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Mathura News: हाईटेक तकनीक से चार घंटे में शवों की शिनाख्त

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 13 Feb 2024 03:11 AM IST
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Identification of dead bodies in four hours with hi-tech technology
मथुरा। हादसे के बाद पुलिस के लिए सबसे चुनौतीपूर्ण काम कार में जिंदा जले लोगों की शिनाख्त का था। सभी बुरी तरह जल गए थे। उनके मोबाइल भी जल गए। पहचान संबंधी भी कोई दस्तावेज उनके पास कार में नहीं मिला। इस पर एसएसपी शैलेश कुमार पांडेय ने एसपी देहात त्रिगुण बिसेन के नेतृत्व में सीओ महावन भूषण वर्मा, इंस्पेक्टर आशा चौधरी, खप्परपुर चौकी प्रभारी संजीव कुमार को शिनाख्त की जिम्मेदारी सौंपी।
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संजीव कुमार ने सबसे पहले कार नंबर के आधार पर उसके मालिक का पता लगाया। अंशुमन का नाम-पता सामने आया। पुलिस ने अंशुमन के परिवार वालों से संपर्क किया। उनसे अन्य चारों के विषय में पूछा गया तो जानकारी होने से मना कर दिया। इस पर उन्होंने अंशुमन के मोबाइल नंबर की सीडीआर ली, सुबह से हुई वार्ता के आधार पर डाटा को परखा। इसमें सामने आया कि अंशुमन द्वारा राइड शेयरिंग एप का इस्तेमाल किया गया था। इस एप के जरिये नोएडा की ओर जाने वाले अन्य चारों शिवकिशन, जैद, हिमांशु, सरवर की हिस्ट्री सामने आई। पुलिस ने उनका प्रोफाइल निकाला। इसके बाद परिवार वालों का नंबर मिला और उनसे संपर्क किया गया। इस कवायद में चार घंटे लगे।
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कार में शवों की स्थिति दे रही थी संघर्ष की गवाही
सीओ भूषण वर्मा ने बताया कि कार में शुरुआत में चार शव होना प्रतीत हो रहा था। आग बुझने पर दरवाजों को तोड़ा गया। तब पांचवा शव नीचे की ओर झुका हुआ पाया गया। उन्होंने बताया कि आग की लपटों को सभी ने कार से बाहर निकलने का प्रयास किया। मगर, कार सेंट्रल लॉक हो चुकी थी। घायलों की अवस्था इस प्रकार की रही नहीं होगी कि वह शीशे तोड़कर बाहर निकल सकें। शवों कीस्थिति देखकर प्रतीत हो रहा था कि उन्होंने कार से निकलने के प्रयास किए थे।
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शवों का सीटवार बनाया नक्शा
पुलिस ने कार से शवों को बाहर निकालने के दौरान सीट वार नक्शा बनाया गया। ड्राइविंग सीट को एक नंबर, उसके बराबर वाली सीट को दो, पीछे दायीं सीट को ती, बीच की सीट को पांच और बायीं सीट को चार नंबर देकर नक्शा बनाया। उसी अनुसार शवों को कार से निकालने के बाद पोस्टमार्टम बैग में पैक किया। परिवार वालों के आने के बाद पता किया कि जब वह बैठाने आए तो कौन किस ओर बैठा था। इस पर पता लगा कि अंशुमन ड्राइविंग सीट पर था। उसके बराबर में हिमांशु, पीछे दायीं ओर जैद, बीच में शिवकिशन, बायीं ओर सरवर हुसैन था। इसी आधार पर शवों को पोस्टमार्टम के बाद परिजन को सौंपा गया।


डीएनए सैंपल लिए, जांच के बाद शिनाख्त होगी पुष्ट
पुलिस ने शवों का डीएनए सैंपल भी संरक्षित कराया है। दांत और सीने की हड्डी को बतौर सैंपल लिया गया है। इसका मिलान मृतकों के माता-पिता या भाई-बहनों के डीएनए से किया जाएगा। इसके बाद पुलिस शिनाख्त की मय सबूत पुष्टि करेगी।
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