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Mathura: बाढ़ से फिर बिगड़ने लगे हालात...कई कॉलोनियों में घुसा पानी, यमुना से सटे इलाकों में बढ़ी मुश्किलें
Sat, 30 Aug 2025 01:18 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
Published by: अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 30 Aug 2025 01:18 AM IST
सार
जलस्तर बढ़ने से यमुना से सटे जयसिंहपुरा और वृंदावन की दर्जनों कॉलोनियां समेत निचले गांवों में यमुना का पानी घुसने लगा है। हालांकि कुछ क्षेत्रों में पहले से ही यमुना का पानी भरा हुआ है।
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मथुरा। यमुना के पानी में फंसी गाड़ी को बाहर निकालती क्रेन।
- फोटो : mathura
विस्तार
मथुरा में यमुना का जलस्तर बढ़ने से एक बार फिर हालात बिगड़ने लगे हैं। यमुना से सटे कई क्षेत्रों में शुक्रवार को पानी घुस गया और बाढ़ जैसे हालात बन गए। बीते 24 घंटे में यमुना का जलस्तर 10 सेंटीमीटर बढ़ा है, जो खतरे के निशान 166 मीटर से 30 सेमी नीचे है। हालांकि प्रशासन पहले से ही सतर्कता बरत रहा है।
कुछ दिन से प्रतिदिन यमुना का जलस्तर घट रहा था। कई क्षेत्रों में पानी भी नीचे उतर गया था, लेकिन पिछले तीन से फिर यमुना का पानी बढ़ने लगा है। शुक्रवार शाम को प्रयाग घाट पर यमुना का जलस्तर 165.60 मीटर से बढ़कर 165.70 मीटर दर्ज किया गया, जो बीते 24 घंटे में 10 सेमी की बढ़ोतरी है।
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कुछ दिन से प्रतिदिन यमुना का जलस्तर घट रहा था। कई क्षेत्रों में पानी भी नीचे उतर गया था, लेकिन पिछले तीन से फिर यमुना का पानी बढ़ने लगा है। शुक्रवार शाम को प्रयाग घाट पर यमुना का जलस्तर 165.60 मीटर से बढ़कर 165.70 मीटर दर्ज किया गया, जो बीते 24 घंटे में 10 सेमी की बढ़ोतरी है।
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सिंचाई विभाग अपर खंड एक्सईएन नवीन कुमार ने बताया कि शुक्रवार शाम को हथिनीकुंड से 71225 क्यूसेक और ओखला से 42265 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है, जबकि गोकुल बैराज से 71225 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया जा रहा है। जलस्तर बढ़ने से यमुना से सटे जयसिंहपुरा और वृंदावन की दर्जनों कॉलोनियां समेत निचले गांवों में यमुना का पानी घुसने लगा है। हालांकि कुछ क्षेत्रों में पहले से ही यमुना का पानी भरा हुआ है।
आधा दर्जन गांवों में घुसा यमुना का पानी
क्षेत्र में यमुना का जलस्तर बढ़ता जा रहा है। गांवों में पानी पहुंचने से ग्रामीणों चिंतित हैं। जलमग्न फसलों को देखकर परेशान हैं। पशुओं के लिए हरे चारे की समस्या खड़ी हो गयी है। बृहस्पतिवार देररात राष्ट्रीय राजमार्ग व यमुना एक्सप्रेस-वे से जोड़ने वाले नौहझील -शेरगढ़ मार्ग व नौहझील-फिरोजपुर मार्ग को बंद कर दिया गया।
क्षेत्र में यमुना का जलस्तर बढ़ता जा रहा है। गांवों में पानी पहुंचने से ग्रामीणों चिंतित हैं। जलमग्न फसलों को देखकर परेशान हैं। पशुओं के लिए हरे चारे की समस्या खड़ी हो गयी है। बृहस्पतिवार देररात राष्ट्रीय राजमार्ग व यमुना एक्सप्रेस-वे से जोड़ने वाले नौहझील -शेरगढ़ मार्ग व नौहझील-फिरोजपुर मार्ग को बंद कर दिया गया।
आधा दर्जन गांव छिनपारई, अड्डा मीणा, फिरोजपुर, अड्डा मल्हान, मांगरखोर व अड्डा जाटव में कुछ घरों तक पानी पहुंच गया। सैकड़ों बीघा गेहूं, बाजरा, ज्वार व मूंगफली की फसल नष्ट होने के कगार पर है। नायब तहसीलदार राकेश उपाध्याय ने बताया कि शुक्रवार देर रात के बाद जलस्तर कम होने लगेगा।
चुनी से भरी गाड़ी पलटी
नौहझील-शेरगढ़ मार्ग पर यमुना पुल के समीप 3 से 4 फीट ऊंचाई तक पानी बह रहा है। इसी मार्ग पर छिनपारई प्याऊ के समीप 2 से ढा़ई फीट व गांव छिनपारई पर डेढ़ से 2 फीट ऊंचाई तक पानी बह रहा है। शुक्रवार सुबह एक चुनी से भरे आयशर कैंटर चालक ने पानी में से गाड़ी को निकालना चाहा, गाड़ी का पहिया सड़क से नीचे उतर गया, जिससे गाड़ी पलटने लगी।
सड़क सहारे पेड़ होने के कारण वह पूरी तरह नहीं पलट सकी। गाड़ी से 5-6 बोरी चुनी के नीचे गिरकर पानी में बह गये। क्रेन की मदद से गाड़ी को बाहर निकाला गया। इसके बाद एक पुलिसकर्मी भी बाइक सहित बहने लगा, जिसे मौजूद लोगों ने पकड़कर बचाया। पुल के समीप ट्रैक्टर चालक ट्राली में कार व बाइक को रखकर पार करा रहे हैं। इसकी एवज में बाइक से 50 रुपये व कार से 250 से 500 रुपये तक वसूल रहे हैं।
ये भी पढ़ें-नकली दवा का सिंडिकेट: गोदाम में मिली 80 लाख की दवाएं...बिल से ज्यादा भंडारण, टीम ने जांच के लिए भेजे सैंपल
नौहझील-शेरगढ़ मार्ग पर यमुना पुल के समीप 3 से 4 फीट ऊंचाई तक पानी बह रहा है। इसी मार्ग पर छिनपारई प्याऊ के समीप 2 से ढा़ई फीट व गांव छिनपारई पर डेढ़ से 2 फीट ऊंचाई तक पानी बह रहा है। शुक्रवार सुबह एक चुनी से भरे आयशर कैंटर चालक ने पानी में से गाड़ी को निकालना चाहा, गाड़ी का पहिया सड़क से नीचे उतर गया, जिससे गाड़ी पलटने लगी।
सड़क सहारे पेड़ होने के कारण वह पूरी तरह नहीं पलट सकी। गाड़ी से 5-6 बोरी चुनी के नीचे गिरकर पानी में बह गये। क्रेन की मदद से गाड़ी को बाहर निकाला गया। इसके बाद एक पुलिसकर्मी भी बाइक सहित बहने लगा, जिसे मौजूद लोगों ने पकड़कर बचाया। पुल के समीप ट्रैक्टर चालक ट्राली में कार व बाइक को रखकर पार करा रहे हैं। इसकी एवज में बाइक से 50 रुपये व कार से 250 से 500 रुपये तक वसूल रहे हैं।
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