राधाकुंड (मथुरा)। एक हाथ में मोर पंख तो दूसरे हाथ में लाठी। मन में श्रीकृष्ण के प्रति सखा भाव लेकर मध्य प्रदेश व अन्य प्रांतों से हजारों लोग गिरिराज जी की परिक्रमा में पहुंचते हैं। उनके नृत्य व कलाबाजी को देख हर कोई आश्चर्य चकित हो जाता है।
उनका कहना है कि जिस प्रकार भगवान श्रीकृष्ण ने गोचारण लीला की है। उसका अनुसरण कर गिरिराज जी की परिक्रमा करते है। वे अपने गांव में भी गोपालन करते हैं। मध्य प्रदेश जिला छतरपुर के रमेश पाल ने बताया 12 वर्ष मोर की पंख एकत्रित करते हैं। उसके बाद गिरिराज परिक्रमा लगाने जाते है। दिवाली पर फिर अपने घर लक्ष्मी-गणेश की पूजा करते हैं। इस अवसर पर रघुनाथ कुशवाहा, रमेश पाल, बृजलाल कुशवाहा, सद्दू पाल, भजन लाल कुशवाहा, मिठाई लाल कुशवाहा, मुन्ना कुशवाहा, लक्ष्मण पाल, बब्बू यादव आदि शामिल थे।