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लोकगायकी के संरक्षण में जुटी महिलाओं का सम्मान
ब्यूरो, अमर उजाला मथ्ाुरा/फरह
Updated Tue, 13 Oct 2015 11:01 PM IST
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लोक गायकी के संरक्षण और संवर्धन के लिए प्रयास कर रहीं पांच महिला गायकों को सांसद हेमा मालिनी ने स्मृति चिन्ह भेंटकर सम्मानित किया। पंडित दीनदयाल उपाध्याय जन्मोत्सव मेले के अंतिम दिन आयोजित लोकगीत प्रतियोगिता में इन सभी ने प्रतिभाग किया था।
कार्यक्रम के शुभारंभ अवसर पर ही मेरठ निवासी नीता गुप्ता, सिरसागंज फीरोजाबाद निवासी लोक गायिका सितारा बेगम, आगरा निवासी सीमा पोरवाल, शिकोहाबाद निवासी कृष्णकुमारी माथुर और बिचुपरी आगरा की संतोष देवी कुशवाह को सांसद हेमा मालिनी ने स्मृति चिन्ह दिए और शाल ओढ़ाई।
इन पांच विभूतियों ने अपने सुरों से लोकगीतों को भी आवाज दी। इस प्राचीन विधा पर मोहित होकर सांसद हेमा मालिनी ने लोक गायकों के लिए एक सभागार बनवाने की घोषणा की। उन्होंने ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ कार्यक्रम के लिए महिलाओं से आगे आने को कहा। आयोजन में रीना सिंह, रूबी शाक्य, राखी गुप्ता, सुषमा दीक्षित आदि का सहयोग रहा। सम्मानित महिलाएं आकाशवाणी पर भी लोकगीत को बढ़ावा दे रही हैं।
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डीजे बंद कराने के लिए चलाई मुहिम
मेरठ निवासी नीता गुप्ता वर्तमान में भारत विकास परिषद के साथ तमाम सेवा के कार्यों से जुड़ी हैं। छोटे बच्चों की प्रतिभा निखारने में जुटी नीता सेंसर बोर्ड सदस्य भी हैं। अपने ‘लर्निंग प्वांइट’ एनजीओ के माध्यम से वे बच्चों को संगीत के साथ चित्रकारी, लोकगीत और बाल अभिरुचि के कार्यों में पारंगत कर रही हैं। उन्होंने बताया कि अपने आसपास बज रहे डीजे संगीत को बंद कराने के लिए उन्होंने लोगों के सहयोग से मुहिम भी चलाई। अब वहां लोकगीत ही गाए जाते हैं। वे महिलाओं के उत्थान के लिए भी काम रहीं हैं।
विदेशी छात्राओं को भाए लोकगीत
केंद्रीय हिंदी संस्थान, आगरा में अध्यनरत विदेशी छात्राएं भी जन्मोत्सव मेला में पहुंचीं। यहां लोकगीत आयोजन के दौरान ढोलक और हारमोनियम की धुन पर उन्होंने भी नृत्य किया। विदेशी छात्राओं ने सांसद हेमा मालिनी के साथ फोटो भी खिंचाए। मधुकर सभागार में आयोजित कार्यक्रम के दौरान छात्राओं ने ग्रामीण महिलाओं से भी बात की। इस दौरान अजरबेजान की अफसाना ने बताया कि गांव तो उन्होंने पहले भी देखे लेकिन देशी गाना यहीं सुना।
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कार्यक्रम के शुभारंभ अवसर पर ही मेरठ निवासी नीता गुप्ता, सिरसागंज फीरोजाबाद निवासी लोक गायिका सितारा बेगम, आगरा निवासी सीमा पोरवाल, शिकोहाबाद निवासी कृष्णकुमारी माथुर और बिचुपरी आगरा की संतोष देवी कुशवाह को सांसद हेमा मालिनी ने स्मृति चिन्ह दिए और शाल ओढ़ाई।
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इन पांच विभूतियों ने अपने सुरों से लोकगीतों को भी आवाज दी। इस प्राचीन विधा पर मोहित होकर सांसद हेमा मालिनी ने लोक गायकों के लिए एक सभागार बनवाने की घोषणा की। उन्होंने ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ कार्यक्रम के लिए महिलाओं से आगे आने को कहा। आयोजन में रीना सिंह, रूबी शाक्य, राखी गुप्ता, सुषमा दीक्षित आदि का सहयोग रहा। सम्मानित महिलाएं आकाशवाणी पर भी लोकगीत को बढ़ावा दे रही हैं।
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डीजे बंद कराने के लिए चलाई मुहिम
मेरठ निवासी नीता गुप्ता वर्तमान में भारत विकास परिषद के साथ तमाम सेवा के कार्यों से जुड़ी हैं। छोटे बच्चों की प्रतिभा निखारने में जुटी नीता सेंसर बोर्ड सदस्य भी हैं। अपने ‘लर्निंग प्वांइट’ एनजीओ के माध्यम से वे बच्चों को संगीत के साथ चित्रकारी, लोकगीत और बाल अभिरुचि के कार्यों में पारंगत कर रही हैं। उन्होंने बताया कि अपने आसपास बज रहे डीजे संगीत को बंद कराने के लिए उन्होंने लोगों के सहयोग से मुहिम भी चलाई। अब वहां लोकगीत ही गाए जाते हैं। वे महिलाओं के उत्थान के लिए भी काम रहीं हैं।
विदेशी छात्राओं को भाए लोकगीत
केंद्रीय हिंदी संस्थान, आगरा में अध्यनरत विदेशी छात्राएं भी जन्मोत्सव मेला में पहुंचीं। यहां लोकगीत आयोजन के दौरान ढोलक और हारमोनियम की धुन पर उन्होंने भी नृत्य किया। विदेशी छात्राओं ने सांसद हेमा मालिनी के साथ फोटो भी खिंचाए। मधुकर सभागार में आयोजित कार्यक्रम के दौरान छात्राओं ने ग्रामीण महिलाओं से भी बात की। इस दौरान अजरबेजान की अफसाना ने बताया कि गांव तो उन्होंने पहले भी देखे लेकिन देशी गाना यहीं सुना।