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अड़ींग के कमल कुंड में रोपे कल्ले, दीवाली पर खिलेंगे फूल
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गोवर्धन (मथुरा)। पर्यटन विभाग ने गांव अड़ींग के कमल कुंड का सौंदर्यीकरण कराया है। अब कुंड में काली व चिकनी मिट्टी के दलदल में कमल खिलाने के लिए कल्ले रोपे जा रहे हैं।
शुक्रवार को ब्रज अकादमी के संरक्षक भगवान दास ने ग्रामीणों के सहयोग से कुंड में कल्ले रोपकर कमल खिलाने की पहल शुरू की। दीपावली तक कल्लों से कमल खिलने लगेंगे। भगवान दास ने बताया कि कमल में स्वयं लक्ष्मी-विष्णु भगवान निवास करते हैं। अड़ींग में संत हरिदास ने तपस्या की तो स्वयं ही कुंड में कमल के फूल उत्पन्न हो गए थे।
प्राचीन काल से आस्था व विश्वास को लेकर यहां श्रद्धालु ब्रज चौरासी कोस की यात्रा में दर्शन करने आते हैं। कुंड देखरेख के अभाव में अपनी दुर्दशा पर आंसू बहा रहा था। ग्रामीणों की मांग पर पर्यटन विभाग ने कुंड के संवर्धन व सौंदर्यीकरण के लिए कुंड की चारदीवारी व घाट बनवाने के साथ पेड़-पौधों के लिए ट्री गार्ड व कुंड पर पहुंचने के लिए 200 मीटर रास्ते को इंटरलॉकिंग से सुगम बना दिया है। दीपावली पर कमल की कलियों से भगवान विष्णु व लक्ष्मी की पूजा होगी। कमल को उगाने के लिए चिकनी और काली मिट्टी का इस्तेमाल होता है। कमल की कलियां खिलाने के लिए पर्याप्त धूप लगना बेहद जरूरी है।
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शुक्रवार को ब्रज अकादमी के संरक्षक भगवान दास ने ग्रामीणों के सहयोग से कुंड में कल्ले रोपकर कमल खिलाने की पहल शुरू की। दीपावली तक कल्लों से कमल खिलने लगेंगे। भगवान दास ने बताया कि कमल में स्वयं लक्ष्मी-विष्णु भगवान निवास करते हैं। अड़ींग में संत हरिदास ने तपस्या की तो स्वयं ही कुंड में कमल के फूल उत्पन्न हो गए थे।
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प्राचीन काल से आस्था व विश्वास को लेकर यहां श्रद्धालु ब्रज चौरासी कोस की यात्रा में दर्शन करने आते हैं। कुंड देखरेख के अभाव में अपनी दुर्दशा पर आंसू बहा रहा था। ग्रामीणों की मांग पर पर्यटन विभाग ने कुंड के संवर्धन व सौंदर्यीकरण के लिए कुंड की चारदीवारी व घाट बनवाने के साथ पेड़-पौधों के लिए ट्री गार्ड व कुंड पर पहुंचने के लिए 200 मीटर रास्ते को इंटरलॉकिंग से सुगम बना दिया है। दीपावली पर कमल की कलियों से भगवान विष्णु व लक्ष्मी की पूजा होगी। कमल को उगाने के लिए चिकनी और काली मिट्टी का इस्तेमाल होता है। कमल की कलियां खिलाने के लिए पर्याप्त धूप लगना बेहद जरूरी है।
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