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बरसाना: 'राधारानी ने लियौ अवतार, बधाई बाजी बरसाने' जन्म लेते ही वेद ऋचाओं से गूंज उठा ब्रह्मगिरि पर्वत
Sat, 23 Sep 2023 08:09 PM IST
भूपेन्द्र सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
Published by: भूपेन्द्र सिंह
Updated Sat, 23 Sep 2023 08:09 PM IST
सार
मथुरा के बरसाना में लाडली जी के जन्म लेते ही वेद ऋचाओं से ब्रह्मगिरि पर्वत गूंज उठा। लोगों के मुंह पर बस यही रहा कि 'राधारानी ने लियौ अवतार, बधाई बाजी बरसाने'।
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बरसाना: 'राधारानी ने लियौ अवतार, बधाई बाजी बरसाने'
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
तीर्थनगरी मथुरा के बरसाना में ब्रह्मांचल पर्वत पर बसे बरसाना में शुक्रवार रात द्वापर जैसा नजारा साकार हो उठा। राधारानी के जन्म की घड़ी पर टकटकी लगाए ब्रजवासी बाबा वृषभानु के द्वार पर बधाई देने के लिए आतुर दिखे। हर किसी की जुबान बधाई हो-बधाई हो... के स्वर थे। लाडलीजी मंदिर में आलम यह था कि श्रद्धालुओं को पैर रखने तक जगह नहीं मिली।
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रोशनी से नहाए मंदिर में जहां गोस्वामीजन समाज गायन कर रहे थे, वहीं राधारानी के भक्त अपनी आराध्या की मोहक छवि को निहारने के लिए इस कदर उत्साहित थे कि भीड़ के दबाव के बावजूद उनमें सबसे पहले दर्शन की होड़ लगी थी। रात करीब दो बजे गोस्वामी समाज के लोगों ने लाडली जी के गर्भगृह में प्रवेश किया और राधाजी के अवतरित होने से पूर्व उनकी जन्म की बधाई गाई। बधाई गायन तड़के चार बजे तक चला।
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बरसाना: राधारानी के जन्म लेते ही वेद ऋचाओं से गूंज उठा ब्रह्मगिरि पर्वत
- फोटो : अमर उजाला
गंडमूल नक्षत्र होने के कारण 27 कुओं का जल, 27 पेड़ों की पत्तियां, 27 तरह के पुष्प, 27 तरह की औषधी, 27 तरह के मेवे, 27 फल, 27 पेड़़ो की जड़ें तथा सोने-चांदी के मूल मूलनी और कांस्य छाया पात्र में तेल व हवन आदि के साथ मूल शांति कराई गई। यह प्रकिया रात दो बजे से शनिवार तड़के चार बजे तक चली। घड़ी की सुई ने जैसे ही साढ़े चार बजाए मंदिर परिसर घंटे-घड़ियाल व वेद मंत्रों से गूंजने लगा। सेवायत राधारानी के विग्रह को गर्भ गृह से बाहर लेकर आए और कमल पुष्पों से सुशोभित चांदी की चौकी पर विराजमान किया।
इसके बाद लाडली जी मंदिर स्थित जगमोहन में राधारानी की दिव्य प्रतिमा का महाभिषेक कार्यक्रम शुरू हुआ। मंदिर सेवायतों द्वारा दूध, दही, शहद, घी, बूरा, केसर, गुलाब जल, गोघृत, पंचरतन, नवरतन आदि से महाभिषेक किया गया। इस दौरान संपूर्ण वातावरण घंटे, घड़ियाल और वाद्ययंत्रों की आवाज से गूंज रहा था। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच करीब सवा घंटे तक अभिषेक किया गया।
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इसके बाद लाडली जी मंदिर स्थित जगमोहन में राधारानी की दिव्य प्रतिमा का महाभिषेक कार्यक्रम शुरू हुआ। मंदिर सेवायतों द्वारा दूध, दही, शहद, घी, बूरा, केसर, गुलाब जल, गोघृत, पंचरतन, नवरतन आदि से महाभिषेक किया गया। इस दौरान संपूर्ण वातावरण घंटे, घड़ियाल और वाद्ययंत्रों की आवाज से गूंज रहा था। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच करीब सवा घंटे तक अभिषेक किया गया।
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बरसाना: राधारानी के जन्म लेते ही वेद ऋचाओं से गूंज उठा ब्रह्मगिरि पर्वत
- फोटो : अमर उजाला
उधर, श्रद्धालु राधा रानी की जयघोष कर रहे थे। पूरी बरसाना नगरी राधामय नजर आ रही थी, जिधर देखो उधर श्रद्धालु राधा रानी के भजनों पर थिरकते दिखे। बृषभानु नंदनी के जन्म के दौरान सेवायत व श्रद्धालुओं द्वारा खेल, खिलौने, फल, मिष्ठान आदि वितरित किए गए। इस दौरान कृष्णानंद भट्ट, घनश्याम राज भट्ट, जगन्नाथ शास्त्री, ब्रजेश गोस्वामी, गोपेंद्र गोस्वामी, प्रवीण गोस्वामी, माधव गोस्वामी आदि मौजूद रहे।
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बरसाना के सभी मंदिरों में रही राधाष्टमी की धूम
मान मंदिर में तड़के चार बजे रमेश बाबा के सानिध्य में राधाजी का अभिषेक कर जन्मोत्सव मनाया गया। रंगीली महल में राधा जन्मोत्सव पर केक काटा गया। ब्रह्मलीन जगद्गुरु कृपालु जी महाराज के स्थापित कीर्ति मंदिर में राधारानी के जन्मोत्सव पर आकर्षक विद्युत सजावट की गई। श्रीजी मंदिर के अलावा कीर्ति मंदिर लोगों के आकर्षण का केंद्र बना रहा।यह भी पढ़ेंः- रेस्तरां पर गैर समुदाय के युवक के साथ युवती: खुशनुमा माहौल और पहुंच गए घरवाले; फिर जो हुआ खड़े कर देगा रोंगटे
बरसाना: राधारानी के जन्म लेते ही वेद ऋचाओं से गूंज उठा ब्रह्मगिरि पर्वत
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भक्तों पर हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा
राधारानी के जन्मोत्सव पर भक्तों पर हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा की गई। महाकालेश्वर मंदिर उज्जैन के संरक्षक संत शिवहरि दास ने राधा रानी भक्तों पर हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा कराई। इससे पूर्व में होली पर भी हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा कराते रहे हैं।पुलिसकर्मी शालीनता खोते नजर आए
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शैलेश कुमार पांडेय ने भक्तों से शालीनता और मधुर व्यवहार करने का पाठ पढ़ाया था, लेकिन इसके विपरीत कई जगह पुलिसकर्मी शालीनता खोते नजर आए । श्रद्धालुओं के साथ-साथ स्थानीय लोगों से भी पुलिसकर्मी झगड़ते दिखे।
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