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मथुरा: ठाकुर वैकुंठनाथ ने दिव्य रथ में विराजमान होकर भक्तों को दिए दर्शन
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मथुरा। ठाकुरजी के रथ को खींचते श्रद्धालु।
- फोटो : VRINDAVAN
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वृंदावन (मथुरा)। राधा निवास स्थित श्री गोदा हरिदेव के दस दिवसीय ब्रह्मोत्सव के अंतर्गत शनिवार को ठाकुर बैकुंठनाथ ने दिव्य रथ पर विराजमान होकर भक्तों को दर्शन दिए।
सुबह हुए इस आयोजन में भगवान के रथ को खींचने के लिए भक्तों में होड़ सी लगी रही। शनिवार को प्रात: वैदिक मंत्रोच्चार के साथ ठाकुर बैकुंठनाथ गर्भगृह से पालकी में सवार होकर मंदिर की प्रदिक्षणा करते हुए बाहर निकले।
धुर गोले की ध्वनि के साथ ठाकुर बैकुंठनाथ जैसे ही पुष्पों से सुसज्जित रथ में विराजमान किया, मंदिर परिसर ठाकुरजी की जय-जयकार से गूंज उठा। मंदिर से रथ की सवारी शुरू होकर प्रमुख मार्गों से होती हुई नगर निगम चौराहे पहुंची। जहां कपूर आरती उतारकर विश्राम दिया गया।
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इधर, भक्तों में रथ खींचने की होड़ सी लगी रही। दोपहर लगभग दो बजे सवारी पुन: मंदिर परिसर के लिए रवाना हुई। मंदिर परिसर पहुंचने पर ठाकुर जी को शीतल पेय पदार्थ निवेदित किए।
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सुबह हुए इस आयोजन में भगवान के रथ को खींचने के लिए भक्तों में होड़ सी लगी रही। शनिवार को प्रात: वैदिक मंत्रोच्चार के साथ ठाकुर बैकुंठनाथ गर्भगृह से पालकी में सवार होकर मंदिर की प्रदिक्षणा करते हुए बाहर निकले।
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धुर गोले की ध्वनि के साथ ठाकुर बैकुंठनाथ जैसे ही पुष्पों से सुसज्जित रथ में विराजमान किया, मंदिर परिसर ठाकुरजी की जय-जयकार से गूंज उठा। मंदिर से रथ की सवारी शुरू होकर प्रमुख मार्गों से होती हुई नगर निगम चौराहे पहुंची। जहां कपूर आरती उतारकर विश्राम दिया गया।
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इधर, भक्तों में रथ खींचने की होड़ सी लगी रही। दोपहर लगभग दो बजे सवारी पुन: मंदिर परिसर के लिए रवाना हुई। मंदिर परिसर पहुंचने पर ठाकुर जी को शीतल पेय पदार्थ निवेदित किए।