{"_id":"61c330cdee395055e61f86b5","slug":"mathura-show-your-donation-to-a-hundred-faces-mathura-news-mtr5105281114","type":"story","status":"publish","title_hn":"मथुरा: अपना चंदा सौ मुख तो दिखाए जा मोर मुकुट वारे घुंघराली लट वारे...","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मथुरा: अपना चंदा सौ मुख तो दिखाए जा मोर मुकुट वारे घुंघराली लट वारे...
विज्ञापन
नए आभूषणों में भक्तों को दर्शन देते ठाकुरजी।
- फोटो : VRINDAVAN
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वृंदावन (मथुरा)। ठाकुर राधारमण लाल इन दिनों द्वादश भक्ति रस निकुंजों में दर्शन देकर भक्तों को आनंदित कर रहे हैं। प्रभु को शीत लहर से बचाव के लिए विशेष ध्यान दिया जा रहा है। वृंदावन के सप्त देवालयों में से एक ठा. राधारमण मंदिर में श्री चैतन्य प्रेम संस्थान के तत्वावधान में चल रहे शीतकालीन निकुंज सेवा महोत्सव में ठाकुरजी ने नए आभूषणों में भक्तों को दर्शन दिए। अपना चंदा सौ मुख तो दिखाए जा, मोर मुकुट वारे घुंघराली लट वारे...आदि भजन प्रस्तुत किए।
दर्शन के दौरान ठाकुरजी ने नीले रंग की जैकेट सहित नारंगी पोशाक धारण कर रखी थी, जिसकी शोभा बरबस ही भक्तों को अपनी ओर आकर्षित कर रही थी। इस दौरान ठाकुरजी को 500 वर्ष पुरानी प्रज्ज्वलित अग्नि पर विविध मेवा एवं मसालों से तैयार खिचड़ी निवेदित की गई। इसके साथ ही चांदी की अंगीठी से ठाकुरजी को ठंड से बचाव के लिए तपिश प्रदान की जा रही थी। ठाकुरजी को प्रतिदिन निवेदित किए जा रहे पान की तासीर गर्म करने के लिए केसर एवं जावित्री का भी प्रयोग जा रहा है।
सायंकाल ठाकुरजी ने औलाई में भक्तों को दर्शन दिए। रासाचार्य स्वामी फतेहकृष्ण महाराज एवं स्वामी हरेकृष्ण शर्मा शरद’ ने संयुक्त रूप से राग सेवा प्रस्तुत की। उन्होंने मेरो मन गिरिधर छवि पें अटकौ..., श्रीराधारमण राधारमण कहो मन मेरे..., लखि जिन लाल की मुस्कान..., कोटि जन्म पाप जाएं क्षण में सब तेरे आदि भजन प्रस्तुत किए।
विज्ञापन
आगंतुकों का स्वागत आध्यात्मिक गुरु आचार्य श्रीवत्स गोस्वामी, वेणुगोपाल गोस्वामी, अभिनव गोस्वामी, सुवर्ण गोस्वामी आदि ने किया। पूर्व विधायक प्रदीप माथुर भी निकुंज सेवा महोत्सव का आनंद लेने पहुंचे, उनके साथ सोहन सिंह सिसौदिया, नूतन बिहारी पारीक, विष्णुदान शमा व मौना शुक्ला थे।
विज्ञापन
दर्शन के दौरान ठाकुरजी ने नीले रंग की जैकेट सहित नारंगी पोशाक धारण कर रखी थी, जिसकी शोभा बरबस ही भक्तों को अपनी ओर आकर्षित कर रही थी। इस दौरान ठाकुरजी को 500 वर्ष पुरानी प्रज्ज्वलित अग्नि पर विविध मेवा एवं मसालों से तैयार खिचड़ी निवेदित की गई। इसके साथ ही चांदी की अंगीठी से ठाकुरजी को ठंड से बचाव के लिए तपिश प्रदान की जा रही थी। ठाकुरजी को प्रतिदिन निवेदित किए जा रहे पान की तासीर गर्म करने के लिए केसर एवं जावित्री का भी प्रयोग जा रहा है।
विज्ञापन
सायंकाल ठाकुरजी ने औलाई में भक्तों को दर्शन दिए। रासाचार्य स्वामी फतेहकृष्ण महाराज एवं स्वामी हरेकृष्ण शर्मा शरद’ ने संयुक्त रूप से राग सेवा प्रस्तुत की। उन्होंने मेरो मन गिरिधर छवि पें अटकौ..., श्रीराधारमण राधारमण कहो मन मेरे..., लखि जिन लाल की मुस्कान..., कोटि जन्म पाप जाएं क्षण में सब तेरे आदि भजन प्रस्तुत किए।
विज्ञापन
आगंतुकों का स्वागत आध्यात्मिक गुरु आचार्य श्रीवत्स गोस्वामी, वेणुगोपाल गोस्वामी, अभिनव गोस्वामी, सुवर्ण गोस्वामी आदि ने किया। पूर्व विधायक प्रदीप माथुर भी निकुंज सेवा महोत्सव का आनंद लेने पहुंचे, उनके साथ सोहन सिंह सिसौदिया, नूतन बिहारी पारीक, विष्णुदान शमा व मौना शुक्ला थे।