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UP: मन्नतों से मिला एक बेटा और बेटी...दोनों ने बुजुर्ग मां की कर दी ऐसी हालत, हकीकत सुन खौल उठेगा आपका भी खून

Fri, 31 Jan 2025 03:04 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संंवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
संंवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा Published by: अमर उजाला ब्यूरो Updated Fri, 31 Jan 2025 03:04 PM IST
सार

मथुरा में एक बुजुर्ग मां के साथ जो कुछ हुआ, वो शर्मसार कर देने वाला है। जिन संतानों के लिए मन्नत मांगी थीं, वो जीवन के अंतिम दौर में ऐसा करेंगी, कोई सोच भी नहीं सकता है। बुजुर्ग मां की ऐसी हालत कर दी, जो किसी को भी झकझोर कर रख देगी...
 

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मथुरा। बीमार मां का हालचाल लेता छोटे पुत्र पंकज चतुर्वेदी। - फोटो : mathura

विस्तार

जिस मां ने नौ माह तक अपने बेटे और बेटी को गर्भ में रखा। उन्हें अंगुली पकड़कर चलना सिखाया। उसी मां के बेटे, बेटी, पुत्रवधू और बेटे के साले ने धोखाधड़ी कर संपत्ति अपने नाम कर ली। अब वृद्धा दर-दर की ठोकर खा रही हैं। डीआईजी के निर्देश पर थाना गोविंद नगर पुलिस ने रिपोर्ट तो दर्ज कर ली, लेकिन 15 दिन बाद भी किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।
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थाना गोविंद नगर की चामुंडा कॉलोनी निवासी शीला देवी (80) ने दर्ज कराई रिपोर्ट में कहा है कि 2005 में उनके पति मगन लाल की मृत्यु के बाद बेटा, बेटी, बहू पराए हो गए। घर के बड़े पुत्र अनिल चतुर्वेदी उर्फ टिल्लू, पुत्रवधू मीना, बेटी पूजा पर उन्होंने विश्वास किया। उन्होंने धोखाधड़ी करके चल अचल संपत्ति तो अपने नाम करा ली, साथ ही पति ने जो एफडी कराई उसे भी अपने कब्जे में कर लिया और झूठा मुकदमा दर्ज कराकर एफडी के भुगतान में रुकावट पैदा कर दी।
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थाना प्रभारी निरीक्षक कमलेश कुमार सिंह ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। पीड़िता का आरोप है कि उनका बड़ा पुत्र अनिल, पुत्रवधू, बेटी और पुत्रवधू का भाई कुलदीप चतुर्वेदी उसे बीमारी और अर्ध बेहोशी की हालत में बैंक ले गए। यहां बैंक प्रबंधक से सांठगांठ करके लॉकर में रखे लाखों रुपये के सोने-चांदी के जेवरात, जमीनों के कागजात भी अपने कब्जे में कर लिए।
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संपत्ति अपने नाम करने के बाद घर से निकाल दिया। छोटे पुत्र पंकज चतुर्वेदी को उनकी हालत देखी नहीं गई और वह उनकी सेवा में जुट गया। जेठ का बड़ा पुत्र जितेंद्र चतुर्वेदी भी उनकी सेवा करता है, लेकिन पुत्रवधू का भाई कुलदीप जो कि अधिवक्ता है वह आए दिन झूठे प्रार्थना पत्र देकर उनकी सेवा करने वाले पुत्र पंकज और जेठ के बेटे जितेंद्र को परेशान करता रहता है। डीआईजी आगरा के यहां गुहार लगाई तब जाकर 15 जनवरी को गोविंद नगर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की, लेकिन पुलिस ने अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की है।
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