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मथुरा: बेसिक शिक्षा विभाग में उड़ रहीं सीएम के आदेशों की धज्जियां
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मथुरा। एक तरफ सरकार ने कोरोना महामारी को आपदा घोषित किया है और प्रदेश के मुख्यमंत्री ने स्कूलों को 15 मई तक बंद रखने का निर्णय लिया है। वहीं, दूसरी तरफ प्रदेश के बेसिक शिक्षा विभाग में सरकार, मुख्यमंत्री के आदेशों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। विभागीय अधिकारियों द्वारा परिषदीय स्कूलों को खुलवाकर अध्यापकों को आवश्यक रूप से उपस्थित होने के लिए बाध्य किया जा रहा है।
यूनाइटेड टीचर्स एसोसिएशन (यूटा) के जिला अध्यक्ष अंशुल गौतम ने कहा कि यूटा के प्रदेश अध्यक्ष राजेंद्र सिंह राठौर ने मुख्यमंत्री व बेसिक शिक्षा मंत्री सहित शासन के उच्चाधिकारियों को पत्र लिखकर बेसिक शिक्षा विभाग के विद्यालय खोलने के आदेशों पर कड़ाई से प्रतिबंध लगाने की मांग की है। कहा है कि प्रदेश में प्रतिदिन दर्जनभर से अधिक शिक्षकों की कोरोना संक्रमण के कारण असमय मौत हो रही है।
बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकतर स्कूलों की दूरी मुख्यालय से अधिक होने के कारण करीब 60 प्रतिशत अध्यापक टैक्सी आदि वाहन से स्कूल जाते हैं। ऐसे में कोरोना से बचाव के लिए मुख्य उपाय-दो गज दूरी का पालन नहीं हो पा रहा है। न ही परिषदीय विद्यालयों में कोरोना के बचाव के लिए कोई संसाधन हैं। परिषदीय विद्यालयों में सैनिटाइजेशन भी नहीं किया गया। यूटा ने परिषदीय स्कूलों को पूरी तरह बंद कर शिक्षकों की जान की गुहार लगाई है।
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यूनाइटेड टीचर्स एसोसिएशन (यूटा) के जिला अध्यक्ष अंशुल गौतम ने कहा कि यूटा के प्रदेश अध्यक्ष राजेंद्र सिंह राठौर ने मुख्यमंत्री व बेसिक शिक्षा मंत्री सहित शासन के उच्चाधिकारियों को पत्र लिखकर बेसिक शिक्षा विभाग के विद्यालय खोलने के आदेशों पर कड़ाई से प्रतिबंध लगाने की मांग की है। कहा है कि प्रदेश में प्रतिदिन दर्जनभर से अधिक शिक्षकों की कोरोना संक्रमण के कारण असमय मौत हो रही है।
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बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकतर स्कूलों की दूरी मुख्यालय से अधिक होने के कारण करीब 60 प्रतिशत अध्यापक टैक्सी आदि वाहन से स्कूल जाते हैं। ऐसे में कोरोना से बचाव के लिए मुख्य उपाय-दो गज दूरी का पालन नहीं हो पा रहा है। न ही परिषदीय विद्यालयों में कोरोना के बचाव के लिए कोई संसाधन हैं। परिषदीय विद्यालयों में सैनिटाइजेशन भी नहीं किया गया। यूटा ने परिषदीय स्कूलों को पूरी तरह बंद कर शिक्षकों की जान की गुहार लगाई है।
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