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प्रशासन ने नहीं दी सरकारी मदद, गोशाला में 25 गोवंश मरे
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गांव भिदौनी में बनी गोशाला में गोवंश।
- फोटो : MATHURA
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मथुरा/टैंटीगांव। सुरीर कोतवाली क्षेत्र के गांव भिदौनी में गोशाला में बारिश और ओलावृष्टि के चलते ठंड लगने से एक सप्ताह में 25 गोवंशों की मौत हो गई है। इनमें दस गोवंशों की मौत शनिवार को ही हुई है। ग्रामीणों की सूचना पर पशु चिकित्सकों की टीम गोशाला पहुंची। इस दौरान चिकित्सकों ने माना कि गोवंश की ठंड से जान गई है। उधर, ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन को सूचना देने के बाद भी सरकारी सहायता उपलब्ध नहीं कराई गई।
गांव भिदौनी में तीन माह पूर्व खुले में घूमते गोवंश से परेशान होकर किसानों ने गोचारण की जमीन पर तारों की बैरीकेडिंग कर खुले में घूम रहे 200 से अधिक गोवंशों को उसमें बंद कर दिया। खेतों में खड़ी फसलों को बचाने के लिए किसानों ने गोवंश के लिए उनके चारे-पानी की व्यवस्था की। ग्रामीणों ने गोवंश की देखभाल के लिए गांव के भिक्कीमल एवं नानक को जिम्मेदारी दे दी। दोनों लोग गोवंश के लिए चारे-पानी आदि की व्यवस्था कर रहे थे। कुछ दिन बाद ग्रामीणों द्वारा खोली गई गोशाला का पता चलने पर बीडीओ नौहझील अमित कुमार गांव भिदौनी पहुंचे और ग्रामीणों से कहा कि यह गोशाला सरकारी गोचारण की जमीन पर है। इसके लिए सरकार से अनुदान भी मिलेंगे, लेकिन गोशाला के लिए न तो अनुदान मिला और न कोई सुविधा।
ग्रामीणों ने गोवंश को ठंड से बचाने के लिए तिरपाल की भी व्यवस्था की थी। गोवंश की देखभाल कर रहे भिक्कीमल (पूर्व प्रधान) व नानक सिंह का कहना है कि बीडीओ नौहझील के कहने के बाद आज तक कोई सरकारी सहायता नहीं मिली। पिछले शनिवार से हो रही बारिश व ओलावृष्टि के चलते गोवंश ठंड की चपेट में आ गए। इससे एक सप्ताह में 25 गोवंशों की मौत हो गई है। जिनमें दो सांड़ और 23 छोटी व बड़ी गायें थीं। शनिवार को मरे गोवंश में एक सांड़ और नौ गायें शामिल हैं। ग्रामीणों ने मरे गोवंश को गोशाला के किनारे खाली जमीन में गड्ढा खुदवाकर मिट्टी में दबा दिया।
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ग्रामीण खुशीराम, भाना सोलंकी, केके रावत, सियाराम, बच्चू सिंह, विजेंद्र शर्मा, हरी सिंह, डोरी सिंह, मेघश्याम आदि किसानों का कहना है कि ग्रामीणों ने गोवंश के लिए चारे-पानी की व्यवस्था की थी। यदि शासन से सुविधा मिलती तो गोवंश नहीं मरते। ग्रामीणों की सूचना पर सुरीर पशु चिकित्सालय से पहुंचे डॉॅ. प्रमोद कुमार ने बताया कि बारिश और ओलावृष्टि, तेज ठंडी हवा के चलते कमजोर गोवंश ठंड की चपेट में आ गए। इसके चलते वे मर गए।
कोट
गांव भिदौनी में गोशाला में गोवंश की मौत की सूचना मिलने पर कानूनगो को जांच के लिए भेजा गया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
-राकेश सोनी, तहसीलदार
कोट
गांव भिदौनी में गोशाला में गोवंशों के मरने की जानकारी मिली है। चिकित्सकों की टीम भेजी जा रही है। गोवंशों के उपचार तथा रखरखाव के इंतजाम दुरुस्त किए जाएंगे।
-कृष्ण दत्त तिवारी, एसडीएम मांट
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गांव भिदौनी में तीन माह पूर्व खुले में घूमते गोवंश से परेशान होकर किसानों ने गोचारण की जमीन पर तारों की बैरीकेडिंग कर खुले में घूम रहे 200 से अधिक गोवंशों को उसमें बंद कर दिया। खेतों में खड़ी फसलों को बचाने के लिए किसानों ने गोवंश के लिए उनके चारे-पानी की व्यवस्था की। ग्रामीणों ने गोवंश की देखभाल के लिए गांव के भिक्कीमल एवं नानक को जिम्मेदारी दे दी। दोनों लोग गोवंश के लिए चारे-पानी आदि की व्यवस्था कर रहे थे। कुछ दिन बाद ग्रामीणों द्वारा खोली गई गोशाला का पता चलने पर बीडीओ नौहझील अमित कुमार गांव भिदौनी पहुंचे और ग्रामीणों से कहा कि यह गोशाला सरकारी गोचारण की जमीन पर है। इसके लिए सरकार से अनुदान भी मिलेंगे, लेकिन गोशाला के लिए न तो अनुदान मिला और न कोई सुविधा।
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ग्रामीणों ने गोवंश को ठंड से बचाने के लिए तिरपाल की भी व्यवस्था की थी। गोवंश की देखभाल कर रहे भिक्कीमल (पूर्व प्रधान) व नानक सिंह का कहना है कि बीडीओ नौहझील के कहने के बाद आज तक कोई सरकारी सहायता नहीं मिली। पिछले शनिवार से हो रही बारिश व ओलावृष्टि के चलते गोवंश ठंड की चपेट में आ गए। इससे एक सप्ताह में 25 गोवंशों की मौत हो गई है। जिनमें दो सांड़ और 23 छोटी व बड़ी गायें थीं। शनिवार को मरे गोवंश में एक सांड़ और नौ गायें शामिल हैं। ग्रामीणों ने मरे गोवंश को गोशाला के किनारे खाली जमीन में गड्ढा खुदवाकर मिट्टी में दबा दिया।
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ग्रामीण खुशीराम, भाना सोलंकी, केके रावत, सियाराम, बच्चू सिंह, विजेंद्र शर्मा, हरी सिंह, डोरी सिंह, मेघश्याम आदि किसानों का कहना है कि ग्रामीणों ने गोवंश के लिए चारे-पानी की व्यवस्था की थी। यदि शासन से सुविधा मिलती तो गोवंश नहीं मरते। ग्रामीणों की सूचना पर सुरीर पशु चिकित्सालय से पहुंचे डॉॅ. प्रमोद कुमार ने बताया कि बारिश और ओलावृष्टि, तेज ठंडी हवा के चलते कमजोर गोवंश ठंड की चपेट में आ गए। इसके चलते वे मर गए।
कोट
गांव भिदौनी में गोशाला में गोवंश की मौत की सूचना मिलने पर कानूनगो को जांच के लिए भेजा गया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
-राकेश सोनी, तहसीलदार
कोट
गांव भिदौनी में गोशाला में गोवंशों के मरने की जानकारी मिली है। चिकित्सकों की टीम भेजी जा रही है। गोवंशों के उपचार तथा रखरखाव के इंतजाम दुरुस्त किए जाएंगे।
-कृष्ण दत्त तिवारी, एसडीएम मांट