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श्रीकृष्ण जन्माष्टमी: वृंदावन में श्री बांके बिहारी को लगेगा धनिया की पंजीरी का भोग, उत्सव की तैयारियां तेज
Sun, 03 Sep 2023 11:10 PM IST
भूपेन्द्र सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
Published by: भूपेन्द्र सिंह
Updated Sun, 03 Sep 2023 11:10 PM IST
सार
मथुरा के वृंदावन में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर श्री बांके बिहारी को धनिया की पंजीरी का भोग लगेगा। यहां उत्सव की तैयारियां काफी जोरों पर हैं। लोगों में इस उत्सव के लिए खासा उत्साह है।
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बांकेबिहारी का दरबार
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
तीर्थनगरी मथुरा के वृंदावन में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर ठाकुर बांकेबिहारी महाराज का धनिया की पंजीरी और विशेष प्रकार के पाग से भोग लगाया जाएगा। वहीं इस्कॉन मंदिर में 56 प्रकार के व्यंजन और 100 किलो का केक तैयार किया जाएगा, जोकि रात के 12 बजते ही देशी-विदेशी भक्तों द्वारा काटा जाएगा। प्रेम मंदिर में 200 किलो मुठिया के लड्डू तैयार किए जा रहे हैं।
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सुप्रसिद्ध बांकेबिहारी मंदिर के श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर निज मंदिर में सेवा करने वाले सेवाधिकारी आनंद गोस्वामी ने बताया कि ठाकुर बांकेबिहारी का पंचामृत से अभिषेक के बाद विशेष भोग लगाया जाएगा। यह भोग वर्ष में एक बार भाद्र पद कृष्ण पक्ष की अष्टमी को ही लगाया जाता है। इस विशेष भोग में मीगी पाग, मखाना पाग और गोला का पाग के साथ धनिया की पंजीरी का भोग लगाया जाता है। यह भोग मंदिर की रसोई के साथ मंदिर के गोस्वामियों के घरों में परिवारों द्वारा तैयार किया जाता है।
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इस्कॉन मंदिर के मीडिया प्रभारी रविलोचन दास ने बताया कि श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की तैयारियां मंदिर में जोरों पर हैं। ठाकुरजी के मध्य रात्रि को अभिषेक के बाद 56 प्रकार के व्यंजनों के भोग लगाए जाएंगे। विदेश भक्तों द्वारा 100 किलो का खोआ का केक बनाया जाएगा। सभी प्रकार के भोग और केक मंदिर की रसोई में ही दीक्षित भक्तों द्वारा तैयार किया जाएगा। इसके अलावा दो हजार से अधिक भक्तों के लिए प्रसाद भी बनाया जाएगा।
प्रेम मंदिर के व्यवस्थापक अजय त्रिपाठी का कहना है कि सात सितंबर को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की रात को ठाकुरजी का शंखध्वनि के मध्य अभिषेक के बाद 56 प्रकार के व्यंजनों के भोग लगाए जाएंगे। इसके अलावा पंजीरी और पाग के भोग का विशेष महत्व होता है। वहीं मंदिर की रसोई में 200 किलो मुठिया के लड्डू बनाए जा रहे हैं, जो कि भक्तों में बांटे जाएंगे।
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प्रेम मंदिर के व्यवस्थापक अजय त्रिपाठी का कहना है कि सात सितंबर को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की रात को ठाकुरजी का शंखध्वनि के मध्य अभिषेक के बाद 56 प्रकार के व्यंजनों के भोग लगाए जाएंगे। इसके अलावा पंजीरी और पाग के भोग का विशेष महत्व होता है। वहीं मंदिर की रसोई में 200 किलो मुठिया के लड्डू बनाए जा रहे हैं, जो कि भक्तों में बांटे जाएंगे।
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प्राचीन राधारमण मंदिर के सेवायत पदमलोचन गोस्वामी ने बताया कि श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर ठाकुरजी का विशेष रूप से तिल भोग लगाया जाता है। जोकि सैकड़ों साल पहले आचार्य गोपाल भट़्ट द्वारा श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर तिल भोग की परंपरा शुरू की गई। उसी भोग परंपरा का निर्वाह इस बार भी सात सितंबर को किया जाएगा। मंदिर की रसोई में सफेद दिनों में घी में भूनकर बुरा मिलाकर ठाकुरजी को सेवित किया जाता है। इसके अलावा गोला, मेवा मिलाकर पाग भोग लगाया जाएगा।