मथुरा: वृंदावन के बांकेबिहारी मंदिर क्षेत्र में आग से निपटने के नहीं है इंतजाम, लोगों ने जताई चिंता
ठाकुर श्रीबांकेबिहारी मंदिर तक पहुंचने के सभी मार्ग बेहद संकरे हैं। विद्यापीठ से पुराना शहर, हरिनिकुंज चौराहे से सनेह बिहारी मंदिर, वीआईपी मार्ग और किशोरपुरा से मंदिर तक पहुंचने का मार्ग इतने संकरे हैं कि इनमें दमकल की गाड़ियों का पहुंचना असंभव है।
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मंदिर और उसके आसपास की सकरी गलियों और भीड़भाड़ भरे इस इलाके में आग से निपटने के कोई इंतजाम दिखाई नहीं दे रहे हैं, जबकि मंदिर के आसपास गैस सिलिंडर का प्रयोग किया जा रहा है। वहीं इस क्षेत्र में पोशाक, कपड़े और पूजन सामग्री के शोरूम के साथ खाने पीने की कई बड़ी दुकानें हैं। इतना ही नहीं, वृंदावन में तो कोई फायर स्टेशन भी नहीं है।
ठाकुर श्रीबांकेबिहारी मंदिर तक पहुंचने के सभी मार्ग बेहद संकरे हैं। विद्यापीठ से पुराना शहर, हरिनिकुंज चौराहे से सनेह बिहारी मंदिर, वीआईपी मार्ग और किशोरपुरा से मंदिर तक पहुंचने का मार्ग इतने संकरे हैं कि इनमें दमकल की गाड़ियों का पहुंचना बहुत कठिन है। अगर दमकल की एक गाड़ी गली में पहुंचाई भी गई तो लौटना बड़ा मुश्किल भरा है।
पानी के प्वाइंट बनने चाहिए
इस भीड़ भरे इलाके में जगह-जगह पानी के प्वाइंट बनाए जाने चाहिए। जिससे आग लगने की घटना के समय इनका प्रयोग किया जा सके। पहले मनी पाड़ा में एक पानी का प्वाइंट हुआ करता था, जिसे आग लगने की घटना में प्रयोग किया भी गया।
बड़ा ही संकरा है क्षेत्र
श्रीबांकेबिहारी मंदिर से पुराना शहर और अठखंभा क्षेत्र बड़ा ही संकरा है। ऐसे में सोमवार को हुई आग लगने की घटना ने सभी को सोचने पर मजबूर कर दिया है। आग लगने की सूरत में बचाव के उपाय भी होने चाहिए। कई दुकानों पर आग से निपटने के संसाधन तक नहीं हैं।
- राजेश कुमार गोस्वामी, स्थानीय निवासी
वृंदावन में फायर स्टेशन खोले जाने की मांग की
वृंदावन के पोशाक शोरूम में सोमवार की सुबह लगी आग के बाद क्षेत्रीय पार्षद वैभव अग्रवाल ने जिलाधिकारी से मुलाकात कर वृंदावन में अग्निशमन केंद्र (फायर स्टेशन) खोले जाने की मांग की। इस संबंध में एक पत्र भी डीएम को दिया है। पार्षद वैभव अग्रवाल ने बताया कि एक दिन पहले अठखंभा बाजार में आगजनी की घटना हो चुकी है, इस प्रकार की जब भी घटना होती है तो मथुरा से फायरब्रिगेड का समय से वृंदावन पहुंचना बहुत मुश्किल हो जाता है जिससे जान माल की अधिक हानि होने की संभावना रहती है।
गर्मी के दिनों आगजनी की घटनाएं ज्यादा होती हैं, वृंदावन में फायर स्टेशन बन जाने के बाद इस तरह की घटना होने पर फायरब्रिगेड की गाड़ी समय से उपलब्ध हो सकेगी। जब तक स्थायी फायर स्टेशन नहीं बनता तब तक वृंदावन में अस्थायी रूप से फायर स्टेशन को चालू किया जाए। अस्थायी फायर स्टेशन के लिए यात्री सुविधा केंद्र (टीएफ सी), नगर निगम वर्कशॉप (डाकबंगला) व वृंदावन आरटीओ का सुझाव दिया गया है। जिलाधिकारी ने अतिशीघ्र अस्थायी फायर स्टेशन बनाने के लिए संबंधित विभागों को निर्देशित कर दिया।