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सिंचाई विभाग के कारण किसानों को मिलेगा देर से पानी
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मथुरा। अभी तक सिंचाई विभाग की सिल्ट सफाई की लापरवाही पर नाराज हो रहे मांट क्षेत्र के किसानोें के लिए एक और मुसीबत आ र्गई। रविवार रात मांट ब्रांच की नहर में अलीगढ़ से पानी आ गया। इससे निचले कई रजबहा रातों रात भर गए यह पानी किसानों के खेतोें तक पहुंच गया। परेशान किसानों ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों से गुहार लगाई है। सिंचाई बंधुओं ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप लगाया है।
किसान सिंचाई के लिए नहरों और रजबहा की साफ-सफाई में जुटे थे। मांट ब्रांच में भी सिल्ट सफाई का काम चल रहा था। अभी करीब ३० प्रतिशत सिल्ट ही उठ सकी थी कि रविवार रात को अलीगढ़ से निचली मांट ब्रांच नहर मेें पानी आ गया। पानी की गति इतनी तेज थी कि वह रातों रात सबसे निचली मानी जाने वाले जुगसना रजबहा की तरफ मुड़ गया और किसानोें के खेतों में भर गया। किसानों के खेतोें में पहले से भी बारिश का पानी भरा हुआ था। नहर का पानी आने से सैकड़ों किसानों के खेत लबालब हो गए।
यह देख कर ठंड में किसानों के पसीने छूट गए। उन्होंने सिंचाई अधिकारियों से बातचीत की। इसके बाद सिंचाई अधिकारियों ने अलीगढ़ सिंचाई विभाग से बात करके पानी रुकवा दिया। सिंचाई बंधु के उपाध्यक्ष सुधीर रावत ने बताया कि किसानों को इससे भारी नुकसान हुआ है और यह नुकसान सिंचाई विभाग के अधिकारियों की लापरवाही के कारण हुआ है। सिल्ट साफ करते समय उनको खेतों को जाने वाले सभी कुलावे और गूल बंद कर देने चाहिए।
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उधर, मांट ब्रांच के सिंचाई विभाग के अधिशाषी अभियंता सौर्यवर्द्धन ने बताया कि ऊपर से पानी किस तरह आया नहीं पता लग सका है। लेकिन इसमें हरनौल एस्केप के निकट किसानों की भी भूमिका थी। इस संबंध मेें सिंचाई विभाग के एई सुनील कुमार ने रिपोर्ट दर्ज कराईहै। यह पानी किसानों के खेतोें में नहीं गया है। खेतों में पहले से बारिश का पानी भरा हुआ था।
किसानों को लाखों रुपये की लगी चपत
दरअसल, किसान सिल्ट सफाई के दौरान अपने खेतोें से पानी निकाल रहे थे। इसके लिए वह हजारों रुपये का डीजल लगाकर खेतों से पंप आदि के माध्यम से पानी निकाल रहे थे। रजबहा का पानी खेतों में उतरने से उनके खेतों में फिर से पानी भर गया। निचली मांट ब्रांच में आया पानी बल्देव के पास जुगसना रजबहा के गांव भरऊ बल्टी गढ़ी, बिजारी, नगला बीच, लाल सिंह गढ़ी, सौंख खेड़ा, अजुर्निया,भीतेंला,नगला हरी के किसानों के खेतों मेें आया है।
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किसान सिंचाई के लिए नहरों और रजबहा की साफ-सफाई में जुटे थे। मांट ब्रांच में भी सिल्ट सफाई का काम चल रहा था। अभी करीब ३० प्रतिशत सिल्ट ही उठ सकी थी कि रविवार रात को अलीगढ़ से निचली मांट ब्रांच नहर मेें पानी आ गया। पानी की गति इतनी तेज थी कि वह रातों रात सबसे निचली मानी जाने वाले जुगसना रजबहा की तरफ मुड़ गया और किसानोें के खेतों में भर गया। किसानों के खेतोें में पहले से भी बारिश का पानी भरा हुआ था। नहर का पानी आने से सैकड़ों किसानों के खेत लबालब हो गए।
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यह देख कर ठंड में किसानों के पसीने छूट गए। उन्होंने सिंचाई अधिकारियों से बातचीत की। इसके बाद सिंचाई अधिकारियों ने अलीगढ़ सिंचाई विभाग से बात करके पानी रुकवा दिया। सिंचाई बंधु के उपाध्यक्ष सुधीर रावत ने बताया कि किसानों को इससे भारी नुकसान हुआ है और यह नुकसान सिंचाई विभाग के अधिकारियों की लापरवाही के कारण हुआ है। सिल्ट साफ करते समय उनको खेतों को जाने वाले सभी कुलावे और गूल बंद कर देने चाहिए।
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उधर, मांट ब्रांच के सिंचाई विभाग के अधिशाषी अभियंता सौर्यवर्द्धन ने बताया कि ऊपर से पानी किस तरह आया नहीं पता लग सका है। लेकिन इसमें हरनौल एस्केप के निकट किसानों की भी भूमिका थी। इस संबंध मेें सिंचाई विभाग के एई सुनील कुमार ने रिपोर्ट दर्ज कराईहै। यह पानी किसानों के खेतोें में नहीं गया है। खेतों में पहले से बारिश का पानी भरा हुआ था।
किसानों को लाखों रुपये की लगी चपत
दरअसल, किसान सिल्ट सफाई के दौरान अपने खेतोें से पानी निकाल रहे थे। इसके लिए वह हजारों रुपये का डीजल लगाकर खेतों से पंप आदि के माध्यम से पानी निकाल रहे थे। रजबहा का पानी खेतों में उतरने से उनके खेतों में फिर से पानी भर गया। निचली मांट ब्रांच में आया पानी बल्देव के पास जुगसना रजबहा के गांव भरऊ बल्टी गढ़ी, बिजारी, नगला बीच, लाल सिंह गढ़ी, सौंख खेड़ा, अजुर्निया,भीतेंला,नगला हरी के किसानों के खेतों मेें आया है।