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यमुना में सीवर का गंदा पानी रोका
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मथुरा। बंगालीघाट रेलवे लाइन के सहारे जा रहे सीवर लाइन की लीकेज को फिलहाल जलनिगम आगरा और रेलवे की तकनीकी टीम ने रोक दिया है। दो दिन तक लगातार कार्य करते हुए इस गंदे पानी को यमुना में जाने से रोका गया। जलनिगम के अफसर इसका पुख्ता इंतजाम जल्द करने की बात कह रहे हैं।
समाजसेवी प्रकाश चंद अग्र्रवाल ने इसकी शिकायत प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री से लेकर प्रदेश सरकार के अफसरों से की थी। समाधान न होने पर धरना-प्रदर्शन करने को एलान किया था। इस खबर को अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित किया। अमर उजाला में प्रकाशित खबर के बाद रेलवे और जलनिगम के अफसर बंगालीघाट की तरफ दौड़ पड़े। यहां पर दो दिन रेलवे और जलनिगम की तकनीकि टीम ने यमुना में गिर रहे गंदे पानी को जाने से रोक दिया।
हालांकि अभी इसे खुद ही अफसर अस्थायी कार्य मानकर चल रहे हैं। दावा कर रहे हैं कि जल्द ही पुख्ता इंतजाम किए जाएंगे। यमुना प्रदूषण नियंत्रण इकाई आगरा के सहायक अभियंता जयपाल सिंह का कहना है कि यमुना में गिर रहे गंदे पानी को जाने से रोक दिया गया है। सब कुछ सही रहा तो अब गंदा पानी यमुना में नहीं गिरेगा।
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यमुना में गिर रहा गंदा पानी राष्ट्रपति दरबार तक गूंजा
समाजसेवी प्रकाश चंद अग्रवाल ने २० फरवरी को राष्ट्रपति रामनाथ कोविद को ईमेल करके यमुना में गिर रहे गंदे पानी को रोकने की गुजारिश की थी। राष्ट्रपति कार्यालय से रेलवे के चेयरमैन को निर्देशित किया गया कि गंदा पानी जाने से रोकें। इसकी एक कॉपी समाजसेवी को भेजी गई। रेलवे के अफसरों ने समाजसेवी से संपर्क किया। फिलहाल शिकायत का समाधान होने पर समाजसेवी खुश हैं। मंगलवार को होने वाला धरना-प्रदर्शन समाजसेवी ने वापस ले लिया है।
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समाजसेवी प्रकाश चंद अग्र्रवाल ने इसकी शिकायत प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री से लेकर प्रदेश सरकार के अफसरों से की थी। समाधान न होने पर धरना-प्रदर्शन करने को एलान किया था। इस खबर को अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित किया। अमर उजाला में प्रकाशित खबर के बाद रेलवे और जलनिगम के अफसर बंगालीघाट की तरफ दौड़ पड़े। यहां पर दो दिन रेलवे और जलनिगम की तकनीकि टीम ने यमुना में गिर रहे गंदे पानी को जाने से रोक दिया।
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हालांकि अभी इसे खुद ही अफसर अस्थायी कार्य मानकर चल रहे हैं। दावा कर रहे हैं कि जल्द ही पुख्ता इंतजाम किए जाएंगे। यमुना प्रदूषण नियंत्रण इकाई आगरा के सहायक अभियंता जयपाल सिंह का कहना है कि यमुना में गिर रहे गंदे पानी को जाने से रोक दिया गया है। सब कुछ सही रहा तो अब गंदा पानी यमुना में नहीं गिरेगा।
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यमुना में गिर रहा गंदा पानी राष्ट्रपति दरबार तक गूंजा
समाजसेवी प्रकाश चंद अग्रवाल ने २० फरवरी को राष्ट्रपति रामनाथ कोविद को ईमेल करके यमुना में गिर रहे गंदे पानी को रोकने की गुजारिश की थी। राष्ट्रपति कार्यालय से रेलवे के चेयरमैन को निर्देशित किया गया कि गंदा पानी जाने से रोकें। इसकी एक कॉपी समाजसेवी को भेजी गई। रेलवे के अफसरों ने समाजसेवी से संपर्क किया। फिलहाल शिकायत का समाधान होने पर समाजसेवी खुश हैं। मंगलवार को होने वाला धरना-प्रदर्शन समाजसेवी ने वापस ले लिया है।