{"_id":"655ff4b62c871182060f2d33","slug":"pm-modi-said-women-s-self-confidence-has-the-power-to-give-direction-to-the-entire-society-2023-11-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mathura : ब्रज की धरती...राजस्थान का रण, पीएम मोदी के बयान का कुछ यह निकाला जा रहा है सियासी कनेक्शन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mathura : ब्रज की धरती...राजस्थान का रण, पीएम मोदी के बयान का कुछ यह निकाला जा रहा है सियासी कनेक्शन
Fri, 24 Nov 2023 06:26 AM IST
दुष्यंत शर्मा
राहुल दक्ष, मथुरा
राहुल दक्ष, मथुरा
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Fri, 24 Nov 2023 06:26 AM IST
सार
उन्होंने संत मीराबाई के चरित्र का गुणगान करते हुए कहा, नारी का आत्मबल पूरे समाज को दिशा देने का बल रखता है। पीएम का यह बयान राजस्थान की जनता के लिए वसुंधरा राजे के सीएम उम्मीदवार के तौर पर संदेश और उनकी छवि को निखारने वाला माना जा रहा है।
विज्ञापन
मीराबाई जयंती पर पीएम मोदी मथुरा में थे...
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
पीएम नरेंद्र मोदी ने ब्रज की धरा पर खड़े होकर राजस्थान के चुनावी रण को साधा। उन्होंने संत मीराबाई के चरित्र का गुणगान करते हुए कहा, नारी का आत्मबल पूरे समाज को दिशा देने का बल रखता है। पीएम का यह बयान राजस्थान की जनता के लिए वसुंधरा राजे के सीएम उम्मीदवार के तौर पर संदेश और उनकी छवि को निखारने वाला माना जा रहा है।
विज्ञापन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि वह राजस्थान के चुनावी रण से ब्रज के भक्ति के माहौल में आए हैं। राजस्थान के बिना 84 कोस का ब्रज पूरा नहीं होता। मीराबाई ने राजस्थान को ब्रज और गुजरात से जोड़ा। उन्होंने राजस्थान में जन्म लिया। ब्रज में भक्ति की और गुजरात में जाकर श्रीकृष्ण में विलीन हो गईं। ब्रज को बेशक कन्हैया की धरती कहा जाता है। मगर, यहां सरकार राधा रानी की चलती है। महिलाओं ने हमेशा जिम्मेदारी उठाई है। राजस्थान वीरों की भूमि है। राजस्थान के राजशाही परिवार में जन्मी मीरा व उनके परिवार ने आस्था के केंद्रों, भारत की आत्मा और चेतना की रक्षा की। यह राजस्थान की परंपरा है।
विज्ञापन
76 वर्ष में पहली बार श्रीकृष्ण जन्मस्थान पहुंचे कोई प्रधानमंत्री
योगिराज श्रीकृष्ण की ख्याति भले ही न सिर्फ मथुरा, देश अथवा विदेश तक हो लेकिन श्रीकृष्ण जन्मभूमि स्थित बाल कान्हा तक किसी भी प्रधानमंत्री को पहुंचने में 7 दशक लग गए। इन दशकों में भारत ने जवाहरलाल नेहरू से लेकर नरेंद्र मोदी तक 15 प्रधानमंत्री देखे हैं। श्रीकृष्ण जन्मभूमि स्थित गर्भ गृह में बाल कान्हा स्थापित हैं। मान्यता है कि मंदिर 5500 वर्ष पुराना है। श्रीकृष्ण जन्मभूमि की ख्याति न सिर्फ देश बल्कि विदेश तक है। यहां आए दिन कोई न कोई वीआईपी कान्हा के दर्शनों के लिए आता रहता है लेकिन देश के किसी भी पीएम को कान्हा तक पहुंचने में 76 वर्षों का लंबा समय लग गया।
विज्ञापन
श्रीकृष्ण जन्मभूमि के साथ ही शाही ईदगाह मस्जिद होने के कारण भी संभवत: देश के प्रधानमंत्रियों ने यहां आने में दिलचस्पी नहीं दिखाई कि कहीं इसे सांप्रदायिकता का रंग न दे दिया जाए लेकिन भाजपा शुरू से ही हिंदुत्व की राजनीति करती आई है। अयोध्या में श्रीराम मंदिर निर्माण के साथ यह बात सिद्ध भी हो चुकी है।
मीराबाई पर डाक टिकट व सिक्का जारी किया
पीएम मोदी ने मीराबाई की स्मृति में डाक टिकट और सिक्का जारी किया। जयंती पर कई धातुओं के मिश्रण से बने इस सिक्के की कीमत भी 525 रुपये रखी गई है। सिक्के के एक तरफ अशोक स्तंभ के नीचे मूल्य जबकि दूसरी तरफ मीराबाई का चित्र है। सिक्के के ऊपर हिंदी तथा नीचे अंग्रेजी में संत मीराबाई की 525वीं जयंती लिखी है।
पग घुंघरू बांध मीरा सी नाचीं हेमा
मीरा बाई पर आधारित नृत्य नाटिका में सांसद अभिनेत्री हेमामालिनी की प्रस्तुति ने समा बांध दिया। जनसमुदाय करीब डेढ़ घंटे तक एकचित होकर मीरा बाई के जीवन पर आधारित प्रस्तुति देखता रहा।
हेमा मालिनी ने कहा, सांसद बनकर जबसे यहां आई हूं मैंने देखा कि साधु-संतों का इतना भव्य स्थान बना हुआ है। मुझे दुख हुआ कि मीरबाई के लिए कुछ भी नहीं बना है। मेरे आग्रह पर पीएम मोदी यहां आए और मीराबाई के लिए इतना भव्य कार्यक्रम हो रहा है।