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तीन सदस्यीय टीम ने परखीं जिला अस्पताल की व्यवस्थायें
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मथुरा। कायाकल्प अवार्ड योजना में शामिल होने के लिए प्रदेश की स्वास्थ्य विभाग की तीन सदस्यीय टीम मंगलवार को जिला अस्पताल में पहुंची। टीम की सदस्यों ने व्यवस्थाओं को परखा। टीम के आने से पहले जिला अस्पताल में रंगाई पुताई के साथ साफ-सफाई चल रही थी।
टीम के सदस्य तरुण भारद्वाज के नेतृत्व में कुलदीप भारद्वाज और बलवीर सिंह मंगलवार को जिला अस्पताल पहुंची। यहां सीएमएस डॉ. आरएस मौर्य और स्टाफ ने टीम के सदस्यों को टीका लगाया और पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया। टीम के स्वागत में आपातकक्ष में रंगोली भी सजायी गई और टीम के सदस्यों को मिठाई खिलाकर निरीक्षण की शुरूआत कराई गई।
टीम ने आपात कक्ष, औषधि भंडारण कक्ष, एक्सरे रूम, पैथॉलॉजी, महिला वार्ड, जनरल वार्ड का निरीक्षण किया। औषधिकक्ष में दवाओं के रखरखाव के प्रति टीम के सदस्यों ने असहमति जताई। वहीं ओटी की व्यवस्थाओं को भी सरकार की योजनाओं के तहत नहीं पाया। सीएमएस ने बताया कि अस्पताल की इमारत सौ वर्ष पुरानी है यहां व्यवस्थाओं को बेहतर बनाये रखना काफी मुश्किल है। उसके बाद भी व्यवस्थाओं में सुधार का प्रयास किया गया है।
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अस्पताल के गेट पर ही दिखी गंदगी
मथुरा। जिला अस्पताल में हर तरफ चूना डाला गया और वार्डों में भी बेहतर सफाई व्यवस्था की गई। वहीं एक जिला अस्पताल के गेट पर लोगों की समस्या का कारण बनी गंदगी को अस्पताल प्रशासन नहीं हटवा पाया। जिला अस्पताल का पुराने मुख्य द्वार वाहनों के लिए बंद रहता है लेकिन ओपीडी रोगियों के आने का यह प्रमुख पैदल मार्ग है। गेट के पास जलभराव था। जिसमें होकर रोगी और उनके तीमारदारों का निकलना जारी था।
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टीम के सदस्य तरुण भारद्वाज के नेतृत्व में कुलदीप भारद्वाज और बलवीर सिंह मंगलवार को जिला अस्पताल पहुंची। यहां सीएमएस डॉ. आरएस मौर्य और स्टाफ ने टीम के सदस्यों को टीका लगाया और पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया। टीम के स्वागत में आपातकक्ष में रंगोली भी सजायी गई और टीम के सदस्यों को मिठाई खिलाकर निरीक्षण की शुरूआत कराई गई।
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टीम ने आपात कक्ष, औषधि भंडारण कक्ष, एक्सरे रूम, पैथॉलॉजी, महिला वार्ड, जनरल वार्ड का निरीक्षण किया। औषधिकक्ष में दवाओं के रखरखाव के प्रति टीम के सदस्यों ने असहमति जताई। वहीं ओटी की व्यवस्थाओं को भी सरकार की योजनाओं के तहत नहीं पाया। सीएमएस ने बताया कि अस्पताल की इमारत सौ वर्ष पुरानी है यहां व्यवस्थाओं को बेहतर बनाये रखना काफी मुश्किल है। उसके बाद भी व्यवस्थाओं में सुधार का प्रयास किया गया है।
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अस्पताल के गेट पर ही दिखी गंदगी
मथुरा। जिला अस्पताल में हर तरफ चूना डाला गया और वार्डों में भी बेहतर सफाई व्यवस्था की गई। वहीं एक जिला अस्पताल के गेट पर लोगों की समस्या का कारण बनी गंदगी को अस्पताल प्रशासन नहीं हटवा पाया। जिला अस्पताल का पुराने मुख्य द्वार वाहनों के लिए बंद रहता है लेकिन ओपीडी रोगियों के आने का यह प्रमुख पैदल मार्ग है। गेट के पास जलभराव था। जिसमें होकर रोगी और उनके तीमारदारों का निकलना जारी था।