{"_id":"69f24cf49f1903bf0d094adf","slug":"motorboat-accident-mathura-news-c-369-1-mt11022-145593-2026-04-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mathura News: पैंटून पुल ठेकेदार की जमानत अर्जी खारिज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mathura News: पैंटून पुल ठेकेदार की जमानत अर्जी खारिज
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मथुरा। मांट थाना क्षेत्र में हुए मोटर बोट हादसे में पंजाब से आए 16 श्रद्धालुओं की मौत के मामले में आरोपी पैंटून पुल ठेकेदार को कोर्ट से राहत नहीं मिली है। जिला जज विकास कुमार की अदालत ने बुधवार को उसकी जमानत अर्जी को खारिज कर दिया है।
10 अप्रैल को केसीघाट पर पंजाब से आए श्रद्धालुओं से भरी मोटर बोट पलट गई थी। इसमें पंजाब से आए 16 श्रद्धालुओं की मौत हो गई थी। हादसे की वजह यमुना में बने पैंटून पुल के पीपे को माना गया। मामले में थाना मांट पुलिस ने पैंटून पुल ठेकेदार नारायन शर्मा व मोटर बोट चालक के खिलाफ गैर इरादतन हत्या की प्राथमिकी दर्ज कर गिरफ्तार किया और कोर्ट में पेश किया। यहां से दोनों को जेल भेज दिया।
जेल में बंद ठेकेदार ने अधिवक्ता के माध्यम से जमानत के लिए जिला जज की कोर्ट में याचिका दाखिल की। याचिका में कहा गया कि पुल को हटाने का कार्य पटना की फर्म आर डीआईएल/जेएमआरपी (जेवी) इन्फ्रा प्राइवेट लिमिटेड द्वारा किया जा रहा था। प्रांतीय खंड लोक निर्माण विभाग द्वारा 23 जनवरी 2026 को फर्म को इसका ठेका दिया था। फर्म ने 6 अप्रैल 2026 को पैंटून पुल को हटाने और लगाने की बावत पत्र लिखा गया था।
विज्ञापन
याचिका में दावा किया गया कि नारायन शर्मा द्वारा खुद डीएम को शिकायती पत्र देकर नाव में क्षमता से अधिक सवारी ले जाने की शिकायत की गई थी। लेकिन उसका किसी ने संज्ञान नहीं लिया था। आरोपी 11 अप्रैल 2026 से जेल में निरूद्ध है। आरोपी ने खुद को निर्दोष बताया। डीजीसी फौजदारी ने जमानत याचिका का विरोध किया।
विज्ञापन
10 अप्रैल को केसीघाट पर पंजाब से आए श्रद्धालुओं से भरी मोटर बोट पलट गई थी। इसमें पंजाब से आए 16 श्रद्धालुओं की मौत हो गई थी। हादसे की वजह यमुना में बने पैंटून पुल के पीपे को माना गया। मामले में थाना मांट पुलिस ने पैंटून पुल ठेकेदार नारायन शर्मा व मोटर बोट चालक के खिलाफ गैर इरादतन हत्या की प्राथमिकी दर्ज कर गिरफ्तार किया और कोर्ट में पेश किया। यहां से दोनों को जेल भेज दिया।
विज्ञापन
जेल में बंद ठेकेदार ने अधिवक्ता के माध्यम से जमानत के लिए जिला जज की कोर्ट में याचिका दाखिल की। याचिका में कहा गया कि पुल को हटाने का कार्य पटना की फर्म आर डीआईएल/जेएमआरपी (जेवी) इन्फ्रा प्राइवेट लिमिटेड द्वारा किया जा रहा था। प्रांतीय खंड लोक निर्माण विभाग द्वारा 23 जनवरी 2026 को फर्म को इसका ठेका दिया था। फर्म ने 6 अप्रैल 2026 को पैंटून पुल को हटाने और लगाने की बावत पत्र लिखा गया था।
विज्ञापन
याचिका में दावा किया गया कि नारायन शर्मा द्वारा खुद डीएम को शिकायती पत्र देकर नाव में क्षमता से अधिक सवारी ले जाने की शिकायत की गई थी। लेकिन उसका किसी ने संज्ञान नहीं लिया था। आरोपी 11 अप्रैल 2026 से जेल में निरूद्ध है। आरोपी ने खुद को निर्दोष बताया। डीजीसी फौजदारी ने जमानत याचिका का विरोध किया।