फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Mathura News ›   Thakur Banke Bihari will taste Kheer and Chandrakala

ठाकुर बांकेबिहारी चखेंगे खीर और चंद्रकला

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 07 Oct 2022 08:39 PM IST
विज्ञापन
Thakur Banke Bihari will taste Kheer and Chandrakala
वृंदावन। ठाकुर बांके बिहारी महाराज शरद पूर्णिमा पर विशेष सिंहासन पर विराजमान हो वंशी धारण कर भक्तों को दर्शन देंगे। मंदिर में तैयारियां अंतिम दौर में हैं। सेवायत तैयारियों में जुटे हुए हैं। ठाकुरजी को इस दिन प्रसाद के रूप में खीर तथा चंद्रकला का भोग निवेदित किया जाएगा। रात से बाहरी वाहनों का प्रवेश बंद कर दिया गया है।
विज्ञापन

मंदिर के सेवायत रघु गोस्वामी ने बताया कि शरद पूर्णिमा को महारास पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है। बांके बिहारी मंदिर सहित सप्तदेवालयों में शरद पूर्णिमा 9 अक्तूबर को मनाई जाएगी। बताया कि इस दिन भगवान श्रीकृष्ण ने वृंदावन के यमुना तट पर स्थित वंशीवट पर गोपियों के संग महारास कर तीनों लोकों को कृतार्थ किया था। महारास को देखने देवाधिदेव शिव भी गोपीवेश में यहां आए तो गोपीश्वर कहलाए। बांके बिहारी महाराज इस दिन अधरों पर वंशी को धारण करेंगे। कारण महारास में उन्होंने वंशी का सहयोग लिया था।
विज्ञापन

वर्षों से बंद है शरद महोत्सव
उत्तर प्रदेश सांस्कृतिक विभाग द्वारा वर्ष १९८५ में वृंदावन में शरद पूर्णिमा पर शरद महोत्सव प्रारंभ किया। त्रिदिवसीय उत्सव धवल चांदनी में राजस्थान देवस्थान विभाग के राधा माधव मंदिर के प्रांगण में होता था। इसमें देश के प्रख्यात कलाकार प्रस्तुति देते थे। महोत्सव ने कई वर्षों तक चोटी के कलाकारों को सशक्त मंच उपलब्ध कराया। शरद महोत्सव की ख्याति बड़े पैमाने पर हुई पर दो दशक से किन्हीं कारणों से यह बंद हो गया। बांसुरी वादक मोहन श्याम पचौरी ने कहा कि शरद महोत्सव से ब्रज के कला प्रेमियों को एक ऊर्जा मिलती थी। वृंदावन की पहचान रास लीला से है और शरद पूर्णिमा रासलीला की वर्षगांठ है।
विज्ञापन
विज्ञापन

अन्य मंदिरों में भी मनेगा उत्सव
नगर के अन्य मंदिर और आश्रमों में शरद महोत्सव पर धार्मिक अनुष्ठान होंगे। सेवाकुंज स्थित राधादामोदर मंदिर और राधाश्याम सुंदर मंदिर में चांदनी रात में ठाकुरजी के विशेष दर्शन होंगे। गोपेश्वर मंदिर में प्रात: ८ बजे से सेवायतों के सान्निध्य में दुग्धाभिषेक होगा। शाम को ठा.गोपेश्वर महादेव शरद छटा में दर्शन देंगे। महारास एवं भजन संध्या का आयोजन किया जाएगा। नगर के ठा.राधावल्लभ मंदिर एवं राधामोहन मंदिर में भी महोत्सव मनाया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed