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मथुरा जवाहर बाग कांड : मास्टरमाइंड रामवृक्ष यादव देखता था नया देश, नई सरकार का सपना

Thu, 17 Nov 2022 11:33 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा Published by: अमर उजाला ब्यूरो Updated Thu, 17 Nov 2022 11:33 AM IST
सार

 2 जून 2016 को जवाहर बाग में हुई हिंसा में तत्कालीन एसपी सिटी व थानाध्यक्ष समेत 29 लोगों की मौत हुई थी। इस मामले में 24 नवंबर को हाईकोर्ट में सीबीआई चार्जशीट दाखिल करेगी।

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Mathura Jawahar bagh violence accused Ramvriksh Yadav used to dream of new country and new government
जवाहर बाग कांड का मुख्य आरोपी रामवृक्ष - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मथुरा के जवाहर बाग कांड का मास्टरमाइंड रामवृक्ष यादव नई सरकार नया देश बनाने के सपने देखा करता था। इसे पूरा करने के लिए उसने अपना संगठन स्वाधीन भारत विधिक सत्याग्रह तैयार कर रखा था। दिल्ली पहुंचकर इसके बैनर तले बड़े आंदोलन की भूमिका भी तैयार की। सरकार का प्रारूप भी तैयार कर रखा था। जवाहर बाग पर कब्जा करने के बाद मामला अटक गया। 

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जवाहर बाग में उसने बाकायदा देश की तरह से विभाग बांट रखे थे। अपने नजदीकियों को उसने अपनी देश और सरकार बनने पर अलग-अलग मंत्रिमंडल का आश्वासन भी दे रखा था। संभावना है कि 24 नवंबर को हाईकोर्ट में सीबीआई चार्जशीट दाखिल करेगी, इन सब बातों का खुलासा होगा। बता दें कि बता दें कि 2 जून 2016 को जवाहर बाग में हुई हिंसा में तत्कालीन एसपी सिटी व थानाध्यक्ष समेत 29 लोगों की मौत हुई थी। 
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जवाहर बाग कांड: रामवृक्ष हाजिर हो... अदालत में आज भी लगती है आवाज, सीबीआई रिपोर्ट से खुलेगा मौत का राज
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वर्ष 2014 से जवाहर बाग पर स्वाधीन भारत विधिक सत्याग्रह नामक समूह के सशस्त्र सदस्यों ने कब्जा कर रखा था। यह एक स्वघोषित क्रांति दल था, जिसका नेता रामवृक्ष यादव था। बंगाल का चंदन बोस उसका सहयोगी था और बदायूं का राकेश बाबू गुप्ता दल के लिए पैसों का हिसाब किताब देखता था। 

यह थी रामवृक्ष की मंशा 

बाबा जयगुरुदेव की 2012 में हुई मौत के बाद अनुयायियों का यह दल अलग हो गया। रामवृक्ष यादव की प्रमुख मांग थी कि राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री जैसे पद समाप्त कर दिए जाएं। भारतीय मुद्राएं रुपये की जगह पर आजाद हिंद बैंक मुद्रा चलाई जाए। उसका मानना था कि वर्तमान भारतीय मुद्रा रिजर्व बैंक व सरकार के हाथों डॉलर की गुलाम बन चुकी है। पेट्रोल डीजल सस्ते दाम पर उपलब्ध हो सकेगा।

नेताजी के लापता होने का किया था दावा

स्वाधीन भारत सुभाष सेना जो कि स्वाधीन भारत विधिक सत्याग्रही समूह की ही सशस्त्र शाखा है। वर्ष 2013 में स्थापित यह शाखा राजनीतिक पार्टी के रूप में पंजीकृत है। इसके सदस्यों ने भी नेताजी सुभाष चंद्र बोस के लापता होने के पीछे एक साजिश होने का दावा किया था। 2014 में स्वाधीन भारत ने अपनी मांगों के समर्थन में सागर मध्य प्रदेश से दिल्ली के लिए मार्च शुरू किया। रास्ते में इसी वर्ष के अप्रैल महीने यह दल जवाहर बाग में आ गया।

बातों से बदल देता था विचारधारा

रामवृक्ष यादव और उसके सहयोगी अपने आंदोलन से जोड़ने के लिए लोगों का ब्रेन वॉश करते थे। इसके बाद जवाहर बाग में रोक कर अपनी सहयोगियों की फौज में भर्ती कर लेता था। इस दौरान वह भर्ती हुए लोगों को मासिक वेतन भी देता था। अधिवक्ता एलके गौतम ने बताया कि रामवृक्ष यादव अति महत्वाकांक्षी था और अपनी अलग सरकार चलाने का सपना देखा करता था।

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