CM Mathura Visit: सीएम साहब! आपके आदेश के बाद भी नहीं हट सके अतिक्रमण, कब्जे से संकरी हो गईं सड़कें
CM Mathura Visit: वृंदावन स्थित बांकेबिहारी मंदिर के आसपास और मंदिर को जाने वाले सभी मार्ग अतिक्रमण से घिरे हैं। भल्ले और मिठाइयों की दुकानों के आगे मार्ग पर खौलते तेल व घी की कढा़ई और गैस चूल्हे रखे हैं।
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उत्तर प्रदेश के मथुरा में सीएम योगी आदित्यनाथ के दौरे को देखते प्रशासन तैयारियों में जुटा है। सीएम बुधवार को वृंदावन आ रहे है। अधिकारियों के साथ बांकेबिहारी मंदिर में भीड़ प्रबंधन और शहर की यातायात व्यवस्था पर बैठक करेंगे। बीती 25 जून को भी इन्हीं मुद्दों पर बैठक की थी, लेकिन हुआ क्या। सबके सामने हैं। सीएम के आने से पहले लीपापोती के तौर पर प्रशासन अतिक्रमण हटवाता है।
ई-रिक्शों पर कार्रवाई होती है, लेकिन बाद फिर वही ढाक के तीन पात वाली स्थिति हो जाती है। शहर में जाम का सबसे बड़ा कारण सड़कों पर अतिक्रमण और ई रिक्शों का कोई स्टैंड न होना और पंजीकृत से कहीं अधिक ई रिक्शों का सड़कों पर दौड़ना है। सीएम के आदेश के बावजूद पिछले एक माह में कुछ नहीं बदला। नतीजतन शनिवार-रविवार क्या आमदिनों में भी सड़कों पर पैदल राहगीरों को निकलने में काफी मुश्किल होती है।
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वृंदावन स्थित बांकेबिहारी मंदिर के आसपास और मंदिर को जाने वाले सभी मार्ग अतिक्रमण से घिरे हैं। भल्ले और मिठाइयों की दुकानों के आगे मार्ग पर खौलते तेल व घी की कढा़ई और गैस चूल्हे रखे हैं। इससे जहां मार्ग सकरे हो गए हैं। वहीं देश-विदेश से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की जान को खतरा रहता है। बांकेबिहारी मंदिर के दर्शन करने के लिए हर दिन हजारों श्रद्धालु आते हैं।
शनिवार और रविवार को संख्या बढ़कर चौगुनी हो जाती है। आए दिन श्रद्धालु जाम की समस्या से जूझते हैं। मंदिर को जाने वाले चारों रास्ते विद्यापीठ चौराहा, हरिनिकुंज चौराहा, वीआईपी रोड और फलहारी बाबा की गोशाला की ओर से, इन सभी रास्तों पर अतिक्रमण के कारण श्रद्धालु मिनटों का रास्ता घंटों में तय कर पाते हैं।
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इतना ही नहीं दुकानों के आगे करीब तीन से पांच फुट तक फट्टे, बैंच और गैस चूल्हे, सिलिंडर रखे रहने से 16 फीट चौड़ा मार्ग आठ फीट तक सिकुड़ कर रह गया है। इसमें भी नगर निगम द्वारा मार्ग के बीचोबीच रेलिंग लगा दी जाती है। इससे मार्ग दो भागों में बंटकर और भी सकरा हो जाता है। इस सकरे मार्ग से श्रद्धालुओं का निकलना मुश्किल होता है। इन हालातों में श्रद्धालुओं का आम दिनों में भी यहां गुजरना मुश्किल होता है।
एक माह पहले सीएम ने ली थी बैठक
श्रद्धालुओं की समस्या और आए दिन दुर्घटना की आशंका देखते हुए मुख्यमंत्री ने गत 25 जून को अधिकारियों को अतिक्रमण हटाने और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने संबंधी व्यवस्था के निर्देश दिए थे। इस आदेश के ठीक एक माह माह फिर से मुख्यमंत्री वृंदावन आ रहे हैं, लेकिन जिला प्रशासन न अतिक्रमण हटा सका और न ही यातायात प्लान तैयार कर सका। बांकेबिहारी मंदिर की ओर जाने वाले मार्गों की स्थिति जस की तस है।
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जिला प्रशासन की जिम्मेदारी
नगर निगम के अपर नगर आयुक्त एवं वृंदावन जोन प्रभारी क्रांतिशेखर सिंह का कहना है कि बांकेबिहारी मंदिर के आसपास और मंदिर को जाने वाले मार्गों पर अतिक्रमण जिला प्रशासन द्वारा हटाया जाएगा। इस संबंध में सिटी मजिस्ट्रेट से बात की जा सकती है।
हमारा काम सिर्फ पुलिस बल उपलब्ध करवाना
सीओ सदर प्रवीण मलिक का कहना है कि यातायात को सुदृढ़ करने के लिए नगर निगम द्वारा अतिक्रमण हटाए जा रहे हैं। हमारा काम उन्हें अतिक्रमण हटाने के दौरान पुंलिस बल उपलब्ध कराना है। सिटी मजिस्ट्रेट सौरभ दुबे का कहना है कि बांकेबिहारी मंदिर और नगर के प्रमुख मार्गों से अतिक्रमण हटाया जा रहा है।