UP News: जिस हथिनी सूजी पर बनाई गई थी डॉक्यूमेंट्री, 74 साल की उम्र में थम गईं सांसें, सर्कस से लाई गई थी
हथिनी सूजी की सांसें 74 साल की उम्र में थम गईं। आंध्र प्रदेश के सर्कस से मुक्त कराकर लाई गई थी। हथिनी को लेकर कुछ समय पहले डॉक्यूमेंट्री भी बनाई गई थी।
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उत्तर प्रदेश के मथुरा में करीब 10 साल से फरह स्थित हाथी संरक्षण एवं देखभाल केंद्र की शोभा बढ़ा रही हथिनी सूजी हमेशा के लिए खामोश हो गई है। 74 साल की उम्र में सूजी ने रविवार को जिंदगी की आखिरी सांस ली।
प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी रजनीकांत मित्तल ने बताया कि करीब 10 साल पहले हथिनी को आंध्र प्रदेश के सर्कस से मुक्त कराया गया था। इसके बाद से हथिनी संरक्षण केंद्र में प्रवास कर रही थी। यहीं उसे सूजी नाम दिया गया था। हथिनी को लेकर कुछ समय पहले डॉक्यूमेंट्री भी बनाई गई थी।
रविवार सुबह सूजी की सांसें थम गईं। वाइल्ड लाइफ एसओएस टीम द्वारा हथिनी का अंतिम संस्कार किया गया। उसका पोस्टमार्टम की कराया गया है। हथिनी की पोस्टमार्टम रिपोर्ट आना अभी बाकी है। इसके बाद ही सूजी की मौत की सही वजह साफ हो पाएगी।
अब केंद्र में शेष बचे हैं 32 हाथी और हथिनी
सूजी की मौत के बाद केंद्र में रहने वाले अन्य हाथी और हथिनी उदास नजर आए। अब केंद्र में केवल 32 हाथी और हथिनी शेष बचे हैं। इनका विभागीय अधिकारियों द्वारा विशेष संरक्षण किया जा रहा है।