फैशन डिजाइनर सुसाइड केस: सिपाही ने भरोसा नहीं जिस्म भी नोचा, वीडियो में बयां किया वो दर्द, जिस वजह से दी जान
आत्महत्या करने वाली फैशन डिजाइनर के सुसाइड से पहले के दो वीडियो सामने आए हैं, जिनमें उसने सिपाही जेबी गौतम पर शारीरिक और मानसिक शोषण के आरोप लगाए हैं। वीडियो में महिला ने पुलिस पर सुनवाई न करने का आरोप लगाते हुए प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री से इंसाफ की गुहार लगाई है।
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आगरा के सदर क्षेत्र में बहन के घर आत्महत्या करने वाली फैशन डिजाइनर के मामले में शुक्रवार को दो वीडियो सामने आए। इनमें वह अपना दर्द बयां करती दिख रही है। पुलिस को भी कठघरे में खड़ा किया है। थाने जाने पर सुनवाई नहीं होने और मुकदमे के चक्कर में न पड़ने का दबाव बनाने की बात भी कही है। डीसीपी का कहना है कि पीड़िता ने कोई तहरीर नहीं दी थी। हालांकि सिपाही के बर्खास्तगी की फाइल खोल दी गई है।
मूलरूप से सहावर, कासगंज निवासी महिला के प्रेम संबंध कानपुर देहात के सरदारपुर निवासी जेबी गाैतम से चल रहे थे। वह थाना ताजगंज में कंप्यूटर ऑपरेटर था। महिला ने सदर क्षेत्र में रहने वाली बहन के घर आकर बुधवार को आत्महत्या कर ली थी। मामले में पिता की तहरीर पर आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरित करने और शादी का वादा कर शारीरिक शोषण की प्राथमिकी दर्ज की गई। आरोपी सिपाही को गिरफ्तार कर लिया गया था।
इस केस में कुछ नहीं होगा। क्या यही कानून है। क्या लड़कियों के लिए कोई कानून नहीं बना, जो हमारी रक्षा के लिए बैठे हैं, वही अगर यह कहकर भेजे दें कि कुछ नहीं होगा तो हम कहां जाएं। किसी ने कहा कि छोड़ दो। किसी ने कहा कि मुकदमा मत करो। तुम भटकोगी, तुम परेशान होगी।
दूसरे वीडियो में बोल रही है कि उसका (सिपाही जेबी गाैतम) बड़ा भाई एक तरफ मुझसे कह रहा है कि तुम शादी कर लो एक तरफ जेबी गाैतम मुझसे यह भी कह रहा है कि मेरे घरवाले तुमसे शादी नहीं करने देंगे। उसका बड़ा भाई, फ्लैट में रहा था। क्या उसे तब समझ में नहीं आया कि वो उसके भाई की पत्नी बनकर रह रही है। महिला कह रही है कि क्या पुलिस वालों पर कोई कार्रवाई नहीं। इसलिए सब बच जाते हैं।
अगर यही सब सच है तो ऐसे कानून से मुझे कोई उम्मीद नहीं है। मर भी गई तो उस शख्स को कड़ी से कड़ी सजा दी जाए। वो और उसका पूरा परिवार मरने की वजह हैं। इतना मानसिक उत्पीड़न किया कि मरने के लिए मजबूर कर दिया। मैं अपनी जान तो दे रही हूं। इंसाफ मिले। प्रधानमंत्री और योगी आदित्यनाथ से ही उम्मीद है।
डीसीपी सिटी सय्यद अली अब्बास ने बताया कि युवती से तहरीर देने के लिए कहा गया था। मगर उन्होंने तहरीर नहीं दी। वह एक युवती के साथ आई थी। बाद में वो चली गईं। यह आरोप गलत है कि पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज नहीं की। मामले में विवेचना की जा रही है। साक्ष्य संकलन किया जाएगा। मोबाइल को विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजा जाएगा। आरोपी सिपाही की बर्खास्तगी की फाइल खोल दी गई है।