से पक चुका है। अदालत जल्द ही उस पर निर्णय सुना सकती है। ऐसे में वह हत्या की वारदात करके खुद के लिए जेल का रास्ता क्यों तैयार करेंगे।
वारदात का नहीं कोई साक्षी
पुलिस को वारदात का भी कोई साक्षी नहीं मिला है। इस वारदात में जिस योगेंद्र उर्फ पहाड़ी की मौत हुई है। वह 15 साल से दाऊजी के पास ही रह रहा था। दाऊजी की आटे की चक्की है। उसकी चक्की पर काम करने के एवज में दाऊजी द्वारा पहाड़ी को घर में आश्रय और खाना दिया जाता था। साथ ही उसे जेब खर्च के पैसे भी देता था। पुलिस का माथा इस बात पर भी ठनक रहा है कि जैसा दाऊजी द्वारा बताया जा रहा है कि चार हमलावरों ने अंधाधुंध फायरिंग की। ऐसे में कैसे संभव है कि सिर्फ पहाड़ी को शरीर के ऊपरी हिस्से में गोली लगे और स्वयं बाइक चला रहे दाऊजी की जांघ में गोली लगे। अगर, विपक्षियों का इरादा हत्या के बदले का ही था तो वह नौकर पहाड़ी के साथ ही मूल आरोपी दाऊजी को भी मौत के घाट उतारकर जाते।
कहीं समझौते के दबाव में तो नहीं की गई वारदात
पुलिस को इस बात पर शक है कि यह वारदात समझौते के दबाव में की प्लान की गई हो। प्लानिंग के तहत पहाड़ी की हत्या की गई हो। दरअसल, पहाड़ी के परिवार में कोई नहीं है। ऐसे में उसकी हत्या की पैरवी को भी कौन खड़ा होगा।
सर्विलांस और सीडीआर खोलेगी राज
पुलिस ने दाऊजी का मोबाइल जांच को जब्त किया है। उसकी सीडीआर निकलवाई जा रही है। इसके साथ ही सर्विलांस टीम को एसएसपी ने घायल दाऊजी द्वारा बताए जा रहे घटना के समय घटनास्थल पर अन्य लोगों की मौजूदगी के संबंध में जांच सौंपी है। मोबाइल टावर लोकेशन के जरिये इस तथ्य पर पड़ताल की जा रही है। इसके साथ ही सर्विलांस टीम घटना के समय दाऊजी के मोबाइल की लोकेशन से हत्या में नामजद किए जा रहे आरोपियों के मोबाइल की लोकेशन का भी मिलान करने में जुटी है।
घटना के सभी पहलुओं पर जांच की जा रही है। कुछ संदिग्धता भी है। दो टीमों को वारदात के खुलासे के लिए लगाया गया है।
- मार्तंड प्रताप सिंह, एसपी सिटी
विज्ञापन
घटना रात 8:30 बजे करीब की है। योगेंद्र उर्फ पहाड़ी (32) निवासी राया और दाऊजी पुत्र बिरजो उर्फ विजेंद्र निवासी पिलुआ, फरह रविवार रात को गांव की बिजली की समस्या और एटीएम से पैसे निकालने के लिए रिफाइनरी तक बाइक से आए थे। यहां से लौटते वक्त रिफाइनरी थाना क्षेत्र के खेड़िया-छड़गांव मार्ग के एसके मोड़ पर इनके पीछे दो बाइकों पर आए चार लोगों ने घेरकर फायरिंग कर दी। बाइक पर पीछे बैठे पहाड़ी की गोली लगने से मौके पर मौत हो गई। वहीं, बाइक चला रहे दाऊजी की बायीं जांघ में गोली लगी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घायल को जिला अस्पताल भेजा। वहीं, पहाड़ी के शव को मोर्चरी भेजा गया।
विज्ञापन
पुलिस पूछताछ में घायल दाऊजी ने गांव के चार नामजदों पर आरोप लगाया है। बताया कि नामजदों के परिवार के व्यक्ति गोपाल की 2019 में होली की धूल को हत्या हुई थी। उसके मुकदमे में पहाड़ी, दाऊजी, इसका भाई भीमसैन सहित हरिचंद, अंकित और भूदेव नामजद हैं। एक साल पहले पहाड़ी जेल से जमानत पर रिहा हुआ था। आरोप है कि गोपाल की हत्या का बदला लेने के लिए यह वारदात की गई है।
विज्ञापन
तहरीर प्राप्त होने पर मुकदमा दर्ज किया जाएगा। फिलहाल घटना का दूसरा पहलू भी सामने आ रहा है। उस पर भी जांच की जा रही है।
- शैलेश कुमार पांडेय, एसएसपी
पुलिस को हजम नहीं हो रही चार साल बाद हत्या के बदले हत्या की थ्योरी
मथुरा। रिफाइनरी थाना क्षेत्र के खेड़िया-छड़गांव मार्ग के एसके मोड़ पर हुई हत्या की वारदात में पुलिस के सामने कई पहलू आए हैं। इनको देखते हुए पुलिस अभी तक इस घटना को संदिग्धता की निगाह से देख रही है।
2019 में पिलुआ सादिकपुर गांव में गोपाल की जमीनी रंजिश में सोते समय लाठी-डंडों से पीट-पीटकर हत्या की गई थी। मृतक के बेटे ने हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था, जिसमें योगेंद्र उर्फ पहाड़ी, दाऊजी, भूदेव, भीमसेन, हरिचंद, अंकित को नामजद किया गया था। पुलिस ने सभी आरोपियों को जेल भेजा था। दाऊजी 2020 में जमानत पर बाहर आया था। अन्य आरोपी भी इसी प्रकार जमानत पर जेल से बाहर आए।
सबसे आखिरी में पहाड़ी की जमानत 2022 में हुई थी। गोपाल की हत्या की सुनवाई कोर्ट में वादी पक्ष की कड़ी पैरवी के चलते फास्ट ट्रैक की तर्ज पर हो रही है। पिछले दिनों दाऊजी और उसके भाई भीमसेन के वारंट भी जारी हुए थे। हाईकोर्ट से अंतरिम जमानत मिलने पर दाऊजी अभी बाहर है। पुलिस अभी तक इस पहलू पर भी विचार कर रही है कि जिस प्रकार से सीधे तौर पर गोपाल के परिवार वालों पर हत्या के बदले हत्या का आरोप लगाया जा रहा है, उसके पीछे गोपाल हत्याकांड में समझौते का दबाव भी हो सकता है। क्योंकि गोपाल पक्ष का मुकदमा पूरी तरह से पक चुका है। अदालत जल्द ही उस पर निर्णय सुना सकती है। ऐसे में वह हत्या की वारदात करके खुद के लिए जेल का रास्ता क्यों तैयार करेंगे।
वारदात का नहीं कोई साक्षी
पुलिस को वारदात का भी कोई साक्षी नहीं मिला है। इस वारदात में जिस योगेंद्र उर्फ पहाड़ी की मौत हुई है। वह 15 साल से दाऊजी के पास ही रह रहा था। दाऊजी की आटे की चक्की है। उसकी चक्की पर काम करने के एवज में दाऊजी द्वारा पहाड़ी को घर में आश्रय और खाना दिया जाता था। साथ ही उसे जेब खर्च के पैसे भी देता था। पुलिस का माथा इस बात पर भी ठनक रहा है कि जैसा दाऊजी द्वारा बताया जा रहा है कि चार हमलावरों ने अंधाधुंध फायरिंग की। ऐसे में कैसे संभव है कि सिर्फ पहाड़ी को शरीर के ऊपरी हिस्से में गोली लगे और स्वयं बाइक चला रहे दाऊजी की जांघ में गोली लगे। अगर, विपक्षियों का इरादा हत्या के बदले का ही था तो वह नौकर पहाड़ी के साथ ही मूल आरोपी दाऊजी को भी मौत के घाट उतारकर जाते।
कहीं समझौते के दबाव में तो नहीं की गई वारदात
पुलिस को इस बात पर शक है कि यह वारदात समझौते के दबाव में की प्लान की गई हो। प्लानिंग के तहत पहाड़ी की हत्या की गई हो। दरअसल, पहाड़ी के परिवार में कोई नहीं है। ऐसे में उसकी हत्या की पैरवी को भी कौन खड़ा होगा।
सर्विलांस और सीडीआर खोलेगी राज
पुलिस ने दाऊजी का मोबाइल जांच को जब्त किया है। उसकी सीडीआर निकलवाई जा रही है। इसके साथ ही सर्विलांस टीम को एसएसपी ने घायल दाऊजी द्वारा बताए जा रहे घटना के समय घटनास्थल पर अन्य लोगों की मौजूदगी के संबंध में जांच सौंपी है। मोबाइल टावर लोकेशन के जरिये इस तथ्य पर पड़ताल की जा रही है। इसके साथ ही सर्विलांस टीम घटना के समय दाऊजी के मोबाइल की लोकेशन से हत्या में नामजद किए जा रहे आरोपियों के मोबाइल की लोकेशन का भी मिलान करने में जुटी है।
घटना के सभी पहलुओं पर जांच की जा रही है। कुछ संदिग्धता भी है। दो टीमों को वारदात के खुलासे के लिए लगाया गया है।
- मार्तंड प्रताप सिंह, एसपी सिटी